कटु सत्य - सच्ची बात अच्छी नहीं लगती और अच्छी लगने वाली बात कभी सच्ची नहीं होती है। - अच्छाई कभी झगड़ा नहीं कराती है और झगड़ा कभी अच्छा नहीं होता है। - बुद्धिमान कभी ज्यादा बकवास नहीं करते और ज्यादा बकवास करने वाले कभी बुद्धिमान नहीं होते। - आलस्य अभावों और कष्टों का पिता है आलस्य में जीवन बिताना आत्म हत्या के समान है। - गरीब की सबसे बड़ी पूंजी उसका आत्म विश्वास है। - अभिमान करना तो अज्ञानी का लक्षण है। - शर्म की अमीरी से तो इज्जत की गरीबी अच्छी। - जब अपने आप में ही विश्वास न हो तो अपनी हार निश्चित है। - स्वच्छता और श्रम मनुष्य के सर्वोŸाम वैद्य हैं। - हे मनुष्य, तेरा स्वर्ग तेरी मां के चरणों में है। - जो एक बार विश्वास खो दे, फिर कभी उसका विश्वास न करो। - जो खुशी तुम्हें कल दुःखी करने वाली है, उसे आज ही त्याग दो। - जीने के लिए खाना अच्छा है, परंतु खाने के लिए जीना महापाप है। श्री दुर्गासप्तशती के कुछ सिद्ध सम्पुट मंत्र विपŸिा नाश हेतु शरणागत् दीनार्तपरित्राणा परायणे’ सर्वस्यार्तिहरे देवि नारायणि नमोऽस्तु ते। विपŸिा नाश व शुभ प्राप्ति हेतु करोतु सा नः शुभ हेतुरीश्वरी शुभानि भद्राण्यभिहन्तु चापदंः भयनाशनार्थ - सर्व स्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्ति समन्विते। भयेम्यस्त्राहि नो देवि, दुर्गे नमोऽस्तु ते।। - एतŸो वदनं सौम्पं नोचलनत्रपभूषितम्। पातुः नः सर्वभीतिम्यः कात्यायनि नमोऽस्तुते।। - ज्वालाकरालमृत्युग्रम् महिसासुर सूदनम्। त्रिशूलेपातु नो दे भतेर्मद्रकालि नमोऽस्तुते।। पाप नाशनार्थ हिनस्ति दैत्ंयतेजांसि स्वनेनापूरिता जगत। सा घंटा पातु नो देवि पापेम्योऽनः शतानिव।। रोगनाशनार्थ रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा। तु कामान् सकलानभीष्टान् त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रितां ह्याश्रयतां प्रपान्ति। महामारी नाशनार्थ ऊँ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गाक्षमा शिवाधात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।। आरोग्य व सौभाग्य प्रदाता देहिसौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्। रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।


हस्तरेखा विशेषांक  मार्च 2015

फ्यूचर समाचार के हस्तरेखा विषेषांक में हस्तरेखा विज्ञान के रहस्यों को उद्घाटित करने वाले ज्ञानवर्धक और रोचक लेखों के समावेष से यह अंक पाठकों में अत्यन्त लोकप्रिय हुआ। इस अंक के सम्पादकीय लेख में हस्त संचरचना के वैज्ञानिक पक्ष का वर्णन किया गया है। हस्तरेखा शास्त्र का इतिहास एवं परिचय, हस्तरेखा शास्त्र के सिद्धान्त, हस्तरेखा शास्त्र- एक सिंहावलोकन, हस्तरेखाओं से स्वास्थ्य की जानकारी, हस्तरेखा एवं नवग्रहों का सम्बन्ध, हस्तरेखाएं एवं बोलने की कला, विवाह रेखा, हस्तरेखा द्वारा विवाह मिलाप, हस्तरेखा द्वारा विदेष यात्रा का विचार आदि लेखों को सम्मिलित किया गया है। इसके अतिरिक्त गोल्प खिलाड़ी चिक्कारंगप्पा की जीवनी, पंचपक्षी के रहस्य, लाल किताब, फलित विचार, टैरो कार्ड, वास्तु, भागवत कथा, संस्कार, हैल्थ कैप्सूल, विचार गोष्ठी, वास्तु परामर्ष, ज्योतिष और महिलाएं, व्रत पर्व, क्या आप जानते हैं? आदि लेखों व स्तम्भों के अन्तर्गत बेहतर जानकारी को साझा किया गया है।

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