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kuch-upyogi-totkaye1393667962
मार्च 2014
व्यूस : 1734

कुछ उपयोगी टोटके

सूरजमुखी के रस में लाल चंदन मिलाकर चांदी के पतरा पर चमेली की कलम से अपना नाम लिखा कर उसे लाल कपड़े में बांधकर अपने पास हर समय पर्स में रखने से सभी कार्य सिद्ध हो जाते हैं। -...

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sadi-mae-dari
मार्च 2014
व्यूस : 1499

शादी में देरी: कारण-निवारण

वैवाहिक जीवन सुखमय बीते इसके लिए शादी से पहले गुण मिलान के साथ-साथ ग्रह मिलान भी आवश्यक है। कन्या की कुंडली में विवाह कारक बृहस्पति होता है और पुरूष की कुंडली में विवाह...

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vivaha
मार्च 2014
व्यूस : 1111

सुखी वैवाहिक जीवन के ज्योतिषीय सूत्र

कुंडली का प्रथम भाव स्वयं जातक, तथा सप्तम भाव जीवन साथी व वैवाहिक जीवन, दर्शाता है। अतः गुण मिलान के बाद लग्न व सप्तम भाव व भावेशों का बलवान होना और उनकी पारस्परिक शुभ...

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yank-sastra
मार्च 2014
व्यूस : 1079

अंक शास्त्र

अंकों का महत्व बड़ा ही आश्चर्यजनक है। संसार का कोई भी क्षेत्र हो अंकों के अभाव में महत्वहीन ही रहता है। आज वैज्ञानिक उपग्रह छोड़ रहे हैं। यह गणना का ही खेल है कि अमुक दूरी...

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kab-hoga
मार्च 2014
व्यूस : 995

कब होगा

आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पार्टी के गठबंधन से दिल्ली में जो सरकार बनी है, यह उसी तरह प्रतीत होती है, जैसे कि किसी लड़के, लड़की को उनके ना ना करते हुए भी जबरन विवाह बंधन में बांध...

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jyotish-ka-sach
मार्च 2014
व्यूस : 944

ज्योतिष का सच

ज्योतिष में ऐसी अनेक प्रणालियाँ हैं जो यह स्पष्ट करती हैं कि खगोलीय घटनाओं का और मानव जगत में घटने वाली घटनाओं में सीधा संबंध होता है। ग्रहों में गुरुत्वाकर्षण बल होता...

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kundali-maye-vibhin
मार्च 2014
व्यूस : 761

कुंडली के विभिन्न भावों में

प्रथम भाव में राहु व्यक्ति को दूसरों के भीतर झांककर उनकी सही पहचान पाने की दृष्टि देता है। वह कष्टदायक, आलसी, बुद्धिहीन, स्वार्थी, अधार्मिक, बातूनी, साहसी तथा विपरीत लिंग...

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baraha-bhawo-maye
मार्च 2014
व्यूस : 673

बारहवें भाव में बुध, गुरु्र एवं शुक्र का फल एवं उपाय

बारहवें घर का बुध जिंदगी में बहुत सारे सुनहरे मौकों के खो जाने का संकेत देता है। बुद्धि का कारक ग्रह इस घर में आकर समझ का ठीक इस्तेमाल नहीं कर पाता। ऐसा बुघ होने पर जुआ...

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dampati-jevan
मार्च 2014
व्यूस : 604

दाम्पत्य जीवन सुखी बनाने के उपाय

विवाह के बाद पति-पत्नी का दांपत्य जीवन प्रारंभ होता है जो दीर्घकाल तक चलता रहता है परंतु कभी-कभी ऐसा होता है कि कुंडली मिलान ठीक न होने या स्वभाव में भिन्नता, संतान का...

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gulab
मार्च 2014
व्यूस : 587

गुलाब

शायद ही संसार में कोई एक व्यक्ति हो जो गुलाब के फूल से परिचित न हो और किसी को आकर्षित न करता हो। कवियों और शायरों ने भी गुलाब को अपनी शायरी में बखूबी इस्तेमाल किया है।...

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talak_kayo
मार्च 2014
व्यूस : 576

तलाक क्यों?

रागुआज लगभग प्रत्येक इंसान अपने पुत्र व पुत्री के विवाह में लाखों, करोड़ों रुपये खर्च कर देते हैं, उसके बावजूद भी विवाह के कुछ माह के उपरांत शादीशुदा जोड़ा कोर्ट में...

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kundali-milan
मार्च 2014
व्यूस : 571

कुंडली मिलान का महत्व

कुंडली मिलान से संबंधित अनेक प्रश्न सामने आते हैं। आइए, कुछ प्रश्नों का समाधान देखते हैं: प्रश्न: क्या कुंडली मिलान कर के भविष्य को सुखमय बनाया जा सकता है? उत्तर: कुंडली...

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mangal-dosh-parihar
मार्च 2014
व्यूस : 559

मंगल दोष परिहार

मंगल यदि प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम एवं द्वादश भाव में हो, तो कुंडली मंगलीक होती है। यदि वर मंगली है, तो वधू का भी मंगली होना वांछनीय है। इस प्रकार एक कुंडली के दोष को...

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sadi-bachpan
मार्च 2014
व्यूस : 548

शादी बचपन में या 55 में

ज्योतिषीय विधान में विवाह कार्य की सिद्धि हेतु जन्म कुण्डली के सप्तम भाव तथा कारक ग्रह को देखा जाता है। लेकिन कुंडली में द्वितीय तथा एकादष भाव भी विवाह में महत्वपूर्ण होते...

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sadi_ka-samaya
मार्च 2014
व्यूस : 525

शादी के समय निर्धारण में सहायक योग

विवाह संबंधी प्रश्न पर विचार करते समय सर्व प्रथम कुंडली में सातवें भाव, सप्तमेश, लग्नेश, शुक्र एवं गुरु की स्थिति को ध्यान में रखना चाहिये। विवाह के लिये सप्तम भाव है।...

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kundali-milan1393661201
मार्च 2014
व्यूस : 511

वर्तमान परिपे्रक्ष्य में कुंडली मिलान

प्रत्येक समाज में विवाह के रीति रिवाज समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों की उपस्थिति में धर्मगुरूओं द्वारा संपादित किये जाते रहे हैं, इसलिये यह कार्य, अलिखित होते हुये...

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panch-pachi
मार्च 2014
व्यूस : 504

पंच पक्षी से वैवाहिक मिलान

वर एवं कन्या के बीच सामंजस्य के मिलान की अनेक पद्धतियां भारत के अलग-अलग हिस्सों में प्रचलित रही हैं। वर एवं कन्या का दांपत्य जीवन सुखी एवं समृद्ध हो इसके लिए अलग-अलग...

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bhagwat-katha
मार्च 2014
व्यूस : 498

भागवत कथा

सनकादि ने नारद जी से कहा- देवर्षि पापियों के पाप का नाष करने हेतु एक प्राचीन इतिहास श्रवण करो। पूर्वकाल में तुंगभद्रा नदी के तटपर अनुपम नगर में समस्त वेदों का विषेषज्ञ...

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why
मार्च 2014
व्यूस : 493

क्यों?

प्रश्न: मंत्र के प्रारंभ में ‘हरि ओऽम’ क्यों? उत्तर: वेद पाठ के प्रारंभ में मंत्रोच्चारण से पूर्व ‘हरि ओऽम’ का उच्चारण करना वैदिक परंपरा है। वेद के अशुद्ध उच्चारण में...

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holi-parv
मार्च 2014
व्यूस : 488

होली: भारत का महापर्व

होली बसंत व प्रेम-प्रणय का पर्व है तथा धर्म की अधर्म पर विजय का प्रतीक है। यह रंगों का, हास-परिहास का भी पर्व है। यह वह त्योहार है, जिसमें लोग ‘क्या करना है, तथा क्या नहीं...

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