वर्ष 2012 का आर्थिक, व्यावसायिक, धन विनियोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा व यात्रा के पक्ष से 12 राशियों का व्यक्तिगत भविष्यफल, नए संवत्सर का मेदिनीय ज्योतिषीय फल।


वर्ष 2012 में शनि अपने उच्च की राशि तुला में रहेंगे व 7 फरवरी से 25 जून तक वक्री रहेंगे। 16 मई 2012 को तुला से कन्या में वापिस आएंगे व 4 अगस्त 2012 को पुनः तुला में प्रवेश करेंगे।...
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साबुत उड़द की दाल में हींग का तड़का लगाकर गरम-गरम खाने से सभी प्रकार के जुकाम में लाभ होता है। ...
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नववर्ष 2012 हमारे लिए कैसा होगा, ग्रहों व नक्षत्रों का प्रभाव हम पर किस प्रकार का होगा, हम क्या उपाय करें कि नववर्ष हमारे लिये मंगलकारी हो।...
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ज्योतिषीय दृष्टिकोण से कुछ ऐसे कार्यो का उपायों के साथ नववर्ष की शुरुआत करें जो वर्ष भर आपके लिए सहायक हो।...
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बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजन का विधान पौराणिक काल से ही चला आ रहा है। बसंत पंचमी को सभी शुभ कार्यो के लिए अत्यंत शुभ मुहूर्त माना गया है। मुखयतः विद्यारंभ, नवीन विद्या प्राप्ति...
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वर्ष 2012 का संबंध हाल ही में माया सभ्यता के कैलेंडरों और सृष्टि के अंत से जोड़कर देखा जाता रहा है। लेकिन ज्योतिष के आइने में यथार्थ में यह वर्ष कब और कितना उतार-चढ़ाव लेकर...
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लाल किताब पद्धति में चंद्र कुंडली का अपना एक अलग महत्व है। इसमें चंद्र कुंडली द्वारा पत्नी और महादशा के बारे में जाना जाता है।...
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सर्व प्रथम आप अपनी जन्मकुंडली से अपनी राशि पता कर लें। इसके पश्चात, आपको यह जानना है कि आज चंद्रमा किस राशि में है। इसकी जानकारी पंचांगों, अखबारों एवं पत्रिकाओं से पा...
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आम तौर पर हर एक व्यक्ति नजला-जुकाम रोग से कभी न कभी प्रभावित होता ही है। मामूली सा दिखने वाला यह रोग कभी-कभी कष्टदायक हो जाता है। ऐसे में नजला-जुकाम से कैसे राहत मिले, पढिए...
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किसी भी देश का भविष्य उस देश की बनी कुंडली के ग्रह दशाओं पर निर्भर करता है। यदि देश की कुंडली में ग्रह गोचर ठीक हों और दशा अच्छे ग्रह की चल रही हो तो वह समय उस देश के लिए अच्छा...
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मकर संक्रांति का पर्व पूरे भारत में विभिन्न नामों, मान्यताओं एवं विधि से मनाया जाता है। इसको मनाने की विस्तृत विधि, मान्यताओं एवं आधुनिक परिवेश में ज्योतिषीय, पौराणिक...
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हिंदू धर्म परंपरा से जुड़ा होने की वजह से इसका अति विशिष्ट महत्व है। यह सरस्वती पूजन का पर्व है।...
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सूर्य जब मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो सूर्य के इस संक्रमण को मकर संक्रांति कहा जाता है। वेदों में सूर्य उपासना को सर्वोपरि बताया गया है। शास्त्रों की मान्यता है कि...
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हमारे तंत्र शास्त्रों में भी ऋतु का बहुत महत्व है। तंत्र शास्त्रों के अनुसार वशीकरण एवं आकर्षण से संबंधित प्रयोग एवं हवन आदि यदि बसंत ऋतु में किये जाये तो वह बहुत ही...
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प्लाट का मुखय द्वार दक्षिण-पूर्व, पूर्व में बना था जिससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। पुत्र को कष्ट व आपसी सामंजस्य की कमी रहती है। ...
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मन भावन बसंत ऋतु का आगमन शीत ऋतु की समाप्ति पर होता है। वैदिक कालों से इस उमंग, उल्लास और उत्साह से भरे बसंत पंचमी पर्व को मनाने का प्रचलन है। माघ शुक्ल पंचमी को मनाया जाने...
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एक खयातिनाम देवालय है देव का सूर्य मंदिर, जो अपनी बनावट, अदभुत कलाकारिता व पश्चिममुखी द्वार के नाम पर देश प्रसिद्ध हैं।...
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पृथ्वी माता के व्रत व पूजन का विशेष महत्व शास्त्रों व पुराणादि में वर्णित है। सभी ने भू देवी का पूजनकर अपने-अने योग्य मनोवांछित फलों को प्राप्त करते हुए जीवन का कल्याण...
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इस वर्ष संवत 2069 चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा दिन शुक्रवार से आरंभ हो रहा है। इसका शास्त्र प्रणालियों, वर्षा एवं फसलों पर प्रभाव है।...
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प्रत्येक देश में उत्सव अपने-अपने तौर-तरीकों से मनाया जाता है। इन उत्सवों में ही नव संदेश देने वाला त्यौहार आता है 'नववर्षोत्सव'। किस देश में किस तरह से नववर्ष मनाया जाता...
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