(13 लेख)
राहू कि महादशा में नवग्रहों कि अंतर्दशाओं का फल एवं उपाय

आगस्त 2008

व्यूस: 109281

राहू मूलत: छाया ग्रह है, फिर भी उसे एक पूर्ण ग्रह के समान ही माना जाता है। यह आर्द्रा, स्वाति एवं शतभिषा नक्षत्र का स्वामी है। राहू कि दृष्टि कुंडली के पंचम, सप्तम और नवम भाव पर पड़ती है। जिन भावों पर राहू कि दृष्टि का प्रभाव पडता ... और पढ़ें

ज्योतिषउपायग्रहहस्तरेखा सिद्धान्त

शीघ्र प्रभावी हनुमानोपासना

सितम्बर 2009

व्यूस: 30423

वेद-पुराणों में हनुमान जी कों अजर –अमर कहा गया है. शास्त्रों में सप्त चिर्न्जिवों का उल्लेख प्राप्त होता है- हनुमान, राजबली, महामुनि व्यास, अंगद, अश्वत्थामा कृपाचार्य और विभीषण. ये सब आज भी इस धरान पर विचरण करते है. इनमें सर्वाधिक... और पढ़ें

देवी और देवउपायमंत्रसफलता

हस्तरेखा में सूर्य पर्वत

अप्रैल 2011

व्यूस: 14654

इस लेख में हथेली के सूर्य पर्वत से पता चलने वाली विषेष बातों की जानकारी दी गई है।... और पढ़ें

हस्तरेखा शास्रग्रह पर्वत व रेखाएंभविष्यवाणी तकनीक

अंक विज्ञान में आपका मोबाइल नंबर

जुलाई 2011

व्यूस: 5743

अपने मोबाइल का नंबर संबंधित कार्य के अनुरूप शुभांक ज्ञात करके शुभ फल प्राप्त कर सकते हैं उच्चाधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों के लिए मूलांक १ अंक का मोबाइल नंबर लेना चाहिए। जानिए आपका व्यवसाय एवं मोबाइल नंबर ...... और पढ़ें

अंक ज्योतिषभविष्यवाणी तकनीक

आग्नेय महापुराणोक्त ग्रह शांति यज्ञ विधि

सितम्बर 2010

व्यूस: 5661

आग्नेय पुराण में श्लोक संख्या एक से चौदह में ग्रह शांति के विधान हवन, मंत्र, समिधाएं, साकल्य आदि का स्वष्ट वर्णन किया गया है प्रस्तुत लेख में ग्रह को समर्पित भोग तथा दान का भी विधान बताया गया है।... और पढ़ें

अन्य पराविद्याएंविविध

सफलता का प्रथम सोपान श्रेष्ठ मुहूर्त

जून 2011

व्यूस: 3869

सर्वार्थ सिद्धि योग, द्विपुष्कर योग, त्रिपुष्कर योग शुभ योग मुहूर्त की श्रेणी में आते हैं। कुछ कार्यों के लिए इन मुहूर्तों का चयन कर सफलता प्राप्त की जा सकती है।... और पढ़ें

ज्योतिषमुहूर्तभविष्यवाणी तकनीक

कोर्ट में जय पराजय के ग्रह योग

जनवरी 2011

व्यूस: 3269

कोर्ट केस में किन ग्रहों की क्या भूमिका होती है। उन ग्रहों की नक्षत्र में स्थित का गहराई के साथ अध्ययन करके, समय से पूर्व विधवत् उपाय करने से विजय प्राप्ति संभव है।... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगभविष्यवाणी तकनीक

ऊपरी बाधाएं योग और उपाय

मार्च 2010

व्यूस: 2197

हम जहां रहते हैं वहां कई ऐसी शक्तियां होती हैं, जो हमें दिखाई नहीं देतीं किंतु बहुधा हम पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं जिससे हमारा जीवन अस्त-व्यस्त हो उठता है और हम दिशाहीन हो जाते हैं।... और पढ़ें

अन्य पराविद्याएंउपायमंत्रविविधयंत्र

पांच अंगों का संयोग : पंचांग

अप्रैल 2010

व्यूस: 1607

इस अनुपम विशेषांक में पंचांग के इतिहास विकास गणना विधि, पंचांगों की भिन्नता, तिथि गणित, पंचांग सुधार की आवश्यकता, मुख्य पंचांगों की सूची व पंचांग परिचय आदि अत्यंत उपयोगी विषयों की विस्तृत चर्चा की गई है। पावन स्थल नामक स्तंभ के अं... और पढ़ें

ज्योतिषआकाशीय गणितपंचांग

कष्ट निवारे भाग्य संवारे रुद्राक्ष

मई 2010

व्यूस: 1347

भगवान शिव को ही रुद्र कहा जाता है। ग्रंथों में उल्लेख है कि रुद्र जब व्यथित होकर घोर तपस्या पर बैठे, तो उनके नेत्रों से पृथ्वी पर कुछ अश्रुकण गिरे, जिनसे एक फल की उत्पत्ति हुई।... और पढ़ें

उपायसुखरूद्राक्ष

लोकप्रिय विषय

बाल-बच्चे चाइनीज ज्योतिष दशा वर्ग कुंडलियाँ डऊसिंग सपने शिक्षा वशीकरण शत्रु यश पर्व/व्रत फेंगशुई एवं वास्तु टैरो रत्न सुख गृह वास्तु प्रश्न कुंडली कुंडली व्याख्या कुंडली मिलान घर जैमिनी ज्योतिष कृष्णामूर्ति ज्योतिष लाल किताब भूमि चयन कानूनी समस्याएं मंत्र विवाह आकाशीय गणित चिकित्सा ज्योतिष विविध ग्रह पर्वत व रेखाएं मुहूर्त मेदनीय ज्योतिष नक्षत्र व्यवसायिक सुधार शकुन पंच पक्षी पंचांग मुखाकृति विज्ञान ग्रह प्राणिक हीलिंग भविष्यवाणी तकनीक हस्तरेखा सिद्धान्त व्यवसाय राहु आराधना रमल शास्त्र रेकी रूद्राक्ष हस्ताक्षर विश्लेषण सफलता मन्दिर एवं तीर्थ स्थल टोटके गोचर यात्रा वास्तु परामर्श वास्तु दोष निवारण वास्तु पुरुष एवं दिशाएं वास्तु के सुझाव स्वर सुधार/हकलाना संपत्ति यंत्र राशि
और टैग (+)