तारीख से वार की गणना और उसका आधार

जनवरी 2015

व्यूस: 1905

वार, पंचांग के पाँच अंगों में से एक है और इसकी गणना का एक आधार है। इसी आधार से कुछ सूत्र भी बने हैं और इस सरल से आधार को समझने के बाद आप भी अपने सूत्र बना सकते हैं। आइये, सर्वप्रथम हम वार के आधार को समझें: कैलेंडर के आरंभ की ... और पढ़ें

ज्योतिषखगोल-विज्ञानग्रहणपंचांग

मकर संक्रांति हमेशा 14 जनवरी को

जनवरी 2008

व्यूस: 1836

सूर्य के दो अयन होते हैं। उत्तरायण और दक्षिणायन। उत्तरायण काल में सूर्य मकर राशि से मिथुन राशि तक भ्रमण करता है और कर्क से धनु तक के भ्रमण समय को दक्षिणायन भ्रमण काल माना जाता है। हमारी हिंदू सभ्यता संस्कृति में उत्तरायण सूर्य को ... और पढ़ें

ज्योतिषग्रहणपर्व/व्रतपंचांग

भद्रा एवं दोष परिहार

अकतूबर 2015

व्यूस: 1815

किसी भी मांगलिक कार्य में भद्रा का योग अशुभ माना जाता है। भद्रा में मांगलिक कार्य का शुभारंभ या समापन दोनों ही अशुभ माने गये हैं। पुराणों के अनुसार भद्रा भगवान सूर्य देव व देवी छाया की पुत्री व राजा शनि की बहन है। शनि की तरह ही इन... और पढ़ें

ज्योतिषदेवी और देवज्योतिषीय विश्लेषणग्रहणमुहूर्तभविष्यवाणी तकनीक

कैलेंडर व पंचांग में भिन्नता क्यों

अप्रैल 2010

व्यूस: 974

आधुनिक (ग्रेगोरियन) कैलेंडर में प्रति चार वर्ष पश्चात एक लीप वर्ष होता है, 100 वर्ष पश्चात लीप वर्ष नहीं होता एवं 400 वर्ष पश्चात पुनः लीप वर्ष होता है।... और पढ़ें

ज्योतिषखगोल-विज्ञानग्रहणआकाशीय गणितपंचांगगोचर

भारतीय कैलेंडर

मार्च 2006

व्यूस: 718

भारत एक बहुसांस्कृतिक देश है। विभिन्न क्षेत्रों में भिन्न-भिन्न भाषाएं प्रचलित हैं और इसी प्रकार भिन्न-भिन्न समय मानक पद्धतियां प्रचलित हैं। विश्व में ग्रेगोरियन कैलेंडर का प्रयोग किया जाता है। लेकिन भारत का राष्ट्रीय कैलेंडर सौ... और पढ़ें

ज्योतिषग्रहणभविष्यवाणी तकनीक

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