छोटे-छोटे उपाय हर घर में लोग जानते हैं, पर उनकी विधिवत् जानकारी के अभाव में वे उनके लाभ से वंचित रह जाते हैं। इस लोकप्रिय स्तंभ में उपयोगी टोटकों की विधिवत् जानकारी दी जा रही है।

ज्वर दूर करने के लिए

  • बच्चा हो या वृद्ध ज्वर सभी को होता है। यदि आप को तेज ज्वर है तो आप मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान मंदिर जाकर उनके दर्शन करके केवल उनके चरणों का सिंदूर लाकर कुशा के आसन पर बैठ जाएं व उत्तर दिशा की ओर मुंह करके निम्नलिखित श्लोक को धूप देकर केवल सात बार पढ़ें।
  • मनोजवं मारूततुल्यवेगं, जितेन्द्रिय बुद्धिमतां वरिष्ठ। वातात्मजं वानरयूथ मुख्यां, श्री रामदूत शरणं प्रपद्ये।

    इसके बाद रोगी के माथे पर इस सिंदूर का लेप कर दें। चाहे कोई भी ज्वर हो ज्वर का प्रकोप शांत हो जायेगा। यह हनुमान जी की शक्ति है। सभी प्रकार के ज्वर इससे शांत होते हैं। यह क्रिया 3 दिन, 5 दिन एवं 7 दिन तक करना चाहिए।

  • हनुमान चालीसा की यह चैपाई भी पाठ के रूप में 21 बार जाप करेंगे तो भी ज्वर से मुक्ति हो जाती है। नासे रोग हरे सब पीरा। जो सुमिरै हनुमत बल वीरा।। उपरोक्त विधि से उपासना करें।
  • सौंठ की माला बनाकर उससे जाप करेंगे तो भी लाभ होगा।
  • सफेद मदार की जड़ लाकर उसक कपड़े पर धागे के द्वारा रोगी के दाहिनी ओर तथा औरत के बाईं ओर भुजा पर बांधने से ज्वर के रोग से छुटकारा मिल जाता है।
  • शनिवार को बबूल की जड़ को सफेद धागे में लपेट कर बाईं भुजा पर बांधने से ज्वर शांत हो जाता है।
  • सफेद कनेर की जड़ को सफेद धागे में लपेट कर बाईं ओर भुजा पर बांधने से ज्वर रोग शांत होता है। जब ज्वर में आराम नहीं आता है तब तक बंधा रहने दें।
  • भूख न लगने पर उपचार

    यह प्रायः सुना होगा मुझे भूख नहीं लगती है। मेरा खाने को मन नहीं करता है। शरीर टूटता रहता है। आलस्य बना रहता है। काम करने को मन नहीं करता है। ऐसे व्यक्ति प्रातः उठ कर भ्रमण करने को जायें। एकाग्रता से मन को बांधकर नाक को देखें। ऊँ ऊँ ऊँ शब्द मन से अपने हृदय में बोलते रहें बिना जिह्वा होठ हिलाये। इसके बाद रोग से पीड़ित प्राणी को एक घंटा पेट के बल सोना चाहिए। श्वांस पर ऊँ बोलते रहें।

  • प्रातः सोकर उठने के बाद एक तांबे के लोटा में शुद्ध जल को हाथ में लेकर उस जल की ओर देखें तथा यह मंत्र ‘‘ऊँ अमिचक्रायहीन नमः’’ प्रतिदिन 108 बार जाप करें। जाप के पश्चात उस समस्त जल को पीले तथा तांबे के लोटे को औंधा करके जमीन पर रख दें। इस क्रिया से भूख स्वयं लगेगी तथा शरीर में स्फूर्ति का संचार होगा।


कालसर्प योग एवं राहु विशेषांक  मार्च 2013

फ्यूचर समाचार पत्रिका के कालसर्प योग एवं राहु विशेषांक में कालसर्प योग की सार्थकता व प्रमाणिकता, द्वादश भावों के अनुसार कालसर्प दोष के शांति के उपाय, कालसर्प योग से भयभीत न हों, सर्पदोष विचार, सर्पदोष शमन के उपाय, महाशिवरात्रि में कालसर्प दोष की शांति के उपाय, राहु का शुभाशुभ प्रभाव, कालसर्पयोग कष्टदायक या ऐश्वर्यदायक, लग्नानुसार कालसर्पयोग, हिंदू मान्यताओं का वैज्ञानिक आधार, वास्तु परामर्श, वास्तु प्रश्नोतरी, यंत्र समीक्षा/मंत्र ज्ञान, होलीकोत्सव, गौ माहात्म्य, पंडित लेखराज शर्मा जी की कुंडली का विश्लेषण, व्रत पर्व, कालसर्प एवं द्वादश ज्योर्तिलिंग आदि विषयों पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई है।

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