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छोटे-छोटे उपाय हर घर में लोग जानते हैं, पर उनकी विधिवत् जानकारी के अभाव में वे उनके लाभ से वंचित रह जाते हैं। इस लोकप्रिय स्तंभ में उपयोगी टोटकों की विधिवत् जानकारी दी जा रही है

बुखार से मुक्ति हेतु :

शनि या रविवार को चावल के सात दाने लेकर घर से बिना बोले किसी आक के पेड़ के पास जाकर पूरब की ओर मुख खड़े हो जाएं और हे ज्वर, आपको शनिवार का निमंत्रण है कहते हुए चावल का एक दाना आक की जड़ में रख दें, बिना बुलाए मत आना, दूसरा चावल रखकर कहें कि ज्वर देव आपको सोमवार का निमंत्रण है, किंतु बिना नहीं आना। यह क्रिया सप्ताह के सभी दिनों का नाम लेकर करें, बुखार से मुक्ति मिल जाएगी।

आधासीसी के दर्द से मुक्ति हेतु :

सूर्य निकलने से पूर्व घर से गुड़ की एक डली लेकर निकलें। किसी चौराहे पर आकर पश्चिम की ओर मुख करके खड़े हों तथा गुड़ की आधी डली को मुंह से कई टुकड़े करके वहीं फेंक दें और घर आ जाएं, सिर का दर्द समाप्त हो जाएगा।

नजर दोष से मुक्ति हेतु कुछ विशेष उपाय :

  • गाय के गोबर का चौमुखी दीप बनाकर उसमें तिल के तेल की बत्ती जला दें और थोड़ा गुड़ डाल दें। फिर उसे घर के मुखय द्वार पर रख दें, बच्चे की नजर दोष से रक्षा होगी।
  • गेहूं के आटे से दीया बनाएं और उसमें काले धागे की बत्ती जलाएं। उस ज्योति में दो लाल मिर्च रखें और उसे नजर लगे व्यक्ति पर से उतारें, नजर दोष दूर होगा।
  • रविवार या शनिवार को नजर लगे व्यक्ति के सिर पर से तीन बार दूध फेरकर कुत्ते को दें, नजर दोष से मुक्ति मिलेगी।
  • ज्वार की रोटी एक तरफ से ही सेंकें। सेंके हुए भाग पर घी लगाकर रोटी को पीले धागे से बांधें। फिर उसे नजर लगे व्यक्ति के ऊपर से 7 बार उतारकर कुत्ते को दे दें, नजर दोष दूर होगा।

अठारा रोग से बचाव के लिए :

किसी कन्या के हाथ का कता सूत लेकर उसका एक हाथ लंबा धागा बना लें तथा रविवार को अठारा रोग से ग्रस्त रोगी की दाहिनी पिंडली में बांध दें। रोगी ठीक हो जाएगा।

पुत्र प्राप्ति हेतु :

रविपुष्य योग में शेर और बिल्ली का नाखून लेकर एक साथ मढ़ा कर दायें बाजू पर बांध लें, पुत्र की प्राप्ति होगी।

कार्य में आने वाली रुकावटों से मुक्ति हेतु :

शनिवार को एक पात्र में कच्ची घानी का सरसों तेल लेकर उसमें अपनी छाया देखें। फिर उसमें गुड़ के गुलगुले डालें और उसे किसी गरीब को दे दें, बाधाओं मुक्ति मिलेगी और शनि कोप से बचाव होगा।

कार्य में सफलता हेतु :

किसी कार्य विशेष के लिए जाने से पहले एक बेदाग नीबू को गाय के गोबर में दबा कर उस पर कामिया सिंदूर छिड़क दें। फिर अपने कार्य की सफलता की प्रार्थना कर प्रस्थान करें, सफलता मिलेगी।

सुखमय वैवाहिक जीवन के लिए :

नवविवाहिता वधू की विदाई के समय एक लोटा गंगाजल में हल्दी और एक पीला सिक्का डालकर वधू के सिर से उतार लें और फिर उसके आगे फेंक दें। यह क्रिया पूरी निष्ठा के साथ करें, वधू का वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा।

बच्चे के दांत निकलने में कष्ट से मुक्ति हेतु :

बच्चे को दांत निकलते समय दर्द होता हो, तो उसके गले में रोहू मछली के पांच दांत धागे में बांधकर लटका दें। बच्चे को दर्द से राहत मिलेगी।


पंचांग विशेषांक   अप्रैल 2010

इस अनुपम विशेषांक में पंचांग के इतिहास विकास गणना विधि, पंचांगों की भिन्नता, तिथि गणित, पंचांग सुधार की आवश्यकता, मुख्य पंचांगों की सूची व पंचांग परिचय आदि अत्यंत उपयोगी विषयों की विस्तृत चर्चा की गई है। पावन स्थल नामक स्तंभ के अंतर्गत तीर्थराज कैलाश मानसरोवर का रोचक वर्णन किया गया है।

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