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नीतीश कुमार - बिहार के सुशासन बाबू

नीतीश कुमार जी अपने राजनैतिक जीवन में समय-समय पर अपने किये हुए अचानक निर्णय से सभी को अचंभित करते रहे हैं। जहां पहले वे माननीय मोदी जी के खिलाफ रहा करते थे वहीं कुछ समय से वे मोदी जी के सभी निर्णय की काफी तारीफ कर रहे थे। पहले मोदी जी के नोटबंदी के फैसले को समर्थन देकर उन्होंने पूरे देश को चैंका दिया और अब 27 जुलाई को लालू यादव के बेटे तेजस्वी को लेकर आर. जे. डी.- जे. डी. यू. के बीच हुई लंबी तकरार के बाद उन्होंने 20 महीने पुरानी महागठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और दूसरे दिन ही बी. जेपी. के समर्थन से दोबारा सरकार बनाकर फिर से बिहार के मुख्यमंत्री के पद पर काबिज हो गये। यही है नीतीश जी का काम करने का तरीका।

WhatsApp और ज्योतिष

श्राद्ध-तर्पण विषयक शंका-समाधान प्रश्न - मेरे मन में सदा ये संशय रहता है कि मनुष्यों द्वारा पितरों का जो तर्पण किया जाता है, उसमें जल तो जल में ही चला जाता है, फिर हमारे पूर्वज उससे तृप्त कैसे होते हैं? इसी प्रकार पिंड आदि का सब दान भी यहीं रह जाता है। अतः हम यह कैसे कह सकते हैं कि यह पितर आदि के उपभोग में आता है ? उत्तर- पितरों और देवताओं की योनि ही ऐसी होती है कि वे दूर की कही हुई बातें सुन लेते हैं, दूर की पूजा भी ग्रहण कर लेते हैं और दूर की स्तुति से भी संतुष्ट होते हैं।

जन्मकुंडली, नवग्रह और अष्टलक्ष्मी

मां लक्ष्मी की पूजा से इंसान को धन की प्राप्ति होती है। अगर आप काफी समय से आर्थिक तंगी में हंै तो अपने काम के साथ-साथ मां लक्ष्मी का पूजन अवश्य करें। शास्त्रों के अनुसार लक्ष्मी को चंचला कहा जाता है अर्थात जो कभी एक स्थान पर रूकती नहीं। अतः लक्ष्मी अर्थात धन को स्थायी बनाने के लिए कुछ उपाय, पूजन, आराधना, मंत्र-जाप आदि का विधान है। माँ लक्ष्मी को शास्त्रों-पुराणों-वेदों के अनुसार अलग-अलग रूप में पूजा जाता है।

दीपदान महादान

किसी भी पूजा, साधना को संपन्न करना बिना दीप प्रज्ज्वलन के हम सोच भी नहीं सकते। पूजन का मुख्य उद्देश्य मन को शांति प्रदान करना होता है, अपना ध्यान एकाग्र करना होता है। वेदों में अग्नि को देवता स्वरूप माना गया है क्योंकि यह पंच तत्वों में एक ‘‘अग्नि’’ माना गया है। दीपक का इतिहास उठाकर देखें तो हमें ज्ञात होता है 5000 वर्ष पूर्व से मिट्टी का दीप जलाया जाता है। पारंपरिक रूप से इसे दीप, दीवा, दीपक कहते हैं। इसमें सूत की बाती डालकर तेल या घी डालकर प्रज्ज्वलित किया जाता रहा है। दीप जलाने के पौराणिक मंत्र में कहा गया है कि इसका प्रयोग कल्याणकारी, स्वास्थ्य एवं संपदा देने वाला होता है।

शास्त्रीय धन योग

भागवतम के अनुसार भोग-विलास का फल इन्द्रियों को तृप्त करना नहीं है, उसका प्रयोजन है केवल जीवन निर्वाह। जीवन का फल भी तत्त्व जिज्ञासा है, बहुत कर्म करके स्वर्गादि प्राप्त करना उसका फल नहीं है। शास्त्रीय ज्ञान के विपरीत, वर्तमान युग में मनुष्य आर्थिक समृद्धि को ही जीवन का सार और कर्मों का फल मानता है। फलस्वरूप, वैध-अवैध साधनों द्वारा धन संग्रह करने के लिए लालायित एवं प्रयासरत रहता है।

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सनातन धर्म और अध्यात्म

सनातन धर्म और अध्यात्म

ज्योतिष पूर्णत: वैज्ञानिक हैं। ज्योतिष मानव कल्याण का एक बहुत बड़ा साधन हैं। इसका प्रयोग कर व्यक्ति स्वयं को श्रेष्ठ बना सकता है। ज्योतिष न केवल भविष्य को समझने का साधन हैं बल्कि यह मन को समझने का सबसे महत्वपूर्ण साधन हैं। जो व्यक्ति अपने मन पर नियंत्रण रखने लगता है वह अपने जीवन की सभी गतिविधियों पर नियंत्रण कर लेता है।

रुद्राक्ष

रुद्राक्ष

रुद्राक्ष को भगवान शिव का अश्रु कहा गया है। शास्त्रों में रुद्राक्ष सिद्धिदायकए पापनाशकए पुण्यवर्धकए रोगनाशकए तथा मोक्ष प्रदान करने वाला कहा गया हैद्य रुद्राक्ष तन.मन की बहुत सी बीमारियों में राहत पहुँचाता है।

प्रारंभिक ज्योतिष

प्रारंभिक ज्योतिष

आप ज्योतिष क्षेत्र में रूचि रखते हैं लेकिन सीखने का माध्यम अभी तक प्राप्त नहीं हुआ था या ज्योतिष में ज्ञान था लेकिन क्रमबद्ध नहीं था प्रारंभिक ज्योतिष की यह सीडी आपकी आवश्यकता को समझकर ही तैयार की गई है। अवश्य देखिए -

ज्योतिष उपाय

ज्योतिष उपाय

ज्योतिष में संपूर्ण ज्ञान होते हुए भी तबतक वह अधूरा है जबतक कि उसके उपाय न मालूम हो। यह ठीक उसी तरह है जैसे डाॅक्टर बीमारी को समझे लेकिन दवा न बता पाए। इस सीडी के द्वारा आप जान पाएंगे कि किस कुंडली के लिए तथा किस समस्या के लिए क्या उपाय किया जाना चाहिए। अवश्य जानिए -

पुस्तकेंऔर देखें

सरल ज्योतिष

सरल ज्योतिष

सरल ज्योतिष पुस्तक की रचना ज्योतिष के प्रारंभिक छात्रों की रूचि, योग्यता, अवस्था और देश काल पात्र को ध्यान में रखते हुए की गयी हैं। सरल ज्योतिष पुस्तक में ज्योतिष से सम्बंधित खगोल ज्ञान, गणित, ज्योतिष फलित, गोचर, पंचांग के अध्ययन तथा कुंडली मिलान के प्रारंभिक ज्ञान के विषयों को लिखा गया हैं।

फेंगशुई

फेंगशुई

फेंगशुई पुस्तक हमें यह बताती है की घर की सजावट, फर्नीचर, पर्दों के रंग, कमरों के रंग किस किस तरह से यह सब चीजें हमारे जीवन को प्रभावित करती हैं। फेंगशुई आतंरिक वातावरण को नियंत्रित करने, घर में जीवन को शांतिपूर्ण एवं सरस बनाने में बेजोड़ सहायक हैं।

कुंडली  मिलान किताब

कुंडली मिलान किताब

सरल अष्टकूट मिलान पुस्तक कुंडली मिलान की आवश्यकता कब, क्यों और कैसे, तथा विवाह की असफलता के कारणों पर प्रकाश डालती हैं। कुंडली मिलान द्वारा हम यह जानने की कोशिश करते है की लडके व् लड़की की प्रकृति, मनोवृति एवं अभिरुचि क्या है।

सरल हस्तरेखा शास्त्र

सरल हस्तरेखा शास्त्र

हस्तरेखा विज्ञान भारतीय समाज और परिवेश में तो युगों पहले से ही प्रचलित है। माना जाता है की समुद्र ऋषि ऐसे पहले भारतीय ऋषि थे, जिन्होंने क्रमबद्ध रूप से ज्योतिष विज्ञान की रचना की।

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लेख

नीतीश कुमार - बिहार के सुशासन बाबू

अकतूबर 2017

व्यूस: 124

नीतीश कुमार जी अपने राजनैतिक जीवन में समय-समय पर अपने किये हुए अचानक निर्णय से सभी को अचंभित करते रहे हैं। जहां पहले वे माननीय मोदी जी के खिलाफ रहा करते थे वहीं कुछ समय से वे मोदी जी के सभी निर्णय ...और पढ़ें

WhatsApp और ज्योतिष

अकतूबर 2017

व्यूस: 172

श्राद्ध-तर्पण विषयक शंका-समाधान प्रश्न - मेरे मन में सदा ये संशय रहता है कि मनुष्यों द्वारा पितरों का जो तर्पण किया जाता है, उसमें जल तो जल में ही चला जाता है, फिर हमारे पूर्वज उससे तृप्त कैसे ...और पढ़ें

जन्मकुंडली, नवग्रह और अष्टलक्ष्मी

अकतूबर 2017

व्यूस: 351

मां लक्ष्मी की पूजा से इंसान को धन की प्राप्ति होती है। अगर आप काफी समय से आर्थिक तंगी में हंै तो अपने काम के साथ-साथ मां लक्ष्मी का पूजन अवश्य करें। शास्त्रों के अनुसार लक्ष्मी को चंचला कहा जात...और पढ़ें

दीपदान महादान

अकतूबर 2017

व्यूस: 199

किसी भी पूजा, साधना को संपन्न करना बिना दीप प्रज्ज्वलन के हम सोच भी नहीं सकते। पूजन का मुख्य उद्देश्य मन को शांति प्रदान करना होता है, अपना ध्यान एकाग्र करना होता है। वेदों में अग्नि को देवता स्...और पढ़ें

शास्त्रीय धन योग

अकतूबर 2017

व्यूस: 141

भागवतम के अनुसार भोग-विलास का फल इन्द्रियों को तृप्त करना नहीं है, उसका प्रयोजन है केवल जीवन निर्वाह। जीवन का फल भी तत्त्व जिज्ञासा है, बहुत कर्म करके स्वर्गादि प्राप्त करना उसका फल नहीं है। शास...और पढ़ें

आपका नाम, धन और दिवाली के उपाय

सितम्बर 2017

व्यूस: 199

वर्तमान समय में आज प्रत्येक मानव की मनोकामना अत्यधिक नाम कमा कर अधिक से अधिक धन अर्जित करने की रहती है क्योंकि बिना धन के वर्तमान में जीवन-यापन असंभव तो नहीं परंतु कठिन जरूर है। प्रत्येक मानव एक...और पढ़ें

मंत्र एवं तंत्र का तात्विक रूप अभिन्न है !

अकतूबर 2017

व्यूस: 88

मंत्र शब्द मंत्रि गुप्त भीषणे धातु से धम् प्रत्यय द्वारा निष्पन्न होता है। मंत्र शब्द अच् प्रत्यय से भी सिद्ध होता है पर उसका अर्थ होता है सलाह (यथा मंत्री-मंत्रणा-सलाह)। पर इस मंत्र का अर्थ है र...और पढ़ें

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