संजय दत्त: संघर्ष अभी बाकी ... 2014 के सौभाग्यशाली संतान योग प्रेम-विवाह और ज्योतिषीय ग्रह योग सरस्वती यंत्र/सरस्वती मंत्र


द्वादश भाव को प्रान्त्य, अन्त्य और निपु ये तीन संज्ञायें दी जाती हैं और द्वादश स्थान (बारहवां) को त्रिक भावों में से एक माना जाता है, अक्सर यह माना जाता है कि जो भी ग्रह...
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हस्त सामुद्रिक शास्त्र हमारे पूर्वजों की महान तथा वैज्ञानिक उपलब्धि है और यह बात ढृढ़तापूर्वक कही जा सकती है कि इस शास्त्र द्वारा भावी एवं भविष्य की घटनाओं का वर्णन...
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यह सूर्य का वार है। सर्वप्रथम इसका नंबर एक है। जिसका जन्म 1, 10, 19 और 28 तारीख में हो तो उस जातक पर सूर्य का प्रभाव रहेगा। सूर्य ग्रहों का राजा है और आत्मा का कारक है। इस वार...
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मुहूर्त बताते हैं कि घड़ियों का लाभ किस तरह उठाया जा सकता है और अशुभ घड़ियों से किस तरह बचा जा सकता है। जन्मपत्रिका यदि शिक्षा में बाधा का स्पष्ट संकेत देती है, तो शुभ मुहूर्त...
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अंक या संख्या का शब्द एवं क्रिया से घनिष्ठ संबंध है। (0) शून्य निराकार ब्रह्म या अनन्त का प्रतीक है। शून्य से सृष्टि की उत्पत्ति हुई है एवं शून्य में ही सब कुछ विलीन हो...
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मंगल के जन्म से संबंधित एक बहुत ही सुंदर कथा है। प्राचीन काल में जब हिरण्य कश्यप दैत्य के बड़े भाई हिरण्याक्ष ने पृथ्वी का हरण किया तो पृथ्वी को दैत्य से बचाने के लिए...
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बिहार के एक निम्न मध्यमवर्गीय परिवार में नौ सिंतंबर 1987 को जन्मे तथागत अवतार तुलसी अपने माता-पिता की विलक्षण संतान हैं। उन्होंने नौ साल की उम्र में दसवीं पास की। 12 वर्ष...
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आधुनिक युग भाग-दौड़ और व्यस्तता का युग है। बढ़ते शहरीकरण ने दुनिया को छोटा और लोगों को एक-दूसरे से अनजान कर दिया है। वर्षों तक साथ रहने पर भी एक परिवार के लोग एक-दूसरे की...
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ज्योतिष एक प्राचीनतम विज्ञान है जिसका उल्लेख वेदों में भी आता है। ज्योतिष को मुख्यतः दो भागों में बांटा जा सकता है। प्रथम खगोल शास्त्र - जिसमें आकाश मंडल में विचरण करते...
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इस आलेख का मुख्य उद्देश्य यह है कि हम नवविवाहित दंपत्तियों को अपनी भावी संतान के भविष्य को समझने के लिए कुछ सूत्र दे सकें और वे अपनी संतान के सौभाग्य के लिए उन्हें उनके...
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संतान मनुष्य के जीवन की एक बड़ी ईच्छा है। प्रत्येक दम्पत्ति को संतान प्राप्ति व माता-पिता कहलाने के सौभाग्य की ईच्छा होती है परंतु सभी व्यक्तियों को यह सौभाग्य समान रूप...
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धन जीवन की मौलिक आवश्यकता है। सुखमय, ऐश्वर्य संपन्न जीवन जीने के लिए धन अति आवश्यक है। आधुनिक भौतिकतावादी युग में धन की महत्ता इतनी अधिक बढ़ चुकी है कि धनाभाव में हम विलासितापूर्ण...
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पिछले अंक में महत्वपूर्ण विशिष्ट अंकों की गणना की विधि की चर्चा की गई तथा उनकी व्याख्या किस प्रकार की जाती है, उदाहरण के द्वारा समझाया गया। इसी कड़ी में इस अंक में एक और...
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