घर में पैसे टिके रहें - घर में पैसे न टिकते हों, तनख्वाह आते ही चंद दिनों में साफ हो जाती हो तो यह टोटका करें, बहुत प्रभावशाली है। शुक्ल पक्ष के शुक्रवार को एक लाल कपड़े में लाल गुलाब का फूल रखें, गुलाबी नहीं। पैसे घर में टिकंे बरकत हो, ऐसी भावना व प्रार्थना करें, धूप, दीप, नैवेद्य अर्पित करें, फिर उनकी पोटली बना कर अपनी तिजोरी या गहनों के साथ रखें। महीने भर बाद फिर पोटली को बनाइए। फूल विसर्जित कर दें या पवित्र जगह पर रख दें। उसी लाल कपड़े में दोबारा नया लाल गुलाब रख कर इसी प्रकार पोटली बना कर पुनः रखें, लाभ होगा। आंखों के स्वास्थ्य के लिए - किसी पात्र में (चांदी का हो तो उत्तम) एक गिलास ठंडा जल लें। उस पर अपनी दृष्टि केंद्रित रखते हुए तीस मिनट तक निम्न मंत्र का जप करें। मंत्र: ¬ ज्योतिमते आदित्याय ह्री ¬ पफट्। मंत्र जप के बाद अपनी आंखों को उस ठंडे पानी से धोएं। ऐसा कम से कम महीने भर नित्य करें। नेत्रों के सभी रोग दूर होंगे। साथ ही नेत्र स्वस्थ व संुदर भी हांेगे। लगा चश्मा भी उतर जाएगा व दृष्टि तेज होगी। व्यापार वृद्धि - व्यापार में उन्नति व सुधार के लिए अपने घर या कार्यालय में उत्तर-पश्चिम दिशा में 6 छड़ियों़ वाली पवन घंटी लगाएं। उत्तर या दक्षिण-पूर्व दिशा में पानी का फव्वारा रखें। व्यापार शुरू करने से पूर्व हमेशा सकारात्मक विचार रखना अति आवश्यक है। केसर से रंग कर लगभग एक इंच सूत का धागा शुक्ल पक्ष में बुधवार को अपनी तिजोरी में रखें। व्यापार में लगातार उन्नति होगी। रोग निवारण एवं बाधा मुक्ति अथर्ववेद का निम्नलिखित मंत्र अति शक्तिशाली है। इस मंत्र का जप करने से कार्यों में विद्यमान अवरोधों का शमन हो जाता है। मंत्र: कृतो मे दक्षिणे हस्ते जयो मे सव्य आहितः अपेहि मनस्पफते परश्रवर, परो ने र्ऋत्या आ चक्ष्य बहुधा जीवतोमनः यह अत्यंत कल्याणकारी मंत्र है। इस मंत्र का 21 दिन तक 108 बार नियमित जप करने से रोग निवारण हो जाता है। मन की प्रसन्नता - कभी-कभी आप परेशान हो उठते हैं, आपका मूड खराब हो जाता है। घंटों तक मूड अच्छा बन नहीं पाता। ऐसे में एक टमाटर, गाजर या सेव ले लें और उस पर एकटक देखते हुए निम्न मंत्र का मन ही मन ग्यारह बार उच्चारण करें। फिर उसे खाते हुए मन में मंत्र का उच्चारण बराबर करते रहें। फल समाप्त होने के साथ ही आपका मूड बिल्कुल ठीक हो जाएगा। आप इसे बार-बार आजमाना चाहेंगे। मंत्रा: ¬ त्राीं हुं हुं ह्रीं हुं पफट् तनाव मुक्ति - यदि मासिक धर्म से पहले तनाव रहता हो तो पांच दिन पूर्व से यह प्रयोग शुरू कर दें तथा मासिक धर्म समाप्त होने के एक दिन बाद तक करते रहें। सिर्फ पांच मिनट के लिए पद्मासन या सुखासन (जो अनुकूल लगे) में बैठें, आंखें बंद कर लें, किसी भी एक बिंदु पर ध्यान केंद्रित कर लें तथा ¬ ऐं ¬ सौः ¬ का निरंतर पांच मिनट तक उच्चारण करें, तनाव से छुटकारा अवश्य मिलेगा। श्रद्धा आवश्यक है। शीघ्र रोजगार व विवाह - रोजगार व विवाह में देर हो तो शुक्ल पक्ष के बृहस्पतिवार से केसर का तिलक लगाना शुरू करें। शराब व मांस का सेवन न करें। वट वृक्ष की जड़ में प्रतिदिन मीठा दूध चढ़ाएं। घर में यदि निवार या तार बंधा रखा हो तो उसे तुरंत खोल दें, घर में नहीं रखें। आत्मसम्मान पाने के लिए - आत्मसम्मान में कमी हो, लोग आदर न देते हों, बात न सुनते हों, तो पानी और दूध चांदी के गिलास में पीएं। मां व माता समान बुजुर्ग महिलाओं का आदर करें, आशीर्वाद लें। तांबे का सिक्का सफेद धागे में गले में पहनें। चांदी का एक चैकोर टुकड़ा हमेशा अपने पास रखें। तकिये का लाल रंग का गिलाफ प्रयोग करें। दोपहर का खाना रसोई में बैठ कर खाएं।


पराविद्याओं को समर्पित सर्वश्रेष्ठ मासिक ज्योतिष पत्रिका  सितम्बर 2006

मनुष्य को जीवन के हर क्षेत्र में नाना प्रकार के कष्ट, परेशानियों एवं बाधाओं से दो-चार होना पड़ता है। इन्हें अनेक स्रोतों से परेशानियां एवं विपत्ति का सामना करना पड़ता है। कभी अशुभ ग्रह समस्याएं एवं कष्ट प्रदान करते हैं तो कई बार काला जादू अथवा भूत-प्रेत से समस्याएं उत्पन्न होती हैं। फ्यूचर समाचार के इस विशेषांक में प्रबुद्ध लेखकों ने अपने आलेखों में इन्हीं सब महत्वपूर्ण बातों की चर्चा विस्तार से की है तथा इनसे मुक्ति प्राप्त करने के नानाविध उपाय बताए हैं। महत्वपूर्ण आलेखों की सूची में संलग्न हैं- क्या है बंधन और उनके उपाय, यदि आप को नजर लग जाए, शारीरिक बाधाएं हरने वाली वनस्पतियां, भूत-प्रेत बाधा, मंत्र शक्ति से बाधा मुक्ति, कष्ट निवारण, बाधा के ज्योतिषीय उपाय व निवारण, कल्याणकारी जीवों के चित्र लगाएं बाधाओं को दूर भगाएं आदि। इन आलेखों के अतिरिक्त अन्य महत्वपूर्ण आलेख जीवन के बहुविध क्षेत्र से सम्बन्धित हैं तथा इन्हें स्थायी स्तम्भों में स्थान प्रदान किया गया है।

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