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कैसी रेखाएं करती है धन वर्षा

कैसी रेखाएं करती है धन वर्षा  

ताउम्र अथक मेहनत करने के बावजूद भी अधिकांश व्यक्ति सिर्फ अपनी जरूरतें ही पूरा करने भर के लिए धन प्राप्त कर पाते हैं, वहीं दूसरी तरफ बहुत कम मेहनत करने वाले लोग धनी हो जाते हैं और ऐश्वर्य पूर्ण जीवन जीते हैं। इसके पीछे व्यक्ति के कर्म के साथ-साथ उसके हाथ की रेखाएं जिम्मेदार हैं। यदि आपके हाथ में धन की रेखाएं अच्छी नहीं हं तो मेहनत के बावजूद भी आपके पास धन की वर्षा नहीं होगी। इस लेख में लेखिका ने हाथ की रेखाओं के माध्यम से बताया है कि कौन सी रेखा व्यक्ति के जीवन में धन वर्षा का मार्ग प्रशस्त करती हैं। 1- मस्तिष्क रेखा निर्दोष हो, शुक्र उन्नत हो तो धनवान बनने के प्रबल योग तो हैं किंतु अत्यधिक बाधाएं और संघर्ष भी है। साथ ही अगर हाथ गुलाबी, अंगुलियां सीधी व पतली हों तो किस्मत में धन की वर्षा का योग प्रबल हो जाता है। हाथ भारी हो चैड़ा हो अंगुलियां नरम हों तो ये धनवान होने के लक्षण हैं। 2- भाग्य रेखा का शनि के नीचे जाना, भाग्य रेखा का हाथ में एक से अधिक होना, भाग्य रेखा का जीवन से दूर होना भी अथाह संपत्ति का लक्षण है। इस लक्षण का जातक अकूत धन दौलत का स्वामी बनकर ऐश्वर्यशाली जीवन व्यतीत करता है। 3- हाथ नरम हो, हृदय रेखा शनि के नीचे खत्म होने पर हो व हृदय रेखा मस्तिष्क रेखा से दूर हो तो अगर ऐसे लक्षण दोनों हाथों में हों ता जातक को पैतृक संपत्ति का लाभ मिलता है और वह प्रभावशाली जीवन व्यतीत करता है। 4- भाग्य रेखा शनि के नीचे समाप्त होकर मस्तिष्क रेखा के पास आकर दो भागांे में विभाजित हो जाए और इसकी एक शाखा मस्तिष्क रेखा में मिल जाए तो ऐसे जातक के पास अनेक संपत्ति और धन दौलत का अकूत भंडार रहता है। 5- हाथ चैकोर होने पर तथा अंगुलियां पीछे से मांसल, आगे से पतली व अंगुलियों में छेद न होना, गुरु ग्रह प्रधान होना, जीवन रेखा का गोल होना, मस्तिष्क रेखा का विभाजित होना, भाग्य रेखा का मोटे से पतला होना ये लक्षण भी संपत्ति के निर्माण को व्यक्त करते हैं। 6- हाथ का छोटा होना, गुलाबी होना भाग्य रेखा की संख्या एक से अधिक या जीवन रेखा से निकली हुई भाग्य रेखा हो, शनि और गुरु की अंगुली बड़ी होने पर, मस्तिष्क रेखा द्विभाजित होने पर भी जातक को धन दौलत की कोई कमी नहीं रहती है। 7- चंद्रमा से निकलने वाली भाग्य रेखा हो, हाथ भारी और अंगूठा पीछे की ओर झुकता हो, अतिन्द्रीय ज्ञान रेखा उपस्थित हो तो जातक धनी और प्रतिष्ठित व्यवसायी होता है। इसे धन की किसी प्रकार की कमी नहीं होती है। 8- जीवन रेखा के साथ मंगल रेखा अंत तक चले, हाथ भारी हो, गुलाबी हो, अंगुलियां लंबी व सीधी हों तो जातक जन्म से ही धनवान और सुसंपन्न रहता है। परिवार की संपत्ति से इसे काफी कुछ प्राप्त होता है। 9- यदि भाग्य रेखा एक से अधिक हो, हाथ भारी हो, ऊंगलियों के आधार बराबर हों तो जातक पर लक्ष्मी की कृपा आकस्मिक होती है। धनवान होने के साथ ऐसा जातक दूसरों को सहायता पहुंचाने वाला होता है। 10- यदि हाथ में भाग्य रेखा की संख्या एक अधिक है। गुरु ग्रह, शनि ग्रह तथा सूर्य ग्रह उत्तम हैं तो आप ऐसे समय में एक से अधिक कारोबार करके खूब सारा धन कमा सकते हैं। ऐसे जातक का जीवन ऐश्वर्यपूर्ण और प्रभावशाली होता है तथा इसे धन दौलत की कोई कमी नहीं रहती है। इस प्रकार के कई और लक्षण हैं जिससे पता चलता है कि व्यक्ति के हाथ में लक्ष्मी का कितना वास है। सारे लक्षण एक लेख में नहीं बताए जा सकते हैं। हाथों की ऐसी रेखाएं और लक्षण जिनको जानकर समझकर व्यक्ति के जीवन की आर्थिक स्थिति का पता लगाया जा सकता है, बहुत महत्वपूर्ण हैं।

नक्षत्र विशेषांक  फ़रवरी 2013

फ्यूचर समाचार पत्रिका के नक्षत्र विशेषांक में नक्षत्र, नक्षत्र का ज्योतिषीय विवरण, नक्षत्र राशियां और ग्रहों का परस्पर संबंध, नक्षत्रों का महत्व, योगों में नक्षत्रों की भूमिका, नक्षत्र के द्वारा जन्मफल, नक्षत्रों से आजीविका चयन और बीमारी का अनुमान, गंडमूल संज्ञक नक्षत्र आदि ज्ञानवर्धक आलेख सम्मिलित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त हिंदू मान्यताओं का वैज्ञानिक आधार, वास्तु परामर्श, वास्तु प्रश्नोतरी, यंत्र समीक्षा/मंत्र ज्ञान, गुण जेनेटिक कोड की तरह है, दामिनी का भारत, तारापीठ, महाकुंभ का महात्म्य, लालकिताब के टोटके, लघु कथाएं, जसपाल भट्टी की जीवनकथा, बच्चों को सफल बनाने के सूत्र, अंक ज्योतिष के रहस्य, मन का कैंसर और उपचार व हस्तरेखा आदि विषयों पर गहन चर्चा की गई है। विचारगोष्ठी में वास्तु एवं ज्योतिष नामक विषय पर चर्चा अत्यंत रोचक है।

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