बसंत कुमार सोनी


(14 लेख)
इच्छित संतान प्राप्ति के सुगम उपाय

मई 2006

व्यूस: 108199

संतान प्राप्ति की कामना मनु महाराज द्वारा वर्णित तीन नैसर्गिक इच्छाओं में से एक है। नि:संतान रहना एक भयंकर अभिशाप है। यह पूर्व जन्म मने किए गए कर्मों के फल है या फल का भोग है। संतान हो किंतु दुष्ट और कुल – कीर्तिनाशक हो तो यह स्थि... और पढ़ें

ज्योतिषउपायबाल-बच्चे

चमत्कारी तांत्रिक टोटको से करें भाग्य वृद्धि

आगस्त 2011

व्यूस: 103870

तांत्रिक टोटकों विधिवत किए जाए, तो बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान करने में सक्षम होते है. इन प्रयोगों का प्रभाव किसी चमत्कार से कम नहीं होता है. टोटकों कों करने की पूर्ण विधि सहज रूप में इस लेख में दी गई है. पढ़ कर लाभ उठाया जा सकता ह... और पढ़ें

उपायमंत्रटोटके

पति एवं पत्नी प्राप्ति हेतु टोटके

आगस्त 2011

व्यूस: 98478

घर-परिवार में विवाह योग संतान होंने पर माता-पिता अपनी संतान का समय से विवाह कराने के प्रयासों में लगे रहते है. विशेष रूप से कन्या के विवाह में देरी होना, माता-पिता की चिंताओं कों बढाता है. विधि विधान से टोटके प्रयोग कर, इस समस्या ... और पढ़ें

उपायविवाहटोटके

नक्षत्र, राशियां और ग्रह

फ़रवरी 2013

व्यूस: 8391

गगन मंडल में ग्रहों की स्थिति का पता करने के लिए देवताओं ने वृताकार आकाश या भचक्र के ३६० अंशों को १२ समान खण्डों में बांटा। तीस अंश के ये भाग राशि कहलाये। जिस भाग का जैसा स्वरूप दिखाई देता है उसी के आधार पर राशियों का नामकरण किया ... और पढ़ें

ज्योतिषनक्षत्रग्रहराशि

राहु केतु ग्रहण: काल सर्प योग दोष निवारण

मई 2011

व्यूस: 5913

काल सर्प योग दोष निवारण ३९ कुंडली के विविध भावानुसार बारह प्रकार के काल सर्प योग बनते हैं। इनकी समयानुसार शांति अवश्य कराई जानी चाहिए। ग्रहों के दोष शमनार्थ उपाय करने के पूर्व ज्योतिषीय परामर्श लेना नितांत आवश्यक रहता है।... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगग्रहभविष्यवाणी तकनीक

महा शिवरात्रि में कालसर्प दोष की शान्ति के उपाय

मार्च 2013

व्यूस: 5718

महाशिवरात्रि के दिन अथवा नागपंचमी के दिन किसी सिद्ध शिव स्थल पर कालसर्प योग की शान्ति करा लेने का अति विशिष्ट महत्व माना जाता हैं। निरंतर महामृत्युंजय मंत्र के जप से शिवोपासना से, हनुमान जी की आराधना से एवं भैरवोपासना से यह योग शि... और पढ़ें

देवी और देवउपायअध्यात्म, धर्म आदिपर्व/व्रतमुहूर्त

मुहूर्त का महत्व क्यों और कैसे ?

जून 2011

व्यूस: 5277

आइए जानते हैं मुहूर्त के सभी घटक पंचांग, आदि की शुभ और अशुभता का स्वरूप क्या है और उससे कार्य को क्या दिशा और दशा प्राप्त होती है।... और पढ़ें

ज्योतिषमुहूर्तभविष्यवाणी तकनीक

लोक विख्यात मुहूर्त

जून 2011

व्यूस: 4551

अभिजित मुहूर्त स्वयं में सिद्ध मुहूर्त है इनमें कोई भी शुभ तथा मांगलिक कार्य पंचांग एवं ज्योतिषीय परामर्श के बिना ही किए जा सकते हैं। इस लेख को पढ़कर उसकी जानकारी प्राप्त करके उसका लाभ उठाया जा सकता है।... और पढ़ें

ज्योतिषमुहूर्तभविष्यवाणी तकनीक

भगवत प्राप्ति का सहज साधन

फ़रवरी 2011

व्यूस: 4546

भगवत प्राप्ति के लिए चाहिए भगवान से मिलने की ललक और उसे पाने की रीति है- भक्ति जिसका अर्थ है भगवान की उपासना, सेवा और शरण्यता। प्राप्ति साधनों के विस्तार का उल्लेख किया गया है इस लेख में।... और पढ़ें

देवी और देवविविध

क्या है पितृ दोष अथवा पितृ ऋण?

सितम्बर 2014

व्यूस: 3957

लोगों की मृत्यु उपरांत विभिन्न कारणों से अथवा मोह माया वश जब उनकी आत्मा बंधन मुक्त न होकर मृत्यु लोक में ही घूमती रहती है और स्वयं मुक्त न होने के कारण इन पूर्वजों का अपने परिवार पर नकारात्मक अथवा किसी न किसी रूप में... और पढ़ें

ज्योतिषउपायअध्यात्म, धर्म आदिभविष्यवाणी तकनीक

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