गोचर की दृष्टि से जुलाई का महीना अति महत्वपूर्ण है। 13 जुलाई को 21ः43 मिनट पर राहु कन्या राशि में प्रवेश कर रहे हैं। मंगल भी कई महीनों से कन्या राशि में स्थित थे जो 14 जुलाई को प्रातः 8ः45 पर तुला राशि में आ रहे हैं। शनि भी 21 जुलाई को प्रातः 2ः05 पर वक्री से मार्गी हो जाएंगे। गुरु 19 जून को 8ः47 पर अपनी उच्च राशि में प्रवेश कर ही रहे हैं। इस प्रकार से सभी महत्वपूर्ण ग्रह मंगल, गुरु, शनि व राहु आदि सभी की स्थिति में परिवर्तन हो रहा है। सर्वप्रथम भारत की कुंडली में यदि ग्रह स्थिति का अवलोकन करें तो शनि चंद्रमा से चतुर्थ थे जो पंचम भाव की ओर अग्रसर हो जाएंगे और राहु चतुर्थ भाव से तृतीय भाव में आ जाएंगे। साथ ही गुरु भी द्वादश से राशि के ऊपर आ जाएंगे जहां भारत की कुंडली में पहले से ही पांच ग्रह विराजमान हैं। सभी ग्रहों का यह ग्रह गोचर बताता है कि भारत के लिए अच्छे दिन आने वाले हैं और अगला एक वर्ष शुभ व प्र्रगतिदायक रहेगा। उच्चस्थ गुरु भारत की मान मर्यादा बढ़ाएंगे तथा तीसरे राहु के कारण भारत का पड़ोसी देशों पर दबदबा बढ़ेगा। पंचम शनि उद्योग जगत में विकास को उच्च स्तर पर ले जाएगा। उच्च राशिस्थ गुरु सर्वदा रीयल एस्टेट मार्केट को नीचे गिराता है अतः अगला एक वर्ष चहुंमुखी विकास होने पर भी रीयल एस्टेट मार्केट के लिए काफी कठिन रहने वाला है। गुरु के शुभ गोचर के फलस्वरूप भारत की सभ्यता, संस्कृति, धर्म, ज्ञान एवं शिक्षा में तीव्र विकास होगा। धार्मिक शिक्षा, वैदिक संस्कृति, वेद, वेदांत, दर्शन व ज्योतिष का भी श्रेष्ठ स्तर पर प्रचार प्रसार होगा। समाज में बढ़ते अपराध व आतंकवादी घटनाओं पर अंकुश लगेगा। नरेंद्र मोदी की जन्मपत्री में राहु बारहवें से लाभ स्थान में आ जाएंगे जिसके कारण वे अपने कार्य में अपनी पकड़ को मजबूत करने में निश्चित रूप से सफल होंगे और भारतीय जनता व विभिन्न राष्ट्राध्यक्ष उनकी बात मानेंगे। गुरु भी अष्टम से नवम में आ रहे हैं जो उनके लग्न व पंचम भाव को देखेंगे व इस कारण इनकी मान प्रतिष्ठा बढ़ेगी। धार्मिक कृत्यों की ओर इनका झुकाव बढ़ेगा। धर्मस्थल व वैदिक शिक्षा के उत्थान के लिए विशेष कार्य करेंगे। बुद्धि द्वारा अनेक कार्य करने में सफलता प्राप्त करेंगे। शनि मार्गी होने के पश्चात चंद्रमा की ओर अग्रसर हो जाएगा । इसके कारण पार्टी के अंदर कुछ रोष का भी सामना करना पड़ सकता है। कार्यकाल का आरंभ जितना शुभ, सरल व श्रेष्ठ रहा है आगामी समय विशेष रूप से अक्तूबर, नवंबर, दिसंबर व जनवरी इनके लिए अत्यंत कठिन सिद्ध हो सकता है। अनेक लोग इनके विरोध में खड़े होंगे तथा यह इनके लिए परीक्षा की घड़ी होगी। उम्मीद है कि नवंबर माह में दिल्ली व कुछ अन्य प्रांतों में चुनाव होंगे। यह समय मोदी जी के लिए काफी कष्टकारक होगा। बहुत संभव है कि सीटों के आवंटन में कुछ विवाद गहरा जाए। इन चुनावों में बीते लोकसभा चुनावों जैसे श्रेष्ठ प्रदर्शन की अपेक्षा करना उचित न होगा। अगले वर्ष के मध्य के बाद जब शनि चंद्रमा से आगे निकल जाएगा तब पुनः इनकी पकड़ अपनी पार्टी व प्रशासनिक कार्यों पर मजबूत होगी व देश को विकास की राह दिखाने में सफल होंगे। आपकी राशि के लिए यह गोचर कैसा रहेगा आइए जानें: मेष: आपके लिए आगामी ग्रह गोचर कई खुशियां लेकर आएगा। नए वाहन की प्राप्ति हो सकती है। सुख सुविधा के साधनों में अभिवृद्धि होगी। जमीन जायदाद तथा भवन निर्माण आदि शुभ कार्य संपन्न होंगे। शत्रु पक्ष, रोग, मुकदमा आदि सभी क्षेत्रों में विजय व शुभ परिणाम निश्चित है। नवंबर के बाद शनि के अष्टमस्थ हो जाने पर स्वास्थ्य संबंधी व मानसिक चिंताएं बढ़ सकती हैं। वृष: आपके सामाजिक जीवन में सुधार होगा। आपके मित्र व भाई बहन आपसे प्रसन्न रहेंगे तथा आपके छोटे भाई बहनों को अनेक कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। शनि का छठे भाव में गोचर शत्रु, रोग, ऋण आदि से छुटकारा देगा। शिक्षा में सफलता प्राप्ति के लिए यह वर्ष सामान्य रहेगा। आय में वृद्धि होगी तथा नए आय के स्रोत खुलेंगे। संतान पक्ष से चिंता हो सकती है। मिथुन: आपके लिए यह गोचर धन लाभ तो देगा ही साथ ही भूमि, मकान आदि के विषय में भी अचानक लाभ होने के शुभ संकेत हैं। शिक्षा प्राप्ति, सम्मान व रोजगार आदि में तरक्की के पूर्ण योग हैं। पारिवारिक सुख में विशेष वृद्धि होगी। आप नए आभूषण आदि भी बनाएंगे। जमा पूंजी में वृद्धि के योग निश्चित हैं। कर्क: आपके लिए यह ग्रह गोचर मील का पत्थर सिद्ध होगा। आपको मान-सम्मान, सुखी विवाहित जीवन व संतान की तरक्की तथा शत्रु पक्ष पर विजय प्राप्ति व पराक्रम की वृद्धि होगी। कुल मिलाकर गोचर आपके आने वाले समय व सर्वकार्यसिद्धि के लिए श्रेष्ठतम है। सिंह: आपके घर में किसी मांगलिक कार्य पर व्यय हो सकता है। आप कुछ निवेश भी करेंगे जो आगे आने वाले भविष्य के लिए लाभकारी रहेगा। लंबी यात्राएं होंगी। आमदनी से व्यय अधिक रहेगा। भूमि, मकान, वाहन इत्यादि पर भी नवंबर के पश्चात धन व्यय हो सकता है। कन्या: आपके लिए आगामी ग्रह गोचर श्रेष्ठतम धन प्राप्ति व आय में विस्तार के योग लेकर आ रहा है। आप किसी नए कार्य में हाथ डालेंगे। आपकी आर्थिक स्थिति में स्थिरता आएगी। आप अपने व्यक्तित्व के बारे मंे अधिक चिंतन मनन करके कुछ आवश्यक सुधार भी करेंगे। यदि अविवाहित हैं तो आपका विवाह होने की संभावनाएं बनेंगी। आपको नए बिजनेस पार्टनर भी मिलेंगे। संतान की तरफ से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। तुला: आपकी कीर्ति का विस्तार पुण्य के कार्यों से होगा। आप अपने साथ-साथ दूसरों की उन्नति में भी सहायक होंगे। यात्राएं अधिक रहेंगी। आपकी आर्थिक स्थिति व व्यापार आदि में निश्चित रूप से सुधार होगा। नौकरी में श्रेष्ठ पद की प्राप्ति होगी। आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। वृश्चिक: आपके भाग्य में वृद्धि होगी। रोगों से छुटकारा मिलेगा। कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। ईश्वरीय प्रेरणा, गुरु का आशीर्वाद, धार्मिक कार्यों जैसे पूजा, पाठ तीर्थाटन में रुचि आदि शुभ फल प्राप्त होंगे। नवंबर तक यात्राएं अधिक रहेंगी। तत्पश्चात् अतिरिक्त कार्यभार से चिंताओं के बढ़ने की संभावनाएं प्रबल रहेंगी। आय में अप्रत्याशित लाभ के योग बनेंगे। धनु: आपके रोजगार, राजयोग व लोगों को साथ लेकर चलने की आपकी रणनीति में सफलता तो प्राप्त होगी परंतु आर्थिक स्थिति व स्वास्थ्य में गिरावट के योग बने हुए हैं। इसलिए नए प्रयोग करने की अपेक्षा अपने वर्तमान में चलते कार्यों में ध्यान लगाना ही श्रेष्ठ रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें, धन के व्यय पर नियंत्रण रखें। मकर: आपके वैवाहिक जीवन में शुभता आएगी, यदि अविवाहित हैं तो विवाह के योग बनेंगे। कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। अधिक लाभ के योग बनेंगे। लंबी यात्राएं होंगी। प्रभावशाली लोगों से संपर्क बढ़ेंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। आप अपनी कार्य क्षमताओं को बढ़ाने में सफल रहेंगे। आय में स्थिरता प्राप्त करने की आपकी योजनाएं भी सफल होंगी। कुंभ: आपके कार्य व्यवसाय में श्रेष्ठतम उन्नति के योग बनेंगे। प्रमोशन तथा रोजगार प्राप्ति के आपके प्रयास फलीभूत होंगे। आपके स्वास्थ्य, सम्मान, पारिवारिक जीवन के लिए आगामी समय श्रेष्ठ है परंतु यदा कदा कुछ अज्ञात स्वास्थ्य संबंधी कष्ट भी उठाने पड़ सकते हैं। मीन: आपको श्रेष्ठतम संतान सुख, भाग्य में वृद्धि, शीघ्र विवाह के योग हैं। साथ ही स्वास्थ्य, कार्य क्षमताओं की वृद्धि व मान सम्मान की प्राप्ति होगी। श्रेष्ठतम बात यह रहेगी कि नवंबर माह के बाद बंद पड़ी कार्य योजनाओं के फिर से आरंभ होने के योग भी बनेंगे। आगामी ग्रह गोचर आपके जीवन के सभी क्षेत्रों के लिए शुभ है।


राहु विशेषांक  जुलाई 2014

फ्यूचर समाचार पत्रिका के राहु विशेषांक में शिव भक्त राहु के प्राकट्य की कथा, राहु का गोचर फल, अशुभ फलदायी स्थिति, द्वादश भावों में राहु का फलित, राहु के विभिन्न ग्रहों के साथ युति तथा राहु द्वारा निर्मित योग, हाथों की रेखाओं में राजनीति एवं षडयंत्र कारक राहु के अध्ययन जैसे रोचक व ज्ञानवर्धक लेख सम्मिलित किये गये हैं इसके अलावा सत्यकथा फलित विचार, ग्रह सज्जा एवं वास्तु फेंगशुई, हाथ की महत्वपूर्ण रेखाएं, अध्यात्म/शाबर मंत्र, जात कर्म संस्कार, भागवत कथा, ग्रहों एवं दिशाओं से सम्बन्धित व्यवसाय, पिरामिड वास्तु और हैल्थ कैप्सूल, वास्तु परामर्श आदि लेख भी पत्रिका की शोभा बढ़ाते हैं।

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