माता-पिता और संतान की शिक्षा का आपसी संबंध

माता-पिता और संतान की शिक्षा का आपसी संबंध  

व्यूस : 11007 | मार्च 2015
यदि माता-पिता के हाथों में जीवन रेखा का जोड़ शृंखलाबद्ध होकर लंबा हो या दबाव पड़ रहा है तो इनके बच्चों की निर्णय शक्ति कमजोर पायी जाती है। इन्हें किसी भी काम के लिये दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है। इनके लिये व्यवसाय करना भी कठिन होता है। ये जल्दबाज होते हैं और इनकी पढ़ाई अधूरी रह जाती है। अगर उंगली छोटी हो तो मानसिक स्थिति पर भी प्रभाव पड़ता है। यदि मस्तिष्क रेखा और अधिक दूर तक हो और दोनों बिल्कुल अलग हो तो ऐसी संतान समझदार होती है, प्रत्येक कार्य को सोच समझकर करती है, शीघ्र निर्णय लेती है। अगर हाथ ज्यादा लंबा हो तो विचारते ज्यादा हैं, कार्य को करने में समय ज्यादा लगाते हैं। जीवन रेखा गोलाई लिये और मस्तिक रेखा उच्च के चंद्रमा पर जा रही हो और हृदय रेखा भी अच्छी हो और शनि को छू रही हो तो यदि ऐसे बच्चों को सही रास्ता मिले तो जगत में अपनी अच्छी पहचान बनाते हैं, बहुत ही उन्नति के शिखर पर चले जाते हैं। मस्तिष्क रेखा अगर मंगल की ओर जा रही हो तो यह योग्य संतान के लक्षण हैं। इन लोगों के बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में बहुत सफलता प्राप्त करते हैं। अगर मस्तिष्क रेखा जीवन रेखा से अलग हो तो ये व्यावसायिक शिक्षा लेते हैं। यदि बृहस्पति क्षेत्र उन्नत हो, मस्तिष्क रेखा बृहस्पति से निकल रही हो, उंगली पतली हो तो अपने गुणों में अच्छे होते हैं। चतुर वाक् शक्ति होती है, ये बच्चे नेतागिरी में भी आते हैं। यदि किसी के पिता का बृहस्पति क्षेत्र अच्छा, सूर्य की उंगली सीधी हो, गुरु की उंगली सूर्य की उंगली से बड़ा हो तो इनको धीरे-धीरे तरक्की मिलती है। शिक्षा तो पूरी करते हैं किंतु कोई न कोई समस्या आती है जिससे शिक्षा प्रभावित होती है। यदि हृदय रेखा दूषित हो, साथ में मस्तिष्क रेखा भी दूषित हो, शुक्र क्षेत्र और चंद्र क्षेत्र ज्यादा हो तो पढ़ाई में कम ध्यान देते हैं। ऐसे बच्चों पर शिक्षा के लिये अधिक दबाव डालना चाहिये। यदि पिता के हाथ में मस्तिष्क रेखा एकदम मुड़कर, झुककर जाये तो इनकी संतान भी भावुक होती है। छोटी-छोटी बातों को मन पर लगाने की आदत होती है। शनि के नीचे रेखा टूटी हो या कोई द्वीप हो तो शिक्षा अधूरी रह जाती है। यदि मस्तिष्क रेखा चंद्र के ठीक बीच में जा रही हो, बृहस्पति क्षेत्र उच्च हो, हाथ नरम, रंग साफ, गुलाबी या सफेद उज्ज्वल हो तो बच्चे शिक्षा में अच्छा नाम करते हैं और अध्यात्म की ओर भी कुछ न कुछ अवश्य ही करते हैं। यदि हाथ टेढ़ा हो, काला हो या ज्यादा लाल रंग का हो तो संतान में चोरों वाली हरकतंे आती हैं, शिक्षा अधूरी रहती है, चोरी चक्कारी के आदी हो जाते हैं। यदि भाग्य रेखा पर द्वीपयुक्त रेखा हो तो हर क्षेत्र में रूकावट, कष्ट उठाने पड़ते हैं तथा व्यापार में, विवाह में भी बाधा आती है। यदि भाग्य रेखा अच्छी हो, एक से ज्यादा हो तो संतान योग्य बनती है। हाथ अच्छा गुलाबी रंग का हो तो आय के साधन बच्चों को विरासत मंे मिलते हैं।

Ask a Question?

Some problems are too personal to share via a written consultation! No matter what kind of predicament it is that you face, the Talk to an Astrologer service at Future Point aims to get you out of all your misery at once.

SHARE YOUR PROBLEM, GET SOLUTIONS

  • Health

  • Family

  • Marriage

  • Career

  • Finance

  • Business

हस्तरेखा विशेषांक  मार्च 2015

फ्यूचर समाचार के हस्तरेखा विषेषांक में हस्तरेखा विज्ञान के रहस्यों को उद्घाटित करने वाले ज्ञानवर्धक और रोचक लेखों के समावेष से यह अंक पाठकों में अत्यन्त लोकप्रिय हुआ। इस अंक के सम्पादकीय लेख में हस्त संचरचना के वैज्ञानिक पक्ष का वर्णन किया गया है। हस्तरेखा शास्त्र का इतिहास एवं परिचय, हस्तरेखा शास्त्र के सिद्धान्त, हस्तरेखा शास्त्र- एक सिंहावलोकन, हस्तरेखाओं से स्वास्थ्य की जानकारी, हस्तरेखा एवं नवग्रहों का सम्बन्ध, हस्तरेखाएं एवं बोलने की कला, विवाह रेखा, हस्तरेखा द्वारा विवाह मिलाप, हस्तरेखा द्वारा विदेष यात्रा का विचार आदि लेखों को सम्मिलित किया गया है। इसके अतिरिक्त गोल्प खिलाड़ी चिक्कारंगप्पा की जीवनी, पंचपक्षी के रहस्य, लाल किताब, फलित विचार, टैरो कार्ड, वास्तु, भागवत कथा, संस्कार, हैल्थ कैप्सूल, विचार गोष्ठी, वास्तु परामर्ष, ज्योतिष और महिलाएं, व्रत पर्व, क्या आप जानते हैं? आदि लेखों व स्तम्भों के अन्तर्गत बेहतर जानकारी को साझा किया गया है।

सब्सक्राइब


.