सुख समृद्धि हेतु टोटका गृह विवाद दूर करने हेतु यदि घर में प्रतिदिन किसी न किसी बात को लेकर विवाद रहता है, आपस में लड़ाई झगड़े रहते हैं, तो इन सब क्लेशों को मिटाने के लिए घर में कदंब वृक्ष की डाली पूर्णिमा के दिन गंगाजल मंे धोकर धूपबŸाी लगाकर पूजा स्थल पर रख दें। किंतु इस बात का ध्यान रखें कि डाली में सात अंखडित पŸो होने चाहिए। अगली पूर्णिमा को पुरानी डाली को कदंब वृक्ष के नीचे जड़ में रख दें तथा नई डाली उसी विधि से स्थापित कर दें। यह उपाय करते रहें। मकान खाली कराने हेतु यदि किरायेदार आपके मकान को खाली नहीं करता, न ही किराया ही देता है तो शनिवार की सायं भोज पत्र पर लाल चंदन से उसका नाम लिखकर एक शहद की शीशी में डुबो दें। यदि उस दिन शनैश्चरी अमावस्या हो तो और अच्छा है। इस क्रिया से उसके मन-मस्तिष्क में बदलाव होने लगेगा तथा वह मकान खाली करके अन्यत्र चला जायेगा। धन लाभ हेतु धन-लाभ के लिए पूर्णिमा के दिन सुबह ही सुबह पीपल के एक अंखडित पŸो पर रोली से ‘‘राम’’ लिखें और उस पŸो पर बेसन का लड्डू रखकर हनुमान जी के चरणों में अर्पण कर दें। ऐसा सात बार करें तो अवश्य लाभ होगा। बिक्री बढ़ाने हेतु व्यापार में बिक्री बढ़ाने के लिए ग्यारह गोमती चक्रों और तीन छोटे नारियलों की यथाविधि पूजा कर उन्हें पीले वस्त्र में बांधकर बुधवार या शुक्रवार को मुख्य दरवाजे पर लटका दें। इसके लटकाने से यदि आपके प्रतिष्ठान में किसी ने बंदिश अथवा नजर बाधा कर रखी है तो वह तुरंत दूर हो जायेगी। प्रत्येक पूर्णमासी को अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान में गंगाजल व धूपबŸाी लगायें। आर्थिक तंगी दूर करने के लिए यदि घर में पैसे का अत्यंत अभाव है तो संकल्प लेकर 21 शुक्रवार पांच छोटी-छोटी कन्याओं को खीर का प्रसाद खिलायें। खीर में चीनी के स्थान पर मिश्री पीसकर डालें। यह किसी को बतायें नहीं। कर्ज उतारने के लिए यदि आप कर्जदार हैं तथा कर्जा सिर से उतर नहीं रहा है तो शुक्ल पक्ष के प्रथम गुरुवार को सुहागिन स्त्री को उसके सुहाग की सामग्री दान कर दें। ऐसा लगातार पांच गुरुवार करें। सुहाग सामग्री में बिंदी का पैकेट, नेल पाॅलिश, सिंदूर, चूड़ी, लाल रिबन आदि दें। धीरे-धीरे आपकी समस्या का समाधान होने लगेगा।


नवरात्र एवं दीपावली विशेषांक  अकतूबर 2015

फ्यूचर समाचार का यह विशेषांक देवी दुर्गा एवं धन की देवी लक्ष्मी को समर्पित है। वर्तमान भौतिकवादी युग में धन की महत्ता सर्वोपरि है। प्रत्येक व्यक्ति की इच्छा अधिक से अधिक धन अर्जिक करने की होती है ताकि वह खुशहाल, समृद्ध एवं विलासिता पूर्ण जीवन व्यतीत कर सके। हालांकि ईश्वर ने हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग अनुपात में खुशी एवं धन निश्चित कर रखे हैं, किन्तु मनोनुकूल सम्पन्नता के प्रयास भी आवश्यक है। इस विशेषांक में अनेक उत्कृष्ट आलेखों का समावेश किया गया है जो आम लोगों को देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त कर सम्पन्नता अर्जित करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। इन आलेखों में से कुछ महत्वपूर्ण आलेख इस प्रकार हैं- मां दुर्गा के विभिन्न रूप, दीपक और दीपोत्सव का पौराणिक महत्व एवं इतिहास, दीपावली का पूजन कब और कैसे करें, दीपावली के दिन किये जाने वाले धनदायक उपाय, तन्त्र साधना एक विवेचन आदि इन आलेखों के अतिरिक्त कुछ दूसरे स्थायी स्तम्भों के आलेख में समाविष्ट किये गये हैं।

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