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पाइथागोरियन अंक ज्योतिष पाठ-2

पाइथागोरियन अंक ज्योतिष पाठ-2  

अंक ज्योतिष की इस प्रशिक्षण शृंखला में हमने पहले पाठ में 1 से लेकर 4 अंक तक के सकारात्मक एवं नकारात्मक पहलुओं, उनकी विशेषाताओं एवं गुण-धर्म की चर्चा की थी। अब इस पाठ में हम अंक 5 से 9 तक की चर्चा करेंगे। अगले अंक में कार्मिक अंकों की चर्चा की जाएगी। अंक 5 सकारात्मक: - साहसी, उत्तेजनापूर्ण, ऊर्जावान, साहित्यिक, कलाकार, आकर्षक, कामुक, भावुक, उत्साही अन्वेषक, चतुर्मुखी प्रतिभा, सृजनशील। यद्यपि अंक 5 वाले किसी कार्य का सूत्रपात स्वयं नहीं करते किंतु तेज बुद्धि एवं दिमाग तथा योग्यता के कारण किसी भी काम को सफलता पूर्वक करने में सक्षम होते हैं तथा सामान्यतः अच्छी जिंदगी जीते हैं। इनकी हर वैसे काम में दिलचस्पी होती है जिसमें नयापन हो तथा जिसे किया नहीं गया हो। इन्हें अच्छी तरह से पता होता है कि लोगों से कैसे पेश आया जाय तथा कैसे काम को अंजाम दिया जाय। इन्हें किसी प्रकार का हस्तक्षेप पसंद नहीं है तथा ये हमेशा पूरी स्वतंत्रता से सोचते और करते हैं। इन्हें आमोद-प्रमोद एवं अय्याशी काफी पसंद होता है तथा सामान्यतः सुरा एवं सुंदरी इनकी सहचरी होती है। अंक 5 के जातक ज्योतिष एवं अन्य रहस्यवादी विज्ञानों, धर्म, मनोविज्ञान एवं दर्शन में भी अभिरूचि लेते हैं तथा इनका प्रचार-प्रसार करते हैं। नकारात्मक: अविश्वसनीय, ईष्र्यालु, चंचल, अस्थिर, उदास, अवसाद ग्रस्त, लोभी, अपव्ययी, अहंकारी, व्यंग्यात्मक, आलोचक, चालाक, चतुर, धूत्र्त, कुटिल। 5 अंक वाले चूंकि हर कार्य में दिलचस्पी लेते हैं अतः किसी में ये अपना ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते जिस कारण इन्हें असफलता का मुंह देखना पड़ता है। बेचैनी, घबराहट, एवं असंतोष इन्हें पूर्णता प्राप्त नहीं करने देता। परिवर्तन एवं भिन्नता से लगाव के कारण ये अपना बेशकीमती समय व्यर्थ गंवा देते हैं तथा प्रेम, विवाह तथा अपने साथी के साथ कभी वफा नहीं कर पाते। ये अक्सर अपनी इन आदतों के कारण लोगों का भरोसा खो देते हैं तथा अलोकप्रिय हो जाते हैं। ये प्रेम एवं वासना में अत्यधिक दिलचस्पी रखते हैं तथा घर में बंधकर अपनी ईच्छा का परित्याग नहीं कर सकते। अंक 5 वाले कभी भी अच्छे मैरेज मैटिरियल नहीं होते। अंक 6 सकारात्मक: - कलात्मक, सृजनशील, प्रभावपूर्ण, शांतिस्थापक, निःस्वार्थी, आकर्षक, दयालु, गृहप्रेमी, आध्यात्मिक, बुद्धिमान, सत्यवादी, शांत, मानवतावादी, स्वामिभक्त, ईमानदार। 6 एक पूर्ण अंक है क्योंकि इसमें अंक 1, 2 एवं 3, तीनों के गुण समाहित हैं क्योंकि 1$2$3 = 6 । इसमें 1 की किसी कार्य को प्रारंभ करने की प्रवृत्ति, 2 का सहयोग एवं 3 की क्रियाशीलता एवं सृजनात्मकता सन्निहित है। ये ऊर्जा के असीम स्रोत हैं, जिम्मेवार हैं तथा सबों को प्रेम देने वाले एवं उनका ख्याल रखने वाले होते हैं। हर प्रकार की योग्यता एवं ज्ञान से ओतप्रोत, 6 अंक वाले हमेशा अपना बलिदान देकर, दूसरों का भला करते हैं। ये जहां कहीं भी होते हैं वहां का वातावरण प्रेममय हो जाता है। ये दूसरों का दायित्व अपने उपर लेकर उसे सही अंजाम तक पहुंचाते हैं। वैश्विक मां की तरह 6 अंक वाले सबकी सेवा एवं मनोरंजन करते हैं। चूंकि ये परोपकारी एवं दूसरों की सहायता करने वाले होते हैं अतः इन्हें आसानी से नौकरी प्राप्त हो जाती है। ये उत्तराधिकार में परिवार अथवा विवाह के द्वारा संपत्ति प्राप्त करने के मामले में काफी भाग्यशाली होते हैं। नकारात्मक: चंचल, अस्थिर, अपव्ययी, दखलअंदाजी, हस्तक्षेप, नखरेबाज़, कपटी, धूर्त, शाहखर्च। कर्तव्यपरायणता एवं अपना बलिदान देकर दूसरों का भला करने की प्रवृत्ति 6 अंक वालों के लिए स्वयं की जिंदगी में निराशा का कारण बनती है। आत्म बलिदान, दूसरों की समस्याएं तथा पारिवारिक बंधन इनकी जिंदगी को बेकार एवं अकेला बना देती है। 6 अंक वालों से विवाह करने वाले बड़े ही सौभाग्यशाली होते हैं किंतु यह भी ध्यान रखना आवश्यक है कि प्रेम दोनों तरफ से किया जाता है। अत्यधिक कर्तव्यपरायणता तथा उत्तरदायित्व के कारण कई बार 6 अंक वाले अविवाहित भी रह जाते हैं, किंतु ऐसा होना दुर्भायशाली साबित होता है क्योंकि 6 अंक वाले बिना प्यार और जीवन साथी के सफल नहीं हो सकते। अंक 7 सकारात्मक: अन्वेषी, विश्लेषक, पृथक, सावधान, न्यायसंगत, दयालु, विचारमग्न, आध्यात्मिक, रहस्यवादी, गूढ़, शांत, दार्शनिक, आविष्कारी, अंतज्र्ञानी, बुद्धिमान, आत्मिक, कलात्मक, संयमी । यह एक अति शक्तिशाली तथा भाग्यशाली अंक है। विश्व के सभी धर्मों के द्वारा यह एक सर्वमान्य रहस्यवादी अंक है क्योंकि-सप्ताह के सात दिन, स्पेक्ट्रम के सात रंग, स्वर्ग की सात सीढ़ियां, पृथ्वी पर सभी घटनाओं को प्रभावित करने वाले सात ग्रह, संगीत के सात स्वर, ग्रीक अक्षरों के सात स्वर, मानव शरीर के सात चक्र, बाइबिल में वर्णित सृष्टिरचना के उपरांत ईश्वर का सातवें दिन विश्राम आदि। 7 अंक वाले सामान्य जीवन व्यतीत नहीं करते। सात अंक वाले हमेशा ज्ञान की खोज में लगे रहते हैं। अपनी तीक्ष्ण बुद्धि एवं दिमागी शक्ति के कारण ये किसी न किसी रूप में जीवन के कुछ अंशों में शिक्षा प्रदान करते हुए देखे जाते हैं। प्रेम एवं वैवाहिक संबंधों के लिए 7 अंक वालों को ऐसे साथी का चयन करना चाहिए जो समान स्वभाव एवं रूचि वाले हों अन्यथा उनका संबंध आसानी से टूट सकता है। सामान्यतः सात अंक वाले अध्ययन तथा चिंतन के लिए एकांत पसंद करते हैं। नकारात्मक: अमिलनसार, उदास, अकेला, अंतर्मुखी, आलोचक, शर्मिला, सुस्त, ठंडा, निर्दयी, निर्लिप्त, दुग्र्राह्य, कुटिल, चालाक, चतुर, धूत्र्त, मतलबी, षड्यंत्रकारी। अत्यधिक पराङ्मुखता एवं गंभीरता तथा दूसरों पर विश्वास का अभाव इन्हें बिल्कुल अकेला, दिग्भ्रमित, उदासीन तथा खिन्नचित्त बना देता है। गर्व, अहं, छिपे उद्देश्य तथा बहुत अधिक सकारात्मक सोच कई बार इन्हें गलत परिस्थितियों में ला देती है। कई बार अत्यधिक उत्तेजित होकर ये बुरा बर्ताव करने लगते हैं। अत्यधिक स्वतंत्रता, तर्क तथा सहृदयता की कमी इन्हें अलोकप्रिय बना सकता है। अंक 8 सकारात्मक: यश, शक्ति, सत्ता, सौभाग्य, दानशीलता, परोपकारी, बुद्धिमान, नेतृत्व, आध्यात्मिक, साहसी, मददगार, अनुबोधक, अति महत्वाकांक्षी, समझदार, सफल, ईमानदार, निष्कपट। 8 अंक वाले अति भौतिकवादी तथा प्रबंध एवं प्रशासन में माहिर होते हैं। ये बड़े प्रोजेक्ट का संचालन सफलतापूर्वक करने की योग्यता रखते हैं। 8 अंक वाले सदैव अतिवादी होते हैं- या तो ये सफलता के उच्च शिखर पर होते हैं या अत्यधिक असफलता के शिकार होते हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि इन्होंने अवसरों एवं लोगों को पहचानने में अपनी निर्णय क्षमता का किस प्रकार उपयोग किया है। यद्यपि ये प्रेम एवं विवाह में विश्वासपात्र होते हैं किंतु जीवन का आनंद लेने के लिए इनके पास समय का अभाव होता है क्योंकि ये कार्य में अत्यधिक व्यस्त होते हैं। ये एक साथ कई प्रकार के क्रियाकलापों में संलग्न होते हैं तथा अत्यधिक कार्य करते हैं अतः अपने लिए इनके पास समय नहीं होता। नकारात्मक: अहंकारी, दंभी, खोखला, अभिमानी, दबंग, तानाशाह, अधिनायक, धन लोलुप, सत्ता-लोलुप, अवसादग्रस्त। अत्यधिक महत्वाकांक्षा एवं भौतिकवादी सोच इनके लिए तनाव एवं अवसाद का कारण बनती है तथा कई बार इन्हें पूरी तरह से तोड़ देती है। पहचान की चाह एवं ईच्छा, शक्ति प्रदर्शन की उत्कंठा, मानवीयता का अभाव तथा धैर्य की कमी 8 अंक के नकारात्मक पक्ष हैं। इन्हें अपने दुर्भाग्य को झेलना पड़ता है जो प्रकृति समय-समय पर इन्हें देती है। ये हमेशा कड़ा परिश्रम करने के बावजूद बुरे परिणाम पाते हैं। कई बार लगातार कोशिश करने पर इन्हें सफलता मिलती है। 8 अंक वालों के पास पैसा आसानी से नहीं आते और जब ये आते हैं तो इनका बड़ा अंश अकारण खर्च हो जाते हैं। अंक 9 सकारात्मक: आध्यात्मिक, आत्मबोध, दार्शनिक, बुद्धिमान, परोपकारी, मानवतावादी, साहसी, उत्तेजक, प्रेरक, दयालु, निष्ठावान, अंतज्र्ञानी, समझदार, शांत, प्रबुद्ध, रूमानी, भावुक अंक 9 में सभी अंकों के गुण समाहित हैं। Money (4+6+5+5+7=27=9) एवं Fortune (6+6+9+2+3+5+5=36=9) स्वयं ही 9 अंक वालों की ओर आकर्षित होते हैं तथा ये देश अथवा विदेश में किसी भी काम में पूरी तरह से सफलता प्राप्त करते हैं जब ये स्वार्थरहित होकर कार्य करते हैं। Travel (2+9+1+4+5+3=24=6) भी 9 अंक का आकर्षण है और ये हमेशा चारों ओर घूमते नजर आते हैं। 9 अंक वाले विश्वासी, सच्चे, अनुरागी, रोमांटिक एवं आकर्षक व्यक्तित्व के होते हैं। नकारात्मक: एकांतिक, अवसादग्रस्त, अपव्ययी, आत्म-दया, अतिसंवेदनग्राही, बेखबर, निश्चिन्त। 9 अंक वाले अपनी मर्जी के मालिक होते हैं तथा कई बार असामान्य व्यवहार प्रदर्शित करते हैं। यदि ये सही रूप में शिक्षित तथा आत्मनियंत्रित नहीं होते तो ये जल्दीबाजी में काम करते हैं जिससे बाद में इन्हें पछताना पड़ता है। अपने प्रणय संबंधों में परिवर्तन, रुपये-पैसे के मामले में नजरअंदाजी तथा उच्च जीवन जीने की लालसा-अच्छा भोजन, पेय एवं आनंद-इनके लिए काफी नुकसानदेह होता है। कई समय पर ये स्वार्थी, अहंकारी, असहनीय एवं धोखेबाज भी हो जाते हैं। यदि ये योग्यता का सही उपयोग परोपकार के लिए नहीं करते तो असफलता ही इनके हाथ लगती है। -क्रमशः

नक्षत्र विशेषांक  फ़रवरी 2013

फ्यूचर समाचार पत्रिका के नक्षत्र विशेषांक में नक्षत्र, नक्षत्र का ज्योतिषीय विवरण, नक्षत्र राशियां और ग्रहों का परस्पर संबंध, नक्षत्रों का महत्व, योगों में नक्षत्रों की भूमिका, नक्षत्र के द्वारा जन्मफल, नक्षत्रों से आजीविका चयन और बीमारी का अनुमान, गंडमूल संज्ञक नक्षत्र आदि ज्ञानवर्धक आलेख सम्मिलित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त हिंदू मान्यताओं का वैज्ञानिक आधार, वास्तु परामर्श, वास्तु प्रश्नोतरी, यंत्र समीक्षा/मंत्र ज्ञान, गुण जेनेटिक कोड की तरह है, दामिनी का भारत, तारापीठ, महाकुंभ का महात्म्य, लालकिताब के टोटके, लघु कथाएं, जसपाल भट्टी की जीवनकथा, बच्चों को सफल बनाने के सूत्र, अंक ज्योतिष के रहस्य, मन का कैंसर और उपचार व हस्तरेखा आदि विषयों पर गहन चर्चा की गई है। विचारगोष्ठी में वास्तु एवं ज्योतिष नामक विषय पर चर्चा अत्यंत रोचक है।

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