मुख्य दरवाजा

फ़रवरी 2013

व्यूस: 109477

किसी भी भवन का उपयोग करने के लिए उसमें द्वार रखना आवश्यक होता हैं। वास्तुनुकूल स्थान पर लगा द्वार उस भवन में रहने वालों के जीवन में सुख समृद्धि एवं सरलता लाता हैं। और इसके विपरीत गलत स्थान पर लगा द्वार जीवन में विभिन्न प्रकार की स... और पढ़ें

वास्तुगृह वास्तुव्यवसायिक सुधार

उपयोगी वास्तु टिप्स

दिसम्बर 2010

व्यूस: 43403

प्रस्तुत लेख में वास्तु की कुछ उपयोगी टिप्स का वर्णन है जिनको अगर ध्यान में रखा जाए तो बिन, बाधाएं, हमें छू भी न सकेंगी, घर की बगिया हमेषा महकती रहेगी एवं घर का प्रत्येक सदस्य प्रगति करता रहेगा।... और पढ़ें

वास्तुभवनगृह वास्तुवास्तु पुरुष एवं दिशाएंवास्तु के सुझाव

क्यों जरूरी है गृहप्रवेश से पहले वास्तु शांति करवाना

जुलाई 2013

व्यूस: 28148

नए घर में प्रवेश से पूर्व वास्तु शांति अर्थात यज्ञादि धार्मिक कार्य अवश्य करवाने चाहिए। वास्तु शांति कराने से भवन की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती है तभी घर शुभ प्रभाव देता है जिससे जीवन में खुशी व सुख-समृद्धि आती है। वास्तु शास्... और पढ़ें

स्वास्थ्यउपायवास्तुसुखगृह वास्तुव्यवसायिक सुधारसंपत्ति

वास्तु विद्या एवं कला की प्राचीनता एवं आधुनिक काल में उपयोगिता

अकतूबर 2013

व्यूस: 17506

मानव की भवन सम्बन्धी आवष्यकता मानव सभ्यता जितनी ही प्राचीन है। वास्तु कला का विकास मानव सभ्यता के विकास का इतिहास है। वास्तु षब्द का अर्थ मात्र भवन निर्माण नहीं है इसका क्षेत्र बहुत व्यापक है। वास्तु षब्द ग्रामों, पुरों, दुर्गों, ... और पढ़ें

स्वास्थ्यउपायवास्तुगृह वास्तुव्यवसायिक सुधारसंपत्ति

दक्षिण-पश्चिम का दोष प्रगति में बाधक

जुलाई 2013

व्यूस: 13547

चुम्बकीय कंपास के अनुसार 202 डिग्री से लेकर 247 डिग्री के मध्य के क्षेत्र को नैर्ऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) दिशा कहते हैं। दक्षिण-पश्चिम का क्षेत्र पृथ्वी तत्व के लिए निर्धारित है। यह सभी तत्वों से स्थिर है। यह दिशा सभी प्रकार की विषमता... और पढ़ें

स्वास्थ्यउपायवास्तुसुखगृह वास्तुव्यवसायिक सुधारसंपत्ति

दर्पण भी दूर करता है वास्तु दोष

अप्रैल 2011

व्यूस: 12185

आज के युग में विशेष तौर पर बड़े शहरों में जहां रहने के लिए घरों का मिलना ही बहुत बड़ी उपलब्धि माना जाता है, ऐसे में संपूर्ण वास्तु सम्मत निवास का मिलना असंभव सा प्रतीत होता है। ऐसे में किसी दिशा विशेष का विस्तार कम हो या दिशा विपरीत... और पढ़ें

स्वास्थ्यउपायवास्तुसुखगृह वास्तुव्यवसायिक सुधारसंपत्ति

वास्तु शास्त्र के महत्वपूर्ण सूत्र

दिसम्बर 2010

व्यूस: 11667

भवन निर्माण में यदि हम वास्तु के नियमों का ध्यान रखेंगे तो कोई कारण नहीं होगा कि हमारे घर परिवार की खुषियों को ग्रहण लग जाए। आइए जानें ग्रह वास्तु के महत्पूर्ण 51 सूत्र एवं व्यवसायिक वास्तु के 8 सूत्र।... और पढ़ें

वास्तुभवनगृह वास्तुव्यवसायिक सुधारवास्तु दोष निवारणवास्तु पुरुष एवं दिशाएंवास्तु के सुझाव

जन्मकुंडली से वास्तु दोष निवारण

अप्रैल 2014

व्यूस: 11390

हम हमेशा कोशिश करते हैं कि हमारा घर या भवन शत-प्रतिशत वास्तुशास्त्र के अनुसार बने और इसके लिए हम भरपूर प्रयत्न भी करते हं, लेकिन देखने में आता है कि इतनी सारी कोशिश करने के बावजूद घर के सभी भाग समान रूप से सुन्दर या वास्तु के अनुर... और पढ़ें

ज्योतिषउपायवास्तुगृह वास्तुव्यवसायिक सुधारग्रहवास्तु दोष निवारणवास्तु पुरुष एवं दिशाएं

पिरामिड द्वारा वास्तु दोष निवारण

जुलाई 2012

व्यूस: 10599

वास्तु दोष-निवृत शब्द का प्रयोग दो अर्थों में किया जाता है- पहला, नये भवन का निर्माण करते समय और दूसरा, जब भवन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका हो। तत्पश्चात् निर्मित भवन के दोषों का पता चले, निर्मित भवन में कोई भी तोड़-फोड़ कराना आसान... और पढ़ें

स्वास्थ्यउपायवास्तुसुखगृह वास्तुव्यवसायिक सुधारसंपत्ति

भवन निर्माण में शल्य निष्कासन

अकतूबर 2013

व्यूस: 8437

वेद सर्वविध ज्ञान और विज्ञान के प्राप्ति स्थान हैं। सभी प्रकार की विधाओं का उद्भव वेदों से ही हुआ है। वेद से अभिप्राय संपूर्ण वैदिक साहित्य से है। इसमें न केवल ऋक, यजु, साम और अथर्ववेद ही है अपितु शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरूक्त, छ... और पढ़ें

स्वास्थ्यवास्तुगृह वास्तुभूमि चयनव्यवसायिक सुधारसंपत्ति

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