ग्रह स्थिति एवं व्यापार

ग्रह स्थिति एवं व्यापार  

गोचर फल विचार मासारंभ में मंगल सूर्य का द्विद्र्वादश योग में बने रहना तथा मंगल, शुक्र व केतु का एक राशि में होना यह योग प्रशासनिक वातावरण को अशांतमय माहौल में रखेगा तथा आपसी तनाव को बढ़ाएगा। शासन के प्रति लोगों की आलोचनाओं को बढ़ावा देगा। 12 मार्च को शुक्र का मेष राशि में आकर मंगल से द्विद्र्वादश योग में आना तथा 14 मार्च को सूर्य का मीन राशि में आकर मंगल तथा केतु के साथ राशि संबंध बनाना तथा राहु से इन तीनों का समसप्तक योग में होना तथा इसी दिन शनि का वक्री गति में होना व गुरु ग्रह का पूर्व ही वक्री रहना, यह योग इस मास देश में कहीं अग्निकांड और हिंसक घटनाओं के साथ प्राकृतिक आपदाओं से जन-धन की हानि का संकेत देता है और यह योग कृषि के क्षेत्र में भी नुकसानदायक रहेगा। इस मास में तेज हवाओं के साथ कम वर्षा का योग बनता है। दैनिक उपयोगी वस्तुओं में महंगाई के कारण जनता में शासन के प्रति रोष की भावना को बढ़ाएगा। गोचर ग्रह परिवर्तन व नक्षत्र वेध मासारंभ में 1 मार्च को शुक्र ग्रह रेवती नक्षत्र में आकर सर्वतोभद्रचक्र द्वारा उ. फा. नक्षत्र का वेध करेगा। 3 मार्च को बुध ग्रह धनिष्ठा नक्षत्र में आकर विशाखा नक्षत्र को वेधेगा। 4 मार्च को सूर्य पू. भा. नक्षत्र में आकर चित्रा, पुनर्वसु व उ.षा. नक्षत्रों का वेध करेगा। 5 मार्च को मंगल रेवती नक्षत्र पर आकर उ. फा. नक्षत्र का तथा दक्षिण वेध से मूल नक्षत्र का वेध करेगा। 8 मार्च को वक्री गुरु ग्रह अश्लेषा नक्षत्र के प्रथम चरण में प्रवेश करेगा। इसी दिन बुध ग्रह शनि की राशि कुंभ में प्रवेश कर सूर्य के साथ संबंध बनाएगा। 12 मार्च को शुक्र मेष राशि अश्विनी नक्षत्र में आकर पू. फा. नक्षत्र को वेधेगा। 13 मार्च को बुध शतभिषा नक्षत्र में आकर स्वाति नक्षत्र को वेधेगा। 14 मार्च को सूर्य मीन राशि में आकर मंगल व केतु के साथ राशि संबंध बनाएगा व चैत्र संक्रांति 30 मुहूर्ती में होगी, इसी दिन वृश्चिक राशि में स्थित शनि ग्रह वक्री गति में आएगा। 18 मार्च को सूर्य उ. भा. नक्षत्र में आकर हस्त, आद्र्रा व पू.षा. नक्षत्रों को वेधेगा। 21 मार्च को चंद्र दर्शन शनिवार के दिन 30 मुहूर्ती में होगा। 22 मार्च को बुध पू. भाद्रपद नक्षत्र में आकर चित्रा नक्षत्र का वेध करेगा। 23 मार्च को मंगल अश्विनी नक्षत्र में आकर दक्षिण वेध से ज्येष्ठा नक्षत्र को वेधेगा तथा इसी दिन शुक्र ग्रह भी भरणी नक्षत्र में आकर मघा नक्षत्र का वेध करेगा। 27 मार्च को बुध ग्रह मीन राशि में आकर सूर्य व केतु के साथ राशि संबंध बनाएगा तथा अस्त भी होगा। 29 मार्च को बुध उ.भानक्षत्र में आकर सूर्य के साथ एक नक्षत्र संबंध बनाकर हस्त नक्षत्र का वेध करेगा। 31 मार्च को सूर्य रेवती नक्षत्र में आकर उ. फा., मृगशिरा व मूल नक्षत्रों का वेध करेगा। सोना व चांदी मासारंभ में 1 मार्च को चांदी में मंदी तथा सोने में तेजी का योग दर्शाता है। 3 मार्च को बाजारांे में उतार-चढ़ाव के बाद तेजी का ही रूख दर्शाता है। 4 मार्च को बाजारों में तेजी का ही रूझान बनाए रखेगा। 5 मार्च को बाजारों में पूर्ववत तेजी की लहर ही चलाएगा। 8 मार्च को बाजारों में तेजी का रूख बरकरार रखेगा। 12 मार्च को सोना व चांदी के बाजारों में उतार-चढ़ाव का योग ही बनाता है। 13 मार्च को तेजी के रूख में बदलाव देकर मंदी के वातावरण को बनाएगा। 14 मार्च को बाजारों में पुनः तेजी की लहर चला देगा। 18 मार्च को बाजारांे में पूर्वरूख का ही योग दर्शाता है। 21 मार्च को बाजारों में उतार-चढ़ाव अधिक करेगा। 22 मार्च को बाजारांे में मंदी का माहौल ही बनाएगा। 23 मार्च को बाजारों में कुछ तेजी का रूख ही दर्शाता है। 27 मार्च को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद मंदी का वातावरण ही बनाएगा। 29 मार्च को बाजारों में पुनः तेजी की लहर को आगे चलाएगा। 31 मार्च को बाजारों में तेजी का ही योग बनाएगा। गुड़ एवं खांड मासारंभ में 1 मार्च को गुड़ व खांड के बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद तेजी की लहर चलाएगा। 3 मार्च को बाजारों में तेजी का वातावरण ही बनाएगा। 4 मार्च को बाजारों में तेजी का रूख ही बनाए रखेगा। 5 मार्च को बाजारांे में उतार-चढ़ाव अधिक करेगा। 8 मार्च को बाजारों में तेजी का योग दर्शाता है। 12 मार्च को बाजारांे में मंदी का रूझान ही बनाएगा। 13 मार्च को बाजारों में तेजी का रूख बरकरार रखेगा। 14 मार्च को बाजारांे में तेजी की लहर चलाएगा। 18 मार्च को बाजारों में तेजी का योग ही दर्शाता है। 21 मार्च को बाजारों में मंदी का वातावरण बनाएगा। 22 मार्च को बाजारों में मंदी का रूझान ही बनाएगा। 23 मार्च को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद तेजी की लहर चलाएगा। 27 मार्च को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद मंदी का योग ही बनाएगा। 29 मार्च को बाजारों में तेजी का वातावरण ही दर्शाता है। 31 मार्च को आगे बाजारों में तेजी की लहर को ही आगे चलाएगा। अनाजवान व दलहन 1 मार्च को बाजारों में बाजरा, जौ, गेहूं, चना, ज्वार, इत्यादि अनाजों तथा मंूग, मौठ, मसूर, अरहर इत्यादि दलहन में तेजी का वातावरण दर्शाता है। 3 मार्च को बाजार पूर्व रूख को बरकरार रखेगा। 4 मार्च को बाजारांे में तेजी का योग ही बनाएगा। 5 मार्च को बाजारों में उतार-चढ़ाव का माहौल बनाएगा। 8 मार्च को बाजारांे में तेजी की लहर चलाएगा। 12 मार्च को अनाजों व दलहन में तेजी का ही रूझान बनाए रखेगा। 13 मार्च को बाजारों में आगे तेजी का ही माहौल बनाएगा। 14 मार्च को बाजारों में पूर्वरूख को ही दर्शाता है। 18 मार्च को बाजारों में तेजी का रूख बनाए रखेगा। 22 मार्च को बाजारांे में मंदी का माहौल ही बनाएगा। 23 मार्च को बाजारों में मंदी का वातावरण ही दर्शाता है। 27 मार्च को बाजारों में तेजी का योग बनाएगा। 29 मार्च को बाजारांे में गेहूं, जौ, चना, ज्वार, बाजरा इत्यादि अनाजों तथा मूंग, मौठ, मसूर, अरहर इत्यादि दलहन में उतार-चढ़ाव के बाद तेजी का माहौल दर्शाता है। 31 मार्च को बाजारों में आगे तेजी की लहर ही चलाएगा। घी व तेलवान 1 मार्च को घी व तेलवान के बाजारों में तेजी का माहौल दर्शाता है। 3 मार्च को बाजारों में तेजी की लहर को आगे चलाएगा। 4 मार्च को बाजारों में तेजी का ही येाग बनाएगा। 5 मार्च को बाजारांे में उतार-चढ़ाव के बाद तेजी के रूख को बरकरार रखेगा। 8 मार्च को बाजारों में पूर्व तेजी के रूझान को बनाएगा। 12 मार्च को बाजारों में मंदी का योग दर्शाता है। 14 मार्च को बाजारों में मंदी का रूख ही बनाएगा। 18 मार्च को बाजारों में तेजी की लहर को चलाएगा। 21 मार्च को बाजारों में पूर्वरूख को ही बनाएगा। 23 मार्च को बाजारांे में कुछ उतार-चढ़ाव के बाद कुछ मंदी का वातावरण बनाएगा। 27 मार्च को बाजारांे में मंदी का ही माहौल बना देगा। 29 मार्च को बाजारों में पुनः तेजी की लहर को चलाए रखने में सहायक होगा। 31 मार्च को बाजारांे में पुनः आगे तेजी का योग ही दर्शाता है। नोट: उपर्युक्त फलादेश पूरी तरह ग्रह स्थिति पर आधारित है, पाठकों का बेहतर मार्ग दर्शन ही इसका मुख्य उद्देश्य है। इसके साथ-साथ संभावित कारणों पर भी ध्यान देना चाहिए जो बाजार को प्रभावित करते हैं। कृपया याद रखें कि व्यापारी की सट्टे की प्रवृत्ति और निर्णय लेने की शक्ति में कमी तथा भाग्यहीनता के कारण होने वाले नुकसान के लिए लेखक, संपादक एवं प्रकाशक जिम्मेदार नहीं हैं।


हस्तरेखा विशेषांक  मार्च 2015

फ्यूचर समाचार के हस्तरेखा विषेषांक में हस्तरेखा विज्ञान के रहस्यों को उद्घाटित करने वाले ज्ञानवर्धक और रोचक लेखों के समावेष से यह अंक पाठकों में अत्यन्त लोकप्रिय हुआ। इस अंक के सम्पादकीय लेख में हस्त संचरचना के वैज्ञानिक पक्ष का वर्णन किया गया है। हस्तरेखा शास्त्र का इतिहास एवं परिचय, हस्तरेखा शास्त्र के सिद्धान्त, हस्तरेखा शास्त्र- एक सिंहावलोकन, हस्तरेखाओं से स्वास्थ्य की जानकारी, हस्तरेखा एवं नवग्रहों का सम्बन्ध, हस्तरेखाएं एवं बोलने की कला, विवाह रेखा, हस्तरेखा द्वारा विवाह मिलाप, हस्तरेखा द्वारा विदेष यात्रा का विचार आदि लेखों को सम्मिलित किया गया है। इसके अतिरिक्त गोल्प खिलाड़ी चिक्कारंगप्पा की जीवनी, पंचपक्षी के रहस्य, लाल किताब, फलित विचार, टैरो कार्ड, वास्तु, भागवत कथा, संस्कार, हैल्थ कैप्सूल, विचार गोष्ठी, वास्तु परामर्ष, ज्योतिष और महिलाएं, व्रत पर्व, क्या आप जानते हैं? आदि लेखों व स्तम्भों के अन्तर्गत बेहतर जानकारी को साझा किया गया है।

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