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राहू कि महादशा में नवग्रहों कि अंतर्दशाओं का फल एवं उपाय

राहू मूलत: छाया ग्रह है, फिर भी उसे एक पूर्ण ग्रह के समान ही माना जाता है। यह आर्द्रा, स्वाति एवं शतभिषा नक्षत्र का स्वामी है। राहू कि दृष्टि कुंडली के पंचम, सप्तम और नवम भाव पर पड़ती है। जिन भावों पर राहू कि दृष्टि का प्रभाव पडता है, वे राहू कि महादशा।

संतान प्राप्ति के अचूक उपाय

यदि किसी व्यक्ति को संतान प्राप्ति में समस्या आ रही हो, तो ऐसे व्यक्ति इस लेख में लिखे गये सरल उपायों को अपना कर संतान की प्राप्ति अति ही सहजता के साथ कर सकते हैं। किंतु उपायों को अति सावधानी से व श्रद्धा के साथ करना अति आवश्यक होता है। उपाय निम्नवत हैं:

हस्तरेखा से जानें धन नौकरी से अथवा व्यवसाय से

वर्तमान समय प्रतिस्पर्धा का समय है, नौकरी व व्यवसाय दोनों ही आजीविका के माध्यम हैं। धन जीवन का एक मुख्य उद्देश्य है। धन नौकरी या व्यवसाय द्वारा हम कमाते हैं। किसी का व्यवसाय सहज ही फलित हो जाता है तो किसी का काफी संघर्षरत रहने के बाद, किसी को पहले ही चांस में नौकरी मिल जाती है, तो किसी को कई बार प्रयास करने के बाद नौकरी मिलती है। यह सब भाग्य द्वारा ही शासित होता है। जिस प्रकार सैकड़ों गायों के झुंड में भटका हुआ बछड़ा भी भूख लगने पर ठीक अपनी माता को ढूँढ़ लेता है, ठीक ऐसे ही हमारा भाग्य हमें ढूँढ़ लेता है और लिखे के अनुसार ही कर्म करने पड़ते हैं। हस्तरेखाओं द्वारा भी भाग्य का यही दृष्टिकोण देखा जाता है कि कौन से कार्य द्वारा जीवन कटेगा। ऐसे ही निम्न प्रकार के योग हंै-

शेयर बाजार में मंदी-तेजी

ग्रहों की गोचर स्थिति सूर्य 16 नवंबर को 12 बजकर 22 मिनट पर तुला राशि से वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा। मंगल 30 नवंबर को 5 बजकर 21 मिनट पर कन्या राशि से तुला राशि में प्रवेश करेगा। बुध 2 नवंबर को रात्रि के 12 बजकर 44 मिनट पर तुला राशि से वृश्चिक राशि में गोचर करेगा। बुध 24 नवंबर को 14 बजकर 3 मिनट पर वृश्चिक राशि से धनु राशि में प्रवेश करेगा। गुरु मासभर तुला राशि में गोचर करेगा। शुक्र 2 नवंबर रात्रि 12ः01 बजे कन्या राशि से तुला राशि में गोचर करेगा। 26 नवंबर को 22 बजकर 9 मिनट पर शुक्र तुला राशि से वृश्चिक राशि में गोचर करेगा। शनि मास भर धनु राशि में गोचर करेगा। राहु मास भर कर्क व केतु मास भर मकर राशि में गोचर करेगा।

शनि ग्रह का धनु राशि से गोचर फल

सूर्य पुत्र शनि हमारे सौर मंडल में सूर्य से सबसे दूर स्थित ग्रह है। इस कारण वह कृष्ण वर्ण, ऊर्जा रहित और शीत प्रकृति ग्रह है। उसकी दृष्टि अशुभ फलदायी होती है। इस बारे में पौराणिक कथा के अनुसार पुत्र जन्म सुनकर सूर्य देव देखने के लिए अपने रथ पर सवार होकर गये। बड़ा पुरस्कार मिलने की लालसा में साथी आगे चला। शनि की सारथी पर दृष्टि पड़ते ही वह अपंग हो गया, जिस पर सूर्य ने तुरंत ही पुत्र को टांग से पकड़ कर उसे ब्रह्मांड में फेंक दिया। यह कथा पिता पुत्र की शत्रुता के कारण पर भी प्रकाश डालती है।

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सनातन धर्म और अध्यात्म

सनातन धर्म और अध्यात्म

ज्योतिष पूर्णत: वैज्ञानिक हैं। ज्योतिष मानव कल्याण का एक बहुत बड़ा साधन हैं। इसका प्रयोग कर व्यक्ति स्वयं को श्रेष्ठ बना सकता है। ज्योतिष न केवल भविष्य को समझने का साधन हैं बल्कि यह मन को समझने का सबसे महत्वपूर्ण साधन हैं। जो व्यक्ति अपने मन पर नियंत्रण रखने लगता है वह अपने जीवन की सभी गतिविधियों पर नियंत्रण कर लेता है।

रुद्राक्ष

रुद्राक्ष

रुद्राक्ष को भगवान शिव का अश्रु कहा गया है। शास्त्रों में रुद्राक्ष सिद्धिदायकए पापनाशकए पुण्यवर्धकए रोगनाशकए तथा मोक्ष प्रदान करने वाला कहा गया हैद्य रुद्राक्ष तन.मन की बहुत सी बीमारियों में राहत पहुँचाता है।

प्रारंभिक ज्योतिष

प्रारंभिक ज्योतिष

आप ज्योतिष क्षेत्र में रूचि रखते हैं लेकिन सीखने का माध्यम अभी तक प्राप्त नहीं हुआ था या ज्योतिष में ज्ञान था लेकिन क्रमबद्ध नहीं था प्रारंभिक ज्योतिष की यह सीडी आपकी आवश्यकता को समझकर ही तैयार की गई है। अवश्य देखिए -

ज्योतिष उपाय

ज्योतिष उपाय

ज्योतिष में संपूर्ण ज्ञान होते हुए भी तबतक वह अधूरा है जबतक कि उसके उपाय न मालूम हो। यह ठीक उसी तरह है जैसे डाॅक्टर बीमारी को समझे लेकिन दवा न बता पाए। इस सीडी के द्वारा आप जान पाएंगे कि किस कुंडली के लिए तथा किस समस्या के लिए क्या उपाय किया जाना चाहिए। अवश्य जानिए -

पुस्तकेंऔर देखें

सरल ज्योतिष

सरल ज्योतिष

सरल ज्योतिष पुस्तक की रचना ज्योतिष के प्रारंभिक छात्रों की रूचि, योग्यता, अवस्था और देश काल पात्र को ध्यान में रखते हुए की गयी हैं। सरल ज्योतिष पुस्तक में ज्योतिष से सम्बंधित खगोल ज्ञान, गणित, ज्योतिष फलित, गोचर, पंचांग के अध्ययन तथा कुंडली मिलान के प्रारंभिक ज्ञान के विषयों को लिखा गया हैं।

फेंगशुई

फेंगशुई

फेंगशुई पुस्तक हमें यह बताती है की घर की सजावट, फर्नीचर, पर्दों के रंग, कमरों के रंग किस किस तरह से यह सब चीजें हमारे जीवन को प्रभावित करती हैं। फेंगशुई आतंरिक वातावरण को नियंत्रित करने, घर में जीवन को शांतिपूर्ण एवं सरस बनाने में बेजोड़ सहायक हैं।

कुंडली  मिलान किताब

कुंडली मिलान किताब

सरल अष्टकूट मिलान पुस्तक कुंडली मिलान की आवश्यकता कब, क्यों और कैसे, तथा विवाह की असफलता के कारणों पर प्रकाश डालती हैं। कुंडली मिलान द्वारा हम यह जानने की कोशिश करते है की लडके व् लड़की की प्रकृति, मनोवृति एवं अभिरुचि क्या है।

सरल हस्तरेखा शास्त्र

सरल हस्तरेखा शास्त्र

हस्तरेखा विज्ञान भारतीय समाज और परिवेश में तो युगों पहले से ही प्रचलित है। माना जाता है की समुद्र ऋषि ऐसे पहले भारतीय ऋषि थे, जिन्होंने क्रमबद्ध रूप से ज्योतिष विज्ञान की रचना की।

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लेख

राहू कि महादशा में नवग्रहों कि अंतर्दशाओं का फल एवं उपाय

आगस्त 2008

व्यूस: 227347

राहू मूलत: छाया ग्रह है, फिर भी उसे एक पूर्ण ग्रह के समान ही माना जाता है। यह आर्द्रा, स्वाति एवं शतभिषा नक्षत्र का स्वामी है। राहू कि दृष्टि कुंडली के पंचम, सप्तम और नवम भाव पर पड़ती है। जिन भावों पर ...और पढ़ें

संतान प्राप्ति के अचूक उपाय

सितम्बर 2014

व्यूस: 241427

यदि किसी व्यक्ति को संतान प्राप्ति में समस्या आ रही हो, तो ऐसे व्यक्ति इस लेख में लिखे गये सरल उपायों को अपना कर संतान की प्राप्ति अति ही सहजता के साथ कर सकते हैं। किंतु उपायों को अति सावध...और पढ़ें

हस्तरेखा से जानें धन नौकरी से अथवा व्यवसाय से

अप्रैल 2017

व्यूस: 1194

वर्तमान समय प्रतिस्पर्धा का समय है, नौकरी व व्यवसाय दोनों ही आजीविका के माध्यम हैं। धन जीवन का एक मुख्य उद्देश्य है। धन नौकरी या व्यवसाय द्वारा हम कमाते हैं। किसी का व्यवसाय सहज ही फलित हो जाता है ...और पढ़ें

शेयर बाजार में मंदी-तेजी

नवेम्बर 2017

व्यूस: 2161

ग्रहों की गोचर स्थिति सूर्य 16 नवंबर को 12 बजकर 22 मिनट पर तुला राशि से वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा। मंगल 30 नवंबर को 5 बजकर 21 मिनट पर कन्या राशि से तुला राशि में प्रवेश करेगा। बुध 2 नवंबर को...और पढ़ें

शनि ग्रह का धनु राशि से गोचर फल

नवेम्बर 2017

व्यूस: 3223

सूर्य पुत्र शनि हमारे सौर मंडल में सूर्य से सबसे दूर स्थित ग्रह है। इस कारण वह कृष्ण वर्ण, ऊर्जा रहित और शीत प्रकृति ग्रह है। उसकी दृष्टि अशुभ फलदायी होती है। इस बारे में पौराणिक कथा के अनुसार प...और पढ़ें

टैरो कार्ड द्वारा फलादेश

नवेम्बर 2017

व्यूस: 1986

प्र.1. क्या मेरी बेटी को उसकी इच्छानुसार विश्वविद्यालय में दाखिला मिलेगा? उ.1. ऊपर दी गई तस्वीर के अनुसार हम देख सकते हैं कि एक महिला बैठी हुई है एक सिंहासन पर और आसमान एकदम पीला चमकदार है। आस-...और पढ़ें

घर का वास्तु

नवेम्बर 2017

व्यूस: 1971

प्रश्नः- पंडित जी प्रणाम ! हमें बहुत दिनों के प्रयास के बाद यह फ्लैट हमारे बजट में मिल रहा है। यह सोसाइटी भी अच्छी है, हमारे दफ्तर की बस भी आती है तथा यह घर हमारी सब जरूरतों को भी पूरा करता है। कृ...और पढ़ें

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