लिविंग रूम की साज-सज्जा लिविंग रूम घर का सबसे महत्वपूर्ण स्थान होता है जहां घर के सदस्य एवं मेहमान आपस में एक-दूसरे के साथ मिलते-जुलते हैं, बातचीत करते हैं। अतः आवश्यक है कि यह एरिया जोशपूर्ण एवं आनंदित करने वाला हो। यहां पर वस्तुओं को अनुचित स्थान पर रखे जाने एवं रंगों के गलत चयन के कारण असहज करने वाला वातावरण बनेगा तथा नकारात्मक तरंगें उत्पन्न होंगी। अतः आपके लिए सलाह है कि फेंगशुई के इन निर्देशों का पालन करते हुए ही अपने लिविंग एरिया को डिजाईन करें। Û सामानों को सजाकर रखें तथा हमेशा साफ सुथरा करते रहें। गंदे व बेतरतीब सामान सकारात्मक ‘ची’ के प्रवाह को अवरूद्ध करते हैं। Û लिविंग रूम में सिर्फ जरूरी एवं शो पीस वाली वस्तुएं ही डिस्प्ले में रखें। अनावश्यक वस्तुओं एवं सामानों सेे कबर्ड न भरें। Û आकर्षक कलात्मक वस्तुएं, टेलीविजन आदि लिविंग एरिया के महत्वपूर्ण स्थान पर रखें। बैठने की व्यवस्था Û सोफे, कुर्सियां एवं आराम कुर्सियां इस प्रकार व्यवस्थित करें कि बैठने पर मुंह हमेशा दरवाजे की ओर रहे। फेंगशुई की मान्यता के अनुसार लिविंग रूम में बैठने वाले लोगों को साफ तौर पर दरवाजा दिखना चाहिए। Û फर्नीचर को अष्टकोणीय अथवा वृŸााकार व्यवस्थित करें। यह आराम एवं सकारात्मकता में वृद्धि करता है। यदि बैठने की व्यवस्था आपने खिड़की के सामने अथवा दरवाजे के विपरीत की हुई हो तो यहां से स्थान परिवर्तित कर दें क्योंकि इससे ऊर्जा का बहाव अवरूद्ध होता है। दीवारें फेंगशुई के सिद्धांत के अनुसार लिविंग रूम में पारिवारिक तस्वीर लगाना अथवा बड़े वृक्ष की तस्वीर पूर्व की दीवार पर लगाने से पूरे परिवार में सौहार्द एवं प्रेम का वातावरण बना रहता है तथा सभी सदस्य एकजुट रहते हैं। इसके अलावा किसी तालाब, दरिया, झील अथवा जल प्रपात के चित्र उŸार की दीवार पर लगाने से करियर में वृद्धि होती है। कोने लिविंग रूम के कोनों तथा अंधेरे क्षेत्रों की ओर खास ध्यान दें। इन क्षेत्रों को हमेशा साफ-सुथरा रखें, जाले जमा नहीं होने दें तथा उचित प्रकाश की व्यवस्था रखें अन्यथा ये सकारात्मक ‘ची’ के बहाव को अवरूद्ध कर सकते हैं जिससे लिविंग एरिया में असंतुलन एवं असामंजस्य पैदा हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लिविंग रूम का हर हिस्सा प्रकाशमय रहता है तो घर में सौभाग्य, शांति एवं सद्भाव का वातावरण बना रहता है। कोनों को ऊर्जावान बनाने के लिए आप लैम्प, गोल पŸिायों वाले पौधे एवं दर्पण का उपयोग कर सकते हैं। लिविंग रूम में सजावट की वस्तुएं दर्पण दर्पण को पूर्व एवं उŸार की दीवारों पर लगाएं। दर्पण लगाने से लिविंग रूम देखने में बड़ा लगता है, अंधेरे क्षेत्रों में यह प्रकाश फैलाता है तथा दरवाजे का प्रतिबिम्ब भी इसमें दिखता है, अतः दरवाजे पर हर समय आपकी निगाह बनी रहती है। दर्पण लगाते वक्त इस बात का ख्याल रखें कि दर्पण से सीढ़ियां, किचन अथवा टाॅयलेट प्रतिबिम्बित न हों। लिविंग रूम के दरवाजे के विपरीत दिशा में भी दर्पण न लगाएं क्योंकि यह सकारात्मक ‘ची’ को वापस प्रतिबिम्बित कर देगा। फिश टैंक फिश टैंक अति शुभ होते हैं। टैंक में मछलियों का सदैव तैरते एवं घूमते रहना जीवन की गत्यात्मकता एवं सौभाग्य का प्रतीक है। फिश टैंक हमेशा लिविंग रूम के उŸारी क्षेत्र में रखें। फुक लुक साउ लिविंग रूम में फुक लुक साउ की मूर्तियां अवश्य रखें। फुक लुक साउ मनुष्य की तीन मुख्य इच्छाओं- धन, सुख एवं दीर्घ आयु के प्रतीक हैं। फुक लुक साउ को किसी टेबल या अन्य उचित स्थान पर उपयुक्त ऊंचाई पर रखें ताकि वह ठीक से दृष्ट हो। लिविंग रूम में इनकी उपस्थिति से पूरे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। विंड चाइम (पवन घंटी) विंड चाइम परिवार में प्रेम, सौहार्द, समृद्धि एवं अच्छे स्वास्थ्य को प्रोन्नत करते हैं। अपने लिविंग रूम के आकार को दृष्टिगत रखकर उपयुक्त विंड चाइम खरीदें। विंड चाइम की आवाज मधुर, कर्णप्रिय, सुखद एवं साफ होनी चाहिए। पांच राॅड वाला मेटल विंड चाइम उŸाम है क्योंकि यह पंचतत्वों का प्रतिनिधित्व करता है। यिन-यांग संतुलन लिविंग रूम में यिन-यांग का संतुलन आवश्यक है। यदि लंबी एवं ऊंची वस्तुएं अधिक मात्रा में हों तो साथ में छोटी वस्तुएं रखकर उसे संतुलित करें। प्रकाश भी समरूप होना चाहिए न अत्यधिक प्रकाश हो और न ही अंधेरा, इस प्रकार संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। यदि कार्पेट अत्यधिक चमकीला हो तो डल कलर के कुशन से संतुलन बनाएं। लम्बवत् एवं क्षैतिज वस्तुओं के साथ ही कठोर एवं मुलायम वस्तुएं, दोनों का होना यिन एवं यांग के संतुलन के लिए आवश्यक है। रंग लिविंग रूम के लिए उचित रंग का चयन करें। या तो रंग का चयन यह देखकर करें कि यह किस सेक्टर में है अथवा घर के मुखिया के कुआ नम्बर के आधार पर भी उचित रंग का चयन किया जा सकता है।


स्वपन, शकुन एवं टोटके विशेषांक  जून 2014

फ्यूचर समाचार के स्वपन, शकुन एवं टोटके विशेषांक में अनेक रोचक और ज्ञानवर्धक आलेख हैं जैसे- शयन एवं स्वप्नः एक वैज्ञानिक मीमांसा, स्वप्नोत्पत्ति विषयक विभिन्न सिद्धान्त, स्वप्न और फल, क्या स्वप्न सच होते हैं?, शकुन विचार, यात्राः शकुन अपषकुन, जीवन में शकुन की महत्ता, काला जादू ज्योतिष की नजर में, विवाह हेतु अचूक टोटके, स्वप्न और फल, धन-सम्पत्ति प्राप्त करने के स्वप्न, शकुन-अपषकुन क्या हैं?, सुख-समृद्धि के टोटके शामिल हैं। इसके अतिरिक्त जन्मकुण्डली से जानें कब होगी आपकी शादी?, श्रेष्ठतम ज्योतिषी बनने के ग्रह योग, सत्यकथा, निर्जला एकादषी व्रत, जानें अंग लक्षण से व्यक्ति विषेष के बारे में, पंच पक्षी की गतिविधियां, हैल्थ कैप्सूल, भागवत कथा, सीमन्तोन्नयन संस्कार, लिविंग रूम व वास्तु, वास्तु प्रष्नोत्तरी, पिरामिड वास्तु, ज्योतिष विषय में उच्च षिक्षा योग, पावन स्थल, वास्तु परामर्ष, षेयर बजार, ग्रह स्थिति एवं व्यापार, आप और आपका पर्स आदि आलेख भी सम्मिलित हैं।

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