हस्तरेखाओं में छिपा करोड़पति बनने का राज

हस्तरेखाओं में छिपा करोड़पति बनने का राज  

हाथ की रेखाएं निश्चित करती है कि लक्ष्मी या संपदा के मामले में आप कितने भाग्यशाली हैं। ईश्वर ने हस्तरेखाओं के माध्यम से मानव के भाग्य को संजोया है। यह सभी की अलग-अलग किस्मत है कि किसको क्या मिला। आपकी हस्तरेखाओं में अथाह धन-संपत्ति मिलने के योग हैं अथवा नहीं। आइये, इस बारे में विस्तार से चर्चा करें।

  • यदि हाथ में भाग्य रेखा एक से अधिक है। गुरु, सूर्य अथवा शनि ग्रह उत्तम हैं तो आप एक से अधिक कारोबार कर सकते हैं और इसके विपरीत यदि दूसरी भाग्यरेखा खंडित हो तो इससे भारी नुकसान भी हो सकता है।
  • आपका हाथ भारी हो, भाग्य रेखा मणिबंद्ध से लेकर शनि पर्वत तक जाती हो, सभी ग्रह उन्नत हो या जीवन रेखा से शनि रेखाएं निकलती हों, तो आप बहुत बड़ी संपत्ति के मालिक बन सकते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि यदि शनि पर्वत पर कट, फट हो और यह ग्रह हाथ में दबा हो तो आपके पास आई हुई लक्ष्मी भी चली जाती है।
  • मोटी से पतली होती भाग्य रेखा और जीवन रेखा से दूर हो तो 25 वर्ष की आयु के बाद व्यक्ति भरपूर सुख और वैभव प्राप्त करता है। लेकिन यदि हृदय रेखा टूट जाए या उसकी एक मोटी शाखा मस्तिष्क रेखा पर आ जाए तो बनी बनाई संपत्ति भी नष्ट हो जाती है।
  • हाथ में यदि जीवन रेखा गोल हो, शुक्र पर तिल हो और अंगुलिया सीधी हों अथवा आधार बराबर हों तो मनुष्य के भाग्य में निश्चित रूप से अथाह धन-संपत्ति का मालिक बनना तय होता है। लेकिन यदि गुरु, बुध, शुक्र या चंद्र ग्रह में से किसी एक ग्रह की भी स्थिति खराब हो जाए तो आए दिन आपको धन संबंधी परेशानियों से जूझना पड़ सकता है। इसके विपरीत यदि हाथ में अंगुलियां लंबी, हाथ भारी एवं विशेष भाग्य रेखा हो और शनि एवं बुध ग्रह उत्तम हों तो आकस्मिक धन लाभ के अवसर मिलते हैं। गौर करने वाली बात यह है कि यदि हाथ सखत हो और ग्रहों में दोष आ जाए तो मनुष्य अपने जीवन की शीर्ष ऊंचाईयों को छूते-छूते रह जाता है।
  • यदि भाग्य रेखा जीवन रेखा से दूर हो, चंद्र पर्वत पर ज्ञान रेखा मिले एवं शनि ग्रह उन्नत हो तो मनुष्य को देश-विदेश दोनों ही स्थानों से लाभ एवं धन अर्जन की स्थिति बनती है। लेकिन यदि चंद्र पर्वत पर जाल आ जाए तो मनुष्य की कमाए हुए धन एवं सपंत्ति को धोखे द्वारा जब्त करने की आशंका भी बन जाती है।
  • इस तरह न जाने हमारे हाथ में कितने ही ऐसे लक्षण और भी हैं जिनसे यह पता चलता है कि यह व्यक्ति करोड़पति बन सकता है अथवा नहीं। साथ ही यह भी पता चलता है कि व्यक्ति के हाथ में रेखाओं से संबंधित कुछ दोष भी हैं, जिनके चलते उक्त व्यक्ति अथाह धन-संपत्ति का मालिक नहीं बन पा रहा। ऐसे दोषों से मुक्ति पाकर मानव अपने जीवन में आने वाले कष्टों से बच सकता है।

पारे का शिवलिंग एवं श्रीयंत्र स्थापित करके, प्रतिदिन शिव रुद्राष्टक का पाठ विधिवत् करने से एवं लक्ष्मी के मंत्र का नित्य प्रति जप करने से लक्ष्मी व्यक्ति का साथ देना शुरू कर देती है।



स्वप्न एवं शकुन विशेषांक  जून 2010

इस विशेषांक से स्वप्न के वैज्ञानिक आधार, स्वप्न की प्रक्रिया, सपनों का सच, स्वप्नेश्वरी देवी साधना, स्वप्नों के अर्थ के अतिरिक्त शकुन-अपशकुन आदि विषयों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इस विशेषांक में श्री अरुण बंसल का 'सपनों का सच' नामक संपादकीय अत्यंत लोकप्रिय हुआ। आज ही ले आएं लोकप्रिय स्वप्न एवं शकुन विशेषांक तथा इसके फलित विचार नामक स्तंभ में पढ़े स्वतंत्र व्यवसाय के ग्रह योगों की विवेचना।

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