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दीपावली पर धनदायक वास्तु टिप्स

दीपावली पर धनदायक वास्तु टिप्स  

प्रत्येक व्यक्ति की यही कामना होती है कि माता लक्ष्मी का आगमन हमारे घर में हो और हमें सर्वसमृद्धि की प्राप्ति हो। दीपावली पर की जाने वाली विभिन्न पूजा-अर्चना आदि के साथ-साथ कुछ सरल वास्तु प्रयोगों को भी यदि अपनाया जाये तो निश्चित ही माता लक्ष्मी की कृपा से आपके घर में धन का आगमन सदैव होता रहेगा। 1. अपने घर के ईशान कोण और उत्तर दिशा को सदैव साफ-स्वच्छ, खुला और हल्का रखें तो आर्थिक समृद्धि की प्राप्ति होगी। 2. यदि घर के ईशान कोण और उत्तर में कूड़ा-कचरा या अनावश्यक सामान हो तो इसे हटाने से धन आगमन का मार्ग खुलेगा। 3. घर में पूर्व या उत्तर दिशा के बीच यदि हल्के व कम ऊंचाई वाले हरे पौधे रखें जायें तो धन समृद्धि दायक होते हैं। 4. आर्थिक समृद्धि के लिये घर के ईशान कोण में जल से भरा एक स्टील का पात्र अवश्य रखें और सप्ताह में एक बार जल को बदल दें। 5. यदि घर के नैर्ऋत्य कोण और दक्षिण दिशा में बोरिंग या कोई गड्ढा है तो धन कभी नहीं रूक पायेगा अतः इस दिशा में कोई गड्ढा न करें। 6. अपने घर के ब्रह्मस्थान अर्थात केंद्र को साफ-स्वच्छ व खुला रखना भी धन प्राप्ति में सहायक है। 7. घर में सूखे हुए फूल व पौधे भी धनागमन में बाधक होते हैं। इन्हें घर में न रखें। 8. घर में सभी घड़ियां और दर्पण उत्तर या पूर्व की दीवार पर लगायें। 9. घर के ईशान कोण या उत्तर दिशा में किया गया बोरिंग (जल स्रोत) भी धनसमृद्धि देने वाला होता है। 10. घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक लगाना भी आर्थिक बाधाओं को नष्ट करता है। 11. दीपावली पर आर्थिक समृद्धि हेतु लक्ष्मी पूजा के उपरांत ईशानकोण, उत्तर और ब्रह्मस्थान पर एक-एक दीया अवश्य जलायें।

दीपावली विशेषांक  अकतूबर 2014

फ्यूचर समाचार के दीपावली विशेषांक में सर्वोपयोगी लक्ष्मी पूजन विधि एवं दीपावली पर लक्ष्मी प्राप्ति के सरल उपाय, दीपावली एवं पंच पर्व, शुभ कर्म से बनाएं दीपावली को मंगलमय, अष्टलक्ष्मी, दीपावली स्वमं में है एक उपाय व प्रयोग आदि लेख सम्मलित हैं। शुभेष शर्मन जी का तन्त्र रहस्य और साधना में सफलता असफलता के कारण लेख भी द्रष्टव्य हैं। मासिक स्थायी स्तम्भ में ग्रह स्थिति एवं व्यापार, शेयर बाजार, ग्रह स्पष्ट, राहुकाल, पचांग, मुहूत्र्त ग्रह गोचर, राशिफल, ज्ञानसरिता आदि सभी हैं। सम्वत्सर-सूक्ष्म विवेचन ज्योतिष पे्रमियों के लिए विशेष ज्ञानवर्धक सम्पादकीय है। सामयिक चर्चा में ग्रहण और उसके प्रभाव पर चर्चा की गई है। ज्योतिषीय लेखों में आजीविका विचार, फलित विचार, लालकिताब व मकान सुख तथा सत्यकथा है। इसके अतिरिक्त अन्नप्राशन संस्कार, वास्तु प्रश्नोत्तरी, अदरक के गुण और पूर्व दिशा के बन्द होने के दुष्परिणामों का वर्णन किया गया है।

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