कुछ उपयोगी टोटके

कुछ उपयोगी टोटके  

व्यूस : 18204 | आगस्त 2014

सिर दर्द निवारण के लिये

हनुमान अंगद रन गाजे।
हांक सुनत रजनीचर भागे।

विष नाश के लिये

नाम प्रभाव जान शिव नीको।
कालकूट कुल दीन्ह अमी को।

कन्या को मनोवांछित वर पाने के लिये

जै जै जै गिरिराज किशोरी।
जय महेश मुख चंद्र चकोरी।

खोया हुआ सम्मान पुनः प्राप्त करने के लिए

गई बहोर गरीब नेवाजू।
सरल सबल साहिब रघुराजु।

आर्थिक संपन्नता के लिए

विश्व भरण पोषण करि जोई।
ताकर नाम भरत अस होई।

गरीबी दूर करने के लिये

अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारिके।
कामद धन दारिद्र द्वारिके।

लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिये

जिमि सरिता सागद महुं जाहीं।
जघपि ताहि कामना नाहीं।
तिथि सुख संपत्ति विनहि बोलाएं।
धरमशील पहि जाहि सुभाएं।

यात्रा में सफलता के लिय

जेहिं पर कृपा करहिं जनु जानी।
कवि दुर अजिर नवावहिं बानी।

घर में संपत्ति प्राप्ति के लिये

जे सकाम नर सुनहिं जो गावहिं।
सुख संपत्ति नाना विधि पावहिं।

ऋद्धि सिद्धि प्राप्त करने के लिये

साधक नाम जपहिं लय लाएं।
होंहिं सिद्ध अनिमादक पाएं।

सर्व सुखों की प्राप्ति हेतु

सुनहिं विमुक्त विरत अरू विषई।
लहहिं भगति गति संपति नई।

मनोरथ सिद्धि के लिये

भव भेषज रघुनाथ जसु सुनहिं जे नर असु नारि।
तिनकर सकल मनोरथ सिद्धि करहिं त्रिसिरारि।

कचहरी में मुकदमा जीतने के लिये

पवन तनय बल पवन समाना।
बुद्धि विवेक विषपान निधाना।।

आकर्षण के लिये

जेहि के जेहि पर सत्य सनेहूं।
सो तेहि मिलइ न कुछ सन्देहूं

गंगा में स्नान से पुण्य हेतु

सुनि समुझहिं जन मुदित मन मज्जहिंअति अनुराग।
लहहिं चार फल अछत तनु साधु समाज प्रयाग।

Ask a Question?

Some problems are too personal to share via a written consultation! No matter what kind of predicament it is that you face, the Talk to an Astrologer service at Future Point aims to get you out of all your misery at once.

SHARE YOUR PROBLEM, GET SOLUTIONS

  • Health

  • Family

  • Marriage

  • Career

  • Finance

  • Business

शारीरिक हाव भाव एवं लक्षण विशेषांक  आगस्त 2014

सृष्टि के आरम्भ से ही प्रत्येक मनुष्य की ये उत्कट अभिलाषा रही है कि वह किसी प्रकार से अपना भूत, वर्तमान एवं भविष्य जान सके। भविष्य कथन विज्ञान की अनेक शाखाएं प्रचलित हैं जिनमें ज्योतिष, अंकषास्त्र, हस्त रेखा शास्त्र, शारीरिक हाव-भाव एवं लक्षण शास्त्र प्रमुख हैं। हाल के वर्षों में शारीरिक हाव-भाव एवं अंग लक्षणों से भविष्यवाणी करने का प्रचलन बढ़ा है। वर्तमान अंक में शारीरिक हाव-भाव एवं अंग लक्षणों से भविष्यवाणी कैसे की जाती है, इसका विस्तृत विवरण विभिन्न लेखों के माध्यम से समझाया गया है।

सब्सक्राइब


.