(10 लेख)
लाल किताब के तरीके से कालसर्प दोष शमन

मार्च 2011

व्यूस: 6888

लाल किताब में कालसर्प दोष का वर्णन तो नहीं किया गया है लेकिन लाल किताब के आधार पर राहु तथा केतु की शांति तथा प्रसन्नता हेतु विभिन्न सरल उपाय बताए गए हैं इस लेख में विभिन्न काल सर्प दोषों के संदर्भ में किए जाने वाले उपायों की विस्त... और पढ़ें

ज्योतिषउपायज्योतिषीय विश्लेषणज्योतिषीय योगभविष्यवाणी तकनीक

कालसर्प एवं द्वादश ज्योतिर्लिंग

मार्च 2013

व्यूस: 3566

कालसर्प योग की जन्मांग में उपस्थिति मात्र से जनसामान्य के मन में आतंक और भय की भावना उदित हो जाती हैं। कालसर्प योग से पीड़ित जन्मांग वाले जातकों का संपूर्ण जीवन अभाव अनवरत अवरोध, निरंतर असफलता, संतानहीनता, वैवाहिक जीवन में अनेक कष... और पढ़ें

ज्योतिषदेवी और देवस्थानउपायज्योतिषीय योगरत्नघरलाल किताबमंत्रग्रहमन्दिर एवं तीर्थ स्थल

अंक और शेयर मार्केटिंग

जुलाई 2011

व्यूस: 3087

शेयर मार्केट में सफलता प्राप्त करने के लिए अपने मूलांक, भाग्यांक, और नामांक के आधार पर कंपनी व लॉटरी का चयन करें-... और पढ़ें

अंक ज्योतिषभविष्यवाणी तकनीक

संहिता ज्योतिष में भूकम्प-मीमांसा

जनवरी 2014

व्यूस: 2598

‘सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत्।।’’ वैदिक संस्कृति सर्वदा से ही लोक कल्याण तथा आत्मकल्याण दोनों को ही समान रूप से महत्व देती रही है। वैदिक ऋचाओं में जहां ऋषिगण आत्मकल्याण के... और पढ़ें

ज्योतिषमेदनीय ज्योतिषभविष्यवाणी तकनीक

प्रेम-विवाह और ज्योतिषीय ग्रह योग

मई 2013

व्यूस: 2505

‘प्रेम-विवाह’ एक ऐसा शब्द है जो अपने अंदर कई भावनाओं को समेटे हुए है। जहां अभिभावकों के लिए यह चिंता, आशंका, क्रोध, संशय आदि का कारण बनता है, वहीं नवयुवक तथा नवयुवतियों के लिए यह संतोष, आशा एवं सुखद भविष्य की कल्पना को ऊंची उड़ान द... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगविवाह

प्रमाणिक है कालसर्प योग

मार्च 2013

व्यूस: 2340

कालसर्प योग शब्द तीन शब्दों काल, सर्प और योग के मिलने से बना हैं। काल शब्द का प्रयोग वैदिक काल से होता आ रहा हैं। और आज का संपूर्ण ज्योतिषशास्त्र काल पर ही आश्रित हैं-ज्योतिष कालविधानशास्त्रम।... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योग

तृतीय प्रकृति एवं ज्योतिष ग्रह योग

अकतूबर 2014

व्यूस: 1480

न केवल भारतीय सनातन परम्परा में बल्कि शिव की अन्य संस्कृतियों में भी ‘आदि-मिथुन’ की कल्पना की गई है। चाहे वह पाश्चात्य संस्कृति में उपलब्ध एडम और ईव हों अथवा स्वयम्भुवन् मनु और सद्रूपा। मानव जाति को स्त्री-पुरुष द्वन्द्वात्मक स्... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय विश्लेषणज्योतिषीय योगभविष्यवाणी तकनीक

मंगल दोष,परिहार और ग्रहों की भूमिका

जुलाई 2015

व्यूस: 1355

भारतीय ज्योतिषशास्त्र ने वैदिक काल से ही कष्ट, दुःख और सन्ताप से पीड़ित मानवता को आधार और सम्बल प्रदान किया है। जब प्रत्यक्ष, अनुमान आदि के आश्रय से भी समस्याओं का समाधान नहीं मिल पाता था तो ज्योतिष शास्त्र अपने प्रभाव से मानव मा... और पढ़ें

ज्योतिषभविष्यवाणी तकनीक

समृद्धि और दरिद्रता के ज्योतिषीय सूत्र

अकतूबर 2016

व्यूस: 161

भारतीय संस्कृति धर्म, अर्थ, काम तथा मोक्षरूपी पुरूषार्थ प्राप्ति को ही अपना ध्येय मानती रही है। इनमें से भी अर्थ तथा काम के प्रति मानव मस्तिष्क का आकर्षण सर्वविदित है। इस लौकिक जगत में शायद ही ऐसा कोई मनुष्य हो जो अर्थप्राप... और पढ़ें

ज्योतिषउपायपर्व/व्रतभविष्यवाणी तकनीक

वैवाहिक विघटन के विविध आयाम और ज्योतिष शास्त्रीय संदर्भ

नवेम्बर 2016

व्यूस: 70

भारतीय ज्योतिषशास्त्र का मूल उद्देश्य ही मानव मात्र का कल्याण है। वैदिक काल से ही इस वेदाङ्ग ने विभिन्न भौतिक तथा आध्यात्मिक संतापों से मानव को मुक्ति प्रदान की है। वैवाहिक सम्बन्धों के सन्दर्भ में भी ज्योतिषशास्त्र की उपादे... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय विश्लेषणविवाहभविष्यवाणी तकनीक

लोकप्रिय विषय

बाल-बच्चे चाइनीज ज्योतिष दशा वर्ग कुंडलियाँ डऊसिंग सपने शिक्षा वशीकरण शत्रु यश पर्व/व्रत फेंगशुई एवं वास्तु टैरो रत्न सुख गृह वास्तु प्रश्न कुंडली कुंडली व्याख्या कुंडली मिलान घर जैमिनी ज्योतिष कृष्णामूर्ति ज्योतिष लाल किताब भूमि चयन कानूनी समस्याएं मंत्र विवाह आकाशीय गणित चिकित्सा ज्योतिष विविध ग्रह पर्वत व रेखाएं मुहूर्त मेदनीय ज्योतिष नक्षत्र व्यवसायिक सुधार शकुन पंच पक्षी पंचांग मुखाकृति विज्ञान ग्रह प्राणिक हीलिंग भविष्यवाणी तकनीक हस्तरेखा सिद्धान्त व्यवसाय राहु आराधना रमल शास्त्र रेकी रूद्राक्ष हस्ताक्षर विश्लेषण सफलता मन्दिर एवं तीर्थ स्थल टोटके गोचर यात्रा वास्तु परामर्श वास्तु दोष निवारण वास्तु पुरुष एवं दिशाएं वास्तु के सुझाव स्वर सुधार/हकलाना संपत्ति यंत्र राशि
और टैग (+)