* सदा रसोई घर में बैठकर भी भोजन करने से मन प्रसन्न रहता है तथा मां अन्नपूर्णा का आशीर्वाद मिलता रहता है।

* अपने घर के मुख्य दरवाजे के ऊपर चांदी का स्वास्तिक लगाने से बुरी बलाओं से रक्षा होती है।

* पक्षियों- चीटियों को प्रतिदिन दाना खिलाने से घर में बरकत रहती है।

विद्यार्थी की स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए –

शनिवार से शनिवार तक नित्य रात को 12 बजे बच्चे की शिखा से 2-4 बाल काटकर इन्हें एकत्रित करके दरवाजे की चैखट पर जलाकर पैर से मसल देने से बच्चों की स्मरण शक्ति बढ़ जाती है।

स्मृति बढ़ाने का मंत्र-

ऊँ ऐं स्मृत्ये नमः प्रातः सायं 1-1 माला का जाप।

* धन के लिए टोटका- शनिवार को सायं उड़द के दो दाने साबुत लेकर उनको पीपल के पत्ते पर रखकर दही व सिंदूर डालकर पीपल वृक्ष की जड़ में रख दें। यह मंत्र बोलकर मम कार्य सिद्धि कुरू-कुरू स्वाहा।।

यह क्रिया 21 दिन तक प्रतिदिन करते रहें। लौटते समय पीछे मुड़ कर नहीं देखें। धन लाभ अवश्य होगा।

- किसी को समारोह के लिए भोजन बनाना है तो भोजन से पहले एक बिछाकर ढंक दें तथा एक लकड़ी का कोयला बीच में छिपाकर रख दें। वहां घी का दीपक हर समय जलाते रहें तो सामान की कमी नहीं आयेगी।

* यदि घर में या दुकान में ब्रह्म मुहूर्त में झाडू दी जाय तो लक्ष्मी जी की सदा कृपा रहेगी व घर में सुख शांति।

कुत्ता काटने पर उपाय:

गुड़, सरसों का तेल, आक का दूध-इन सबको मिश्रित कर प्रभावित अंग पर लेप करने से विष समाप्त हो जाता है।

पागल कुत्ते का विष मिटाने का उपाय

-एक घृत कुमारी का पत्ता- सेंधा नमक पीसकर आग पर गर्म करके तीन दिन तक बांधने पर कुत्ते का विष नष्ट हो जाता है।

सभी प्रकार के विष का प्रभाव दूर करने का उपाय।

- हल्दी - दारूहल्दी, मंजिष्ठा तथा नागकेसर को पीसकर लेप लगा देने से कुत्ता का विष चला जाता है।

- करंजबीज व सरसों को तिल के साथ पीसकर प्रभावित अंग पर लेप करने से किसी भी विषैले कीट के विष का असर समाप्त हो जाता है।

- एरंड के तेल का लेप करने से भी सभी तरह के विष का असर दूर होता ह



राहु विशेषांक  जुलाई 2014

फ्यूचर समाचार पत्रिका के राहु विशेषांक में शिव भक्त राहु के प्राकट्य की कथा, राहु का गोचर फल, अशुभ फलदायी स्थिति, द्वादश भावों में राहु का फलित, राहु के विभिन्न ग्रहों के साथ युति तथा राहु द्वारा निर्मित योग, हाथों की रेखाओं में राजनीति एवं षडयंत्र कारक राहु के अध्ययन जैसे रोचक व ज्ञानवर्धक लेख सम्मिलित किये गये हैं इसके अलावा सत्यकथा फलित विचार, ग्रह सज्जा एवं वास्तु फेंगशुई, हाथ की महत्वपूर्ण रेखाएं, अध्यात्म/शाबर मंत्र, जात कर्म संस्कार, भागवत कथा, ग्रहों एवं दिशाओं से सम्बन्धित व्यवसाय, पिरामिड वास्तु और हैल्थ कैप्सूल, वास्तु परामर्श आदि लेख भी पत्रिका की शोभा बढ़ाते हैं।

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