जन्म पत्रिका में संयम और बौद्धिकता से यदि तलाशा जाये तो ग्रह-नक्षत्रों के ऐसे अनेक संयोग मिल जाएंगे जो लड़कियों का विवाह करवाने, न करवाने अथवा विलंब आदि से करवाने के संकेत देते हैं। ग्रह-गोचर आदि की सूक्ष्म गणनाओं से विवाह की समयावधि का भी ठीक-ठीक अनुमान लगाया जा सकता है और तदनुसार विवाह संपन्न भी होते हैं। परंतु ऐसे अनेक प्रकरण सामने आते हैं कि व्यक्तिगत जन्मपत्रिका में विवाह के स्पष्ट संकेत होने के बाद भी विवाह किन्हीं कारणों से संपन्न नहीं हो पाता और लड़की सहित पूरे परिवार के लिए मानसिक संत्रास का एक कारण बन जाता है। यदि जन्म पत्रिका में विवाह न हो पाने के कारण ऐसी विपरीत परिस्थिति बन रही हो तो यह उपाय एक बार अवश्य करके देखिये। दुर्भाग्यवश बन रही विपरीत परिस्थिति और बाधा आदि का आशानुरूप समाधान हो जाएगा। विवाह की कामना रखने वाली लड़कियां सात जनेऊ हल्दी के घोल में पीले रंग लें, सात पीतल के सिक्के ले लें। यदि सिक्के सुलभ न हो पाएं तो पीतल की पतली शीट में से सिक्के के आकार के सात टुकड़े कटवा लें, सात हल्दी की अखंडित गांठ ले लें, सात गुड़ के छोटे-छोटे टुकड़े ले लें, सात पीले फूल, सत्तर सेंटी मीटर पीला कपड़ा, सत्तर ग्राम चने की दाल और एक भोजपत्र का वर्गाकार टुकड़ा ले लें।


विवाह विशेषांक  मार्च 2014

फ्यूचर समाचार पत्रिका के विवाह विशेषांक में सुखी वैवाहिक जीवन के ज्योतिषीय सूत्र, वैदिक विवाह संस्कार पद्धति, कुंडली मिलान का महत्व, विवाह के प्रकार, वर्तमान परिपेक्ष्य में कुंडली मिलान, तलाक क्यों, शादी के समय निर्धारण में सहायक योग, शनि व मंगल की वैवाहिक सुख में भूमिका, शादी में देरी: कारण-निवारण, दाम्पत्य जीवन सुखी बनाने के उपाय तथा कन्या विवाह का अचूक उपाय आदि विषयों पर विस्तृत जानकारी देने वाले आलेखों को सम्मिलित किया गया है।

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