छोटे-छोटे उपाय हर घर में लोग जानते हैं, पर उनकी विधिवत् जानकारी के अभाव में वे उनके लाभ से वंचित रह जाते हैं। इस लोकप्रिय स्तंभ में उपयोगी टोटकों की विधिवत् जानकारी दी जा रही है।

दुर्भाग्य से छुटकारा पाना

शनिवार को सरसों के तेल में बने, गेहूं के आटे के गुड़ के सात पूए व आक के फूल तथा सिंदूर एवं आटे से तैयार किया गया दीपक जलाकर अरन्डी के पत्ते पर रखकर रात्रि में किसी चैराहे पर रख दें तथा यह कहें कि हे ! मेरे दुर्भाग्य मैं तुम्हें यहीं पर छोड़कर जा रहा हूं। अब मेरे पास मत रहना, न मुझे कष्ट पहुंचाना। पीछे को मुड़ कर मत देखें।

जिस स्थान पर कीड़े, मकोड़े अधिक मात्रा में निकलते हों उस स्थान पर अपने बाएं पैर का जूता उल्टा करके रख दें। इस क्रिया से जो कीड़े मकोड़े हैं वह पुनः बिल में घुस जायेंगे।

किसान अश्लेषा नक्षत्र में कहीं से बरगद का पत्ता लाकर अपने अनाज के भंडार में रख दे तो अनाज का भंडार सदा भरा रहेगा व वृद्धि होगी।

सुदर्शन की जड़ और अपामार्ग की जड़ या फिर सफेद घुघनी की जड़ को यदि कोई ताबीज में रख कर अपनी पूजा स्थल में बांधकर रखता है तो उसकी शस्त्राघात से सदैव रक्षा रहेगी।

किसानों के लिए टोटका

सफेद सरसों और बालू एक साथ मिलाकर खेत के चारों ओर डालने भरणी नक्षत्र में देशी पान का पत्ता लाकर उसे सुपारी व कत्थे से बीड़ा बनाकर जहां से वस्तु चोरी हुई है वहां पर रखने से चोरी का रहस्य खुल जाता है। सात दिन तक प्रतीक्षा करें।

1- जिसके शरीर में किसी भूत-प्रेत की आत्मा का वास है, यदि लहसुन के रस में हींग को घोलकर उसकी आंख में काजल की मोती लगा दी जाय अथवा नाक में उसे सूंघा दिया जाय तो ऊपरी बाधा तुरंत शरीर से निकल जाती है।

2- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में बहेड़े का पचा लकर उसे घर में पूजा के स्थान पर रखने से उसके ऊपर घातक त्रांत्रिक क्रियायें नहीं चलती हैं अथवा मूठ आदि अथवा जो भूत पिशाचनी आदि को छेड़ते हैं वह देखते ही भाग जाती है।

3- पुनर्वसु नक्षत्र में मेहंदी की जड़ को लाकर उसको धूप दीप से पूजन कर अपने पास में रखने से आकर्षण होता है एवं शरीर स्वस्थ रहता है।

4- मघा नक्षत्र में पीपल की जड़ को लाकर उसको पवित्र कर धूप दीप देकर यह मंत्र बोलें ‘‘दुर्गे दुर्गे राक्षिणी स्वाहा।। रात्रि में कोई बुरा स्वप्न व भयानक स्वप्न कभी नहीं दिखाई देगा।



नक्षत्र विशेषांक  फ़रवरी 2013

फ्यूचर समाचार पत्रिका के नक्षत्र विशेषांक में नक्षत्र, नक्षत्र का ज्योतिषीय विवरण, नक्षत्र राशियां और ग्रहों का परस्पर संबंध, नक्षत्रों का महत्व, योगों में नक्षत्रों की भूमिका, नक्षत्र के द्वारा जन्मफल, नक्षत्रों से आजीविका चयन और बीमारी का अनुमान, गंडमूल संज्ञक नक्षत्र आदि ज्ञानवर्धक आलेख सम्मिलित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त हिंदू मान्यताओं का वैज्ञानिक आधार, वास्तु परामर्श, वास्तु प्रश्नोतरी, यंत्र समीक्षा/मंत्र ज्ञान, गुण जेनेटिक कोड की तरह है, दामिनी का भारत, तारापीठ, महाकुंभ का महात्म्य, लालकिताब के टोटके, लघु कथाएं, जसपाल भट्टी की जीवनकथा, बच्चों को सफल बनाने के सूत्र, अंक ज्योतिष के रहस्य, मन का कैंसर और उपचार व हस्तरेखा आदि विषयों पर गहन चर्चा की गई है। विचारगोष्ठी में वास्तु एवं ज्योतिष नामक विषय पर चर्चा अत्यंत रोचक है।

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