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जब चंद्र पर होगा मनुष्य का जन्म

भारतिय वैज्ञानिकों को चंद्र अभियान कार्यक्रम में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। अमेरिका, रूस, यूरोप, जापान व् चीन के बाद भारत चंद्र अभियान शुरू करने वाला विश्व का छठा राष्ट्र है। चंद्रयान का प्रक्षेपण का प्रक्षेपण गत २२ अक्टूबर २००८ को प्रात: श्री हरिकोटा

वक्री ग्रह

पृथ्वी और ग्रह दोनों ही अपनी-अपनी गति से सूर्य के चारांे ओर चक्कर लगाते हैं। जब ग्रह और पृथ्वी दोनों ही सूर्य के एक ओर आ जाते हैं तो पृथ्वी की गति ग्रह की गति से अधिक होने के कारण, ग्रह पृथ्वी से स्थिर प्रतीत होते हैं। मान लीजिए, शनि ग्रह एक स्थान पर स्थित है एवं पृथ्वी ।

क्या आप जानते हैं

क्या आप जानते है की आकाश में लगभग १०० करोड़ ब्रह्माण्ड है और हमारे ब्रह्माण्ड में लगभग दस हजार करोड़ तारे हैं. इस प्रकार पूरे आकाश में लगभग दस लाख करोड़ तारे हैं. हमारी आकाश गंगा का व्यास लगभग

प्लूटो अब केवल लघु ग्रहों की श्रेणी में

24 अगस्त 2006 को प्राग अंतर्राष्ट्रीय खगोल संघ ;प्दजमतदंजपवदंस ।ेजतवदवउपबंस न्दपवदद्ध के 2500 से अधिक खगोलविदों के पुनर्विचार एवं पुनर्परिभाषा के कारण प्लूटो को अब केवल लघु ग्रहों की श्रेणी में स्थापित कर दिया गया है। पहले भी 1801 में सेरेस नामक लघु ग्रह ;।ेजमतवपकद्ध की खोज हुई थी और उस समय इसे आठवें ग्रह के रूप में स्थापित किया गया था। बीस वर्ष पश्चात यूरेनस की खोज हुई और उसके बाद अन्य अनेक नए ग्रहों की। लगभग 1850 में सेरेस को भी ग्रह की श्रेणी से हटाकर उल्का पिंड की श्रेणी में डाल दिया गया था।

नए ग्रहों एवं राशियों की खोज का ज्योतिष पर प्रभाव

हाल ही में प्लूटो के आगे १०वें ग्रह की खोज की गई है। खोगोलज्ञों ने कैलिफोर्निया की पालोमर वेधशाला में सेडना नामक १०वें ग्रह का पता लगाया है। यह ग्रह पृथ्वी से १३ अरब कि. मी. दूर है। इसका व्यास लगभग १२०० कि. मी. हैं। इसका रंग मंगल से भी अधिक लाल

पुस्तकेंऔर देखें

सरल ज्योतिष

सरल ज्योतिष

सरल ज्योतिष पुस्तक की रचना ज्योतिष के प्रारंभिक छात्रों की रूचि, योग्यता, अवस्था और देश काल पात्र को ध्यान में रखते हुए की गयी हैं। सरल ज्योतिष पुस्तक में ज्योतिष से सम्बंधित खगोल ज्ञान, गणित, ज्योतिष फलित, गोचर, पंचांग के अध्ययन तथा कुंडली मिलान के प्रारंभिक ज्ञान के विषयों को लिखा गया हैं।

फेंगशुई

फेंगशुई

फेंगशुई पुस्तक हमें यह बताती है की घर की सजावट, फर्नीचर, पर्दों के रंग, कमरों के रंग किस किस तरह से यह सब चीजें हमारे जीवन को प्रभावित करती हैं। फेंगशुई आतंरिक वातावरण को नियंत्रित करने, घर में जीवन को शांतिपूर्ण एवं सरस बनाने में बेजोड़ सहायक हैं।

कुंडली  मिलान किताब

कुंडली मिलान किताब

सरल अष्टकूट मिलान पुस्तक कुंडली मिलान की आवश्यकता कब, क्यों और कैसे, तथा विवाह की असफलता के कारणों पर प्रकाश डालती हैं। कुंडली मिलान द्वारा हम यह जानने की कोशिश करते है की लडके व् लड़की की प्रकृति, मनोवृति एवं अभिरुचि क्या है।

सरल हस्तरेखा शास्त्र

सरल हस्तरेखा शास्त्र

हस्तरेखा विज्ञान भारतीय समाज और परिवेश में तो युगों पहले से ही प्रचलित है। माना जाता है की समुद्र ऋषि ऐसे पहले भारतीय ऋषि थे, जिन्होंने क्रमबद्ध रूप से ज्योतिष विज्ञान की रचना की।

नवीनतम रिसर्च जर्नल कलेक्शंसऔर देखें

लेख

जब चंद्र पर होगा मनुष्य का जन्म

दिसम्बर 2008

व्यूस: 4852

भारतिय वैज्ञानिकों को चंद्र अभियान कार्यक्रम में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। अमेरिका, रूस, यूरोप, जापान व् चीन के बाद भारत चंद्र अभियान शुरू करने वाला विश्व का छठा राष्ट्र है। चंद्रयान का प्रक्षेपण...और पढ़ें

वक्री ग्रह

अप्रैल 2015

व्यूस: 5818

पृथ्वी और ग्रह दोनों ही अपनी-अपनी गति से सूर्य के चारांे ओर चक्कर लगाते हैं। जब ग्रह और पृथ्वी दोनों ही सूर्य के एक ओर आ जाते हैं तो पृथ्वी की गति ग्रह की गति से अधिक होने के कारण, ग्रह पृथ्वी से...और पढ़ें

क्या आप जानते हैं

मार्च 2004

व्यूस: 98

क्या आप जानते है की आकाश में लगभग १०० करोड़ ब्रह्माण्ड है और हमारे ब्रह्माण्ड में लगभग दस हजार करोड़ तारे हैं. इस प्रकार पूरे आकाश में लगभग दस लाख करोड़ तारे हैं. हमारी आकाश गंगा का व्यास लगभग...और पढ़ें

प्लूटो अब केवल लघु ग्रहों की श्रेणी में

अकतूबर 2006

व्यूस: 2350

24 अगस्त 2006 को प्राग अंतर्राष्ट्रीय खगोल संघ ;प्दजमतदंजपवदंस ।ेजतवदवउपबंस न्दपवदद्ध के 2500 से अधिक खगोलविदों के पुनर्विचार एवं पुनर्परिभाषा के कारण प्लूटो को अब केवल लघु ग्रहों की श्रेणी में स्था...और पढ़ें

नए ग्रहों एवं राशियों की खोज का ज्योतिष पर प्रभाव

अकतूबर 2005

व्यूस: 238

हाल ही में प्लूटो के आगे १०वें ग्रह की खोज की गई है। खोगोलज्ञों ने कैलिफोर्निया की पालोमर वेधशाला में सेडना नामक १०वें ग्रह का पता लगाया है। यह ग्रह पृथ्वी से १३ अरब कि. मी. दूर है। इसका व्यास लगभग १२...और पढ़ें

ब्रह्मांड : कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

मार्च 2008

व्यूस: 9494

हमारे इस ब्रह्मांड में लगभग चार हजार करोड तारे है और इस प्रकार के ब्रह्मांड एक हजार करोड से अधिक हमारा यह ब्रह्मांड ही इतना विशाल है की यदि सूर्य को एक सूई की नोक के बराबर मान लिया जाए तो नजदीकी तारा ...और पढ़ें

ब्रह्मांड की उत्पत्ति

आगस्त 2012

व्यूस: 10979

संपूर्ण चराचर भूतगण ब्रह्मा के दिन के प्रवेशकाल में अव्यक्त से अर्थात् ब्रह्मा के सूक्ष्म शरीर से उत्पन्न होते हैं और ब्रह्मा की रात्रि के प्रवेशकाल में उस अव्यक्त नामक ब्रह्मा के सूक्ष्म शरीर में लीन...और पढ़ें

पितृ दोष

सितम्बर 2014

व्यूस: 5198

हमारे पूर्वज या पारिवारिक सदस्य जिनकी मृत्यु हो चुकी है उन्हें पितृ कहते हैं। पितृ हमारे व ईश्वर के बीच की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इनकी क्षमताएं व ताकत ईश्वरीय शक्ति जैसी होती है। पितृ मानव और ईश्वर के...और पढ़ें

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