संजय बुद्धिराजा


सम्मोहन व वशीकरण - लाभ कैसे लें

आगस्त 2010

व्यूस: 133673

सम्मोहन व वशीकरण जिसे प्राण विद्या या त्रिकाल विद्या भी कहते हैं भारत की प्राचीन विद्या है। रूद्रयामल व तंत्र चूड़ामणि में सम्मोहन के विभिन्न तरीकों व सम्मोहन चिकित्सा द्वारा रोगी को लाभ व वशीकरण के कुछ उपयोगी मंत्रों का उल्लेख किय... और पढ़ें

अन्य पराविद्याएंउपायआकर्षण

टोटकों का अद्भुत संसार

फ़रवरी 2015

व्यूस: 121321

आज का युग कलयुग है। कलयुग में ‘नानक दुखिया सब संसार’। यानि आज लगभग हर इंसान किसी न किसी कारण से दुखी है। इंसान छोटा हो या बड़ा, अमीर हो या गरीब - प्रत्येक को कोई न कोई समस्या परेशान करती ही रहती है जिसके लिये वह उपायों की तलाश म... और पढ़ें

स्वास्थ्यअन्य पराविद्याएंउपायविवाहभविष्यवाणी तकनीकटोटकेसंपत्ति

सफलता की गारंटी ‘‘शुभ मुहूर्त’’ पाना मुश्किल नहीं है

जून 2011

व्यूस: 50772

मुहूर्त की गणना उन लोगों के लिए भी लाभदायक है जो अपना जन्म विवरण नहीं जानते। ऐसे लोग शुभ मुहूर्त की मदद से अपने प्रत्येक कार्य में सफल होते देखे गए हैं। दैनिक जीवन में शुभ कार्यों के लिए सरल शुभ मुहूर्त का विचार निम्न प्रकार से कि... और पढ़ें

ज्योतिषमुहूर्तपंचांगभविष्यवाणी तकनीक

वृक्ष, पौधे व वास्तु

दिसम्बर 2010

व्यूस: 45385

प्रत्येक रंग की अपनी नियति तथा अलग प्रभाव होता है जो मानव जीवन को प्रभावित करते हैं।... और पढ़ें

वास्तुवास्तु पुरुष एवं दिशाएंवास्तु के सुझाव

दुर्गासप्तशती के मंत्रों से कार्य सिद्धि

अकतूबर 2010

व्यूस: 15557

दुर्गा सप्तशती का पाठ दो प्रकार से होता है- एक साधारण व दूसरा सम्पुट। सप्तशती में कुल सात सौ मंत्र है। इस आलेख में प्रस्तुत है सप्तशती के सिद्ध सम्पुट मंत्रों का विवरण। इन मंत्रों का नवरात्र में जप करने से शीघ्र फल की प्राप्ति होत... और पढ़ें

देवी और देवमंत्र

भयभीत न हों अष्टम चंद्र से

अप्रैल 2009

व्यूस: 9242

अष्टम चंद्र यानि जन्म कुंडली में आठवें भाव में स्थित चंद्र। आठवां भाव यानि छिद्र भाव, मृत्यु स्थान, क्लेश'विघ्नादि का भाव। अतः आठवें भाव में स्थित चंद्र को लगभग सभी ज्योतिष ग्रंथों में अशुभ माना गया है और वह भी जीवन के लिए अशुभ। ज... और पढ़ें

ज्योतिषकुंडली व्याख्याघरग्रहभविष्यवाणी तकनीक

धनदायक अचूक उपाय

नवेम्बर 2014

व्यूस: 8859

पुराणों में लिखित दीपावली की रात के अन्य नाम हैं - दिव्यरजनी, महानिशा, कालरात्रि, महाकृष्णा। ये रात तंत्र, मंत्र, साधना हेतु अति उत्तम रात हंै। वैसे तो दीपावली का पूर्ण दिन ही विभिन्न प्रकार की साधनाओं व उपासनाओं के लिये अति उतम... और पढ़ें

देवी और देवउपायपर्व/व्रतसंपत्ति

शनि अष्टकवर्ग

जनवरी 2011

व्यूस: 6834

अष्टकवर्ग विद्या की अचूकता व सटीकता का प्रतिशत सबसे अधिक है। सभी ग्रहों के अष्टकवर्ग के फलकथन के क्रम में इस बार शनि के अष्टकवर्ग के फल कथन की बारी है जिससे कर्म, नौकर, मजदूर, मेहनत, रोग बाधा, न्यायालय, आयु आदि विषय में विचार किया... और पढ़ें

ज्योतिषअष्टकवर्गकुंडली व्याख्याघरग्रहभविष्यवाणी तकनीक

शनि प्रश्नोत्तरी

नवेम्बर 2011

व्यूस: 6738

आकाश में ग्रह नक्षत्रों की चाल बदलते ही किस्मत बदल जाती है। यह सब नौ ग्रहों के 12 राशियों में संचरण से होता है। इन्ही नौ ग्रहों में से एक है शनि देव। शनि देव सदैव से जिज्ञासा का केंद्र रहे हैं।... और पढ़ें

ज्योतिषअध्यात्म, धर्म आदिविविध

क्या आप बाधक दोष से ग्रस्त हैं ?

अकतूबर 2013

व्यूस: 6249

जन्म कुंडली में विद्यमान विभिन्न दोषों जैसे कि केंद्र दोष, मारक दोष, पापकर्तरी दोष आदि के बारे में भारतीय ज्योतिष ग्रंथ विस्तार से वर्णन करते हैं। इन दोषों के अध्ययन का तो भारतीय ज्योतिषियों में प्रचलन है परंतु ”बाधक दोष“ के अध्यय... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगकुंडली व्याख्याभविष्यवाणी तकनीक

लोकप्रिय विषय

बाल-बच्चे चाइनीज ज्योतिष दशा वर्ग कुंडलियाँ डऊसिंग सपने शिक्षा वशीकरण शत्रु यश पर्व/व्रत फेंगशुई एवं वास्तु टैरो रत्न सुख गृह वास्तु प्रश्न कुंडली कुंडली व्याख्या कुंडली मिलान घर जैमिनी ज्योतिष कृष्णामूर्ति ज्योतिष लाल किताब भूमि चयन कानूनी समस्याएं मंत्र विवाह आकाशीय गणित चिकित्सा ज्योतिष विविध ग्रह पर्वत व रेखाएं मुहूर्त मेदनीय ज्योतिष नक्षत्र व्यवसायिक सुधार शकुन पंच पक्षी पंचांग मुखाकृति विज्ञान ग्रह प्राणिक हीलिंग भविष्यवाणी तकनीक हस्तरेखा सिद्धान्त व्यवसाय राहु आराधना रमल शास्त्र रेकी रूद्राक्ष हस्ताक्षर विश्लेषण सफलता मन्दिर एवं तीर्थ स्थल टोटके गोचर यात्रा वास्तु परामर्श वास्तु दोष निवारण वास्तु पुरुष एवं दिशाएं वास्तु के सुझाव स्वर सुधार/हकलाना संपत्ति यंत्र राशि
और टैग (+)