शारीरिक लक्षण देखकर भविष्यवाणी

शारीरिक लक्षण देखकर भविष्यवाणी  

इस संसार में भिन्न-भिन्न शारीरिक लक्षणों से युक्त मनुष्य पाये जाते हैं जिनका भविष्य भी शारीरिक लक्षणों के अनुसार भिन्न-भिन्न होता है। प्रत्येक मनुष्य के मस्तक, भौंहें, नाक, आंख, गाल, होठ, दांत, जीभ, कान, बाल को देखकर भविष्यवाणी अर्थात उसके फलित के संबंध में कहा जा सकता है। मस्तक देखकर भविष्यवाणी जिस मनुष्य के मस्तक पर भंवर होता है उसे सुख तो मिलता है पर बहुत कम समय के लिये, जिसके मस्तक पर चंद्रमा जैसा चिह्न होगा वह भाग्यशाली, बुद्धिमान विद्यायुक्त होगा, जिसका मस्तक छत्र के समान होगा वह राजा, राष्ट्रपति, मंत्री, उच्च अधिकारी एवं धनवान होता है। जिसका माथा अंदर की ओर धंसा हुआ होता है वह अभागा, बुरी प्रवृत्ति का होता है। मस्तक पर यदि शून्य का चिह्न हो तो वह व्यक्ति धनवान और भाग्ययान होता है। जिसका मस्तक उभरा हो और पीछे की ओर पलटा हुआ हो वह कला के क्षेत्र में ऊंचा नाम कमाता है और सुख संपत्ति से युक्त होता है। जिसके मस्तक पर पांच रेखायें हों वह शतायु होता है। मस्तिष्क पर रेखायें यदि टूटी हों तो ऐसा व्यक्ति दुश्चरित्र, कामुक तथा भाग्यहीन होता है। मस्तक साफ, बड़ा, अर्द्धचंद्राकार और ऊंचा हो तो ऐसे व्यक्ति के चरणों में सब सुख बिछे रहते हैं। मस्तिष्क छोटा, संकरा अंदर की ओर धंसा हो तो ऐसा व्यक्ति निर्धन और दुव्र्यसनी होता है। मस्तक का सपाट और छोटा होना दुःखों का कारण होता है। यदि मस्तक पर सतिया का चिह्न हो तो यह बहुत शुभ और सब सुखों को प्रदान करने वाला होता है। जिसके मस्तक पर चक्राकार रेखायंे होती हंै वह छल-कपट से साधु महात्मा का वेष रखकर लोगों को ठगने वाला तथा कुकर्मी, अपने भाग्य का नाश करने वाला होता है। जिसका मस्तक धनुषाकार होता है वह सब सुखों का भोग करने वाला, सर्वप्रिय होता है। भांैहें देखकर भविष्यवाणी विशाल और ऊंची, दूर-दूर धनुष के आकार की तथा सुनहरे बालांे वाली, चंद्र के समान वाली भांैहें तथा एक दूसरे को न छूने वाली क्रमशः सम्मान, सुख, संपत्ति, भाग्यवान, शुभ, भाग्यकारक, धन धान्य की द्योतक होती है। यदि भांैहें उल्टी, संकरी और सरल रेखा के समान, कड़ा और सीधे खड़ा, एक दूसरे से सट जाने वाली भांैहें, बारीक, संकरी या ऊंची, टेढ़ी-मेढ़ी, झुकावदार क्रमशः दुख दारिद्र्य और भाग्यहीनता, स्त्रियों में आसक्त होने के कारण भाग्यहीनता, दुर्भाग्यशाली, क्रोधी और कामुक, अल्पायु, दरिद्रता दुराचार और दुर्भाग्य की द्योतक होती है। आंखों को देखकर भविष्यवाणी लंबोतरी, पानीदार, बड़ी, सफेद भाग अधिक, पलकें सुनहरी, पलकंे बार-बार झपकने वाली, विशाल, चमकदार, कमल के समान आंखें, गंभीर दृष्टि वाली, काली पुतली वाले निर्मल आंख, आंखों को देखकर विशालता का अनुभव होना, केंद्र लालिमायुक्त होना आदि क्रमशः धन तथा सौभाग्य की सूचक, भाग्यशाली, भाग्यवान, प्रतिभाशाली एवं स्फूर्तिवान, भाग्यवान, संपत्तिशाली, अत्यंत भाग्यशाली, शासक, ऐश्वर्यशाली, सुखी, भाग्यवान, अमीर, सुखी, राजसुख की सूचक होती है। गिद्ध के समान आंख वाले दुष्ट प्रकृति के, जिनकी नजर एक स्थान पर स्थिर नहीं रहती है वह अस्थिर स्वभाव के, बगुले के समान वाली आंखों वाले गरीब, शेर के समान आंखों वाले क्रोधी और गर्म स्वभाव के, बिल्ली की सी आंख वाले बदला लेने वाले, विश्वासघात करने वाले, क्रूर, चालाक, धूत्र्त होते हैं। कौवे तथा मेढ़क सी आंख वाले निम्न प्रवृत्ति के तथा भाग्यहीन होते हैं। नेवले और मोर सी आंख वाले मध्यम श्रेणी के सुखी होते हैं। एक आंख से काने या भंेगे आंख वाले धूत्र्त, चालाक, कपटी होते हैं। दूसरों को फंसाकर हित साधन करने वाले, आंखों की पुतली नीचे झुकाये रहने वाले अपराधी प्रवृत्ति के होते हैं। आंख में तिल का होना बर्बादी का सूचक है। नाक देखकर भविष्यवाणी नाक मनुष्य की इच्छाशक्ति, संकल्प तथा निर्णय लेने की क्षमता की सूचक है। जिन लोगों की नाक लंबी और चैड़ी होती है, ऐसे व्यक्ति सावधान, भाग्यवान होते हैं। इस प्रकार के व्यक्ति प्रायः जज, राजनीतिज्ञ, सरपंच, वक्ता, वैज्ञानिक आदि होते हैं। जिनकी नाक तोते की तरह होती है वह भाग्यशाली होते हैं, इसी प्रकार की स्थिति गरूड़ जैसी नाक वालों की भी होती है, चील या गिद्ध जैसी नाक वाले व्यापारी या उद्योगपति होते हैं साथ ही साथ ऐसे लोग साहसी, लगनशील, प्रतिस्पर्धी को हराने वाले होते हैं, नाक बड़ी परंतु चेहरे के अनुपात से, सिरा मुलायम, नुकीला न हो तो ऐसे व्यक्ति पराक्रमी तथा सेना में उच्च पदस्थ होते हैं। हाथी की सूंड़ के समान नाक वाले धनवान होते हैं। जिनकी नाक हंस के समान होती है वह प्रशासनिक अधिकारी होते हैं। होठों के ठीक बीच में नाक वाले सुखी जीवन व्यतीत करते हैं। चपटी नाक वाले भाग्यहीन तथा टेढ़ी-मेढ़ी नाक वाले भी ऐसे होते हैं। ये कुकर्मी भी होते हैं। ये पराई स्त्री को बुरी नजर से देखने वाले भी होते हैं। यदि नाक का सिरा दाईं ओर झुका हो तो वह व्यक्ति क्रूर और दुष्ट होता है। जिसकी नाक धंसी हुई सी हो वह अल्पायु होता है। होंठों द्वारा भविष्यवाणी किसी भी व्यक्ति के होठांे की बनावट और रंग से स्वास्थ्य तथा कामेच्छा की भविष्यवाणी की जा सकती है। जिस व्यक्ति के हांेठ गुलाब की पंखुड़ियों के समान लाल रंग के होते हैं वह सौभाग्यवान होता है। जिस व्यक्ति के हांेठ रसीले एवं मनभावन होते हैं वह जन्म से ही भोग विलास एवं ऐशोआराम भोगने का भाग्य लेकर आता है। एक दूसरे पर अच्छी तरह से बैठने वाले होंठ भी भाग्यवान होते हैं। यदि होंठ कमानदार हो तो यह भी ऐश्वर्य के सूचक हैं। जिस व्यक्ति का नीचे का होंठ एक ओर कुछ इस प्रकार झुका हो जैसे तराजू का पलड़ा रहता है ऐसे व्यक्ति विश्वासघाती, चोर, अपराधी और पापी प्रवृत्ति के होते हैं। सूखे, काले, धब्बेदार, कटे-फटे मोटे होंठ द्ररिद्रता की निशानी है। यदि होंठांे पर खड़ी रेखायें हांे तो यह दुर्भाग्य की सूचक होती है। यदि दोनों हांेठ एक दूसरे से दूर-दूर तथा ऊपर का होंठ बाहर को निकला हो तो ऐसे लोग मूर्ख एवं अभागे होते हैं। दांत देखकर भविष्यवाणी मजबूत दांत और स्वस्थ मसूढ़े अच्छे स्वास्थ्य की भविष्यवाणी करते हैं। इसी के साथ-साथ यदि मसूढ़े गुलाबी रंग के और ठोस तथा दांत कुंद पुष्प की कली के समान हांे तो व्यक्ति धनवान तथा भाग्यवान होता है। यदि दांत पुष्प के समान बारीक सिरे वाले हों तो व्यक्ति सभी सुख भोगने वाला, विलासी, शासक तथा भाग्यवान होता है। अनार के दानों के समान दांत वाले भाग्यशाली होते हैं। ऐसी भी मान्यता है कि यदि 32 दांत मुंह में है तो यह व्यक्ति भाग्यशाली तथा सत्य बोलने वाले एवं जो कह देते हैं वह सत्य होता है। 31 दांत वाला भोग विलास में चतुर, 30 दांत वाले आर्थिक रूप से मध्यम श्रेणी के होते हैं। 29 दांत वाले सदैव दुखी रहते हैं। 28 दांत वाले भाग्यहीन होते हैं। यदि दांत गधे, भालू, बंदर या चूहों के समान हों तो ऐसे व्यक्ति धनवान तो होते हैं परंतु अपने बुरे आचरण के कारण निर्धन की भांति जीवन व्यतीत करते हैं। बडे़ दांत, बाहर निकले हुए दांत भाग्यहीनता के सूचक होते हैं। गाल देखकर भविष्यवाणी गाल व्यक्ति के तेज, स्नेह, प्रसन्नता एवं आतिथ्य सत्कार के विषय में बताते हैं। उभरे हुये गोलाकृति गाल सौभाग्यवान के होते हैं, गुलाबी, नरम, गुदगुदे गाल भी अच्छे भाग्य के सूचक हैं। सिंह, हाथी के गाल जैसे वाले व्यक्ति भी धनवान तथा भाग्यवान होते हैं। भरे-भरे उठे हुये और पुष्ट गाल वाले ऐशो आराम का जीवन जीते हैं। पुरूष के गाल पर लाल रंग का तिल आनंदवर्धक होता है। पुरूष के गाल पर काले रंग का तिल शुभदायक नहीं होता है। जीभ देखकर भविष्यवाणी लाल रंग और पतली जीभ भाग्यवान लोगों की होती है। जिसके नाक को जीभ छू ले वह बहुत भाग्यशाली होता है। सच तो यह है कि लाल, ी निशानी है। जिसकी जीभ काली आभा वाली, खुरदरी या जीभ पर मैल जमा रहता हो तो क्रमशः ऐसे व्यक्ति दुर्भाग्यशाली, भाग्यहीनता तथा पापकर्म में लिप्त रहने वाले प्रवृत्ति के होते हैं। मोटी और चैड़ी जीभ भी भाग्यहीनता की निशानी है। कान देखकर भविष्यवाणी कान भी व्यक्ति के भाग्य के द्योतक होते हैं। जिस व्यक्ति के कान बड़े आकार के होते हैं वह बुद्धिमान, धनवान तथा बड़े व्यापारी, उद्योगपति आदि होते हैं। वास्तव में कान चार प्रकार के होते हैं। 1. लंबे, 2. तिकोने 3. चैकोर 4. भीतर से चिपके हुये। यदि कान ऊपर की ओर बड़ा, चैड़ा तथा फूला हुआ हो तथा नीचे की ओर नुकीला हो तो ऐसा व्यक्ति लखपति होता है। लोलक के आकार से धन प्राप्ति योग का भी निर्धारण किया जा सकता है। लोलक जितने बड़े, मोटे और वजनी होंगे उतनी ही अधिक संपत्ति प्राप्त होगी। यदि लोलक इतने बड़े हांे कि गाल को स्पर्श करे तो व्यक्ति करोड़पति होता है। कानांे का फैलावदार तथा नीचे नुकीला होना धन और संपत्ति के आगमन का सूचक होता है। लंबोतर कान धनहीनता के सूचक होते हैं। कानांे का अधिक मोटा या अधिक पतला होना भी भाग्यहीनता का सूचक है। जिनके कान में लोलक नहीं होते प्रायः वह धनहीन होता है। बाल देखकर भविष्यवाणी बालों के रंग तथा आकार-प्रकार से भी मनुष्य के भाग्य के बारे में पता चलता है। बाल भी चार प्रकार के होते हैंः काले और घुंघराले, भूरे, सुनहरे, मुलायम। बहुत लंबे बाल उमंगशीलता बताते हैं,कान के पास आकर बाल लहरदार या घुंघराले हो जायें तो यह भाग्यवान होने का कारण होता है। गर्दन पर आकर बाल गुच्छों की शक्ल ले लें तो यह भी धनवान होने का सूचक होता है। शरीर की त्वचा के हर छेद से एक-एक बाल निकले तो यह भी भाग्यवृद्धि की निशानी है। सुनहरे और घंुघराले बाल भी भाग्यवर्द्धन को बताते हैं। लंबे और घने बाल उत्साही लोगों के होते हैं। महीन बाल जो खड़े हो जाते हों या बालो में मोड़ न पड़े यह सब दुर्भाग्य की ओर संकेत करते हैं।


शारीरिक हाव भाव एवं लक्षण विशेषांक  आगस्त 2014

सृष्टि के आरम्भ से ही प्रत्येक मनुष्य की ये उत्कट अभिलाषा रही है कि वह किसी प्रकार से अपना भूत, वर्तमान एवं भविष्य जान सके। भविष्य कथन विज्ञान की अनेक शाखाएं प्रचलित हैं जिनमें ज्योतिष, अंकषास्त्र, हस्त रेखा शास्त्र, शारीरिक हाव-भाव एवं लक्षण शास्त्र प्रमुख हैं। हाल के वर्षों में शारीरिक हाव-भाव एवं अंग लक्षणों से भविष्यवाणी करने का प्रचलन बढ़ा है। वर्तमान अंक में शारीरिक हाव-भाव एवं अंग लक्षणों से भविष्यवाणी कैसे की जाती है, इसका विस्तृत विवरण विभिन्न लेखों के माध्यम से समझाया गया है।

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