अष्टकवर्ग से फलकथन

अकतूबर 2013

व्यूस: 20876

ज्योतिष शास्त्र में फलित करने की प्रायः तीन विधियां प्रचलन में रहती हैं - जन्म कुंडली, चन्द्र कुंडली तथा नवांश कुंडली। लग्न से शरीर का विचार होता है, चंद्रमा से मन का। जन्म पत्रिका में चंद्रमा से मन की स्थिति देखकर यह निश्चय किया ... और पढ़ें

ज्योतिषअष्टकवर्गकुंडली व्याख्याघरग्रहभविष्यवाणी तकनीक

फलित में अष्टक वर्ग की विशेषता

जनवरी 2004

व्यूस: 10362

फलित ज्योतिष में फलादेश निकालने की अनेक विधियां प्रचलित हैं, जिनमें से पराशरोक्त सिद्धांत, महादशाएं, अंतर दशाएं, प्रत्यंतर दशाएं, सूक्ष्म दशायें इत्यादि के साथ, जन्म लग्न, चंद्र लग्न, नवांश लग्न के द्वारा, वर्ष, मास, दिन एवं घंटों... और पढ़ें

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शनि अष्टकवर्ग

जनवरी 2011

व्यूस: 10350

अष्टकवर्ग विद्या की अचूकता व सटीकता का प्रतिशत सबसे अधिक है। सभी ग्रहों के अष्टकवर्ग के फलकथन के क्रम में इस बार शनि के अष्टकवर्ग के फल कथन की बारी है जिससे कर्म, नौकर, मजदूर, मेहनत, रोग बाधा, न्यायालय, आयु आदि विषय में विचार किया... और पढ़ें

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एक थी सुनंदा.... अनबुझी, अनकही, अनजानी

मार्च 2014

व्यूस: 9676

3 वर्ष पहले ही सुनंदा की तीसरी शादी शशि थरूर के साथ हुई थी। शशि थरूर की भी यह तीसरी शादी थी। मौत से एक सप्ताह पूर्व से ही ये दंपत्ति मीडिया में एक अन्य पाकिस्तानी महिला जर्नलिस्ट मेहर तरार के कारण सुर्खियों में छाई हुई थी। ऐसा कहा... और पढ़ें

अंक ज्योतिषअष्टकवर्गकुंडली मिलान

शुक्रअष्टकवर्ग से सटीक फलकथन

जुलाई 2010

व्यूस: 8555

अष्टकवर्ग विद्या में नियम है कि कोई भी ग्रह चाहे वह स्वराद्गिा या उच्च का ही क्यों न हो, तभी अच्छा फल दे सकता है जब वह अपने अष्टकवर्ग में 5 या अधिक बिंदुओं के साथ हो क्योंकि तब वह ग्रह बली माना जाता है। अतः यदि शुक्र ग्रह शुक्र अष... और पढ़ें

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बुधाष्टकवर्ग से सटीक फलकथन

अकतूबर 2009

व्यूस: 6551

अष्टकवर्ग का नियम है कि कोई भी ग्रह स्वराद्गिा या उच्च का क्यों न हो, तभी अच्छा फल दे सकता है जब वह अपने अष्टकवर्ग में 5 या 5 इससे अधिक बिंदुओं के साथ हो क्योंकि तब वह ग्रह बली माना जाता है। अतः यदि बुध ग्रह बुधाष्टकवर्ग में 5 या ... और पढ़ें

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चंद्राष्टकवर्ग से सटीक फलकथन

जनवरी 2009

व्यूस: 6245

भारतीय ज्योतिष में फलकथन हेतु अष्टकवर्ग विद्या की अचूकता व सटीकता का प्रतिशत सबसे अधिक है। अष्टकवर्ग विद्या में लग्न और सात ग्रहों (सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध् गुरु, शुक्र और शनि) को गणना में सम्मिलित किया जाता है।... और पढ़ें

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सर्वाष्टकवर्ग - फलकथन का आधार

अप्रैल 2008

व्यूस: 6157

भारतीय ज्योतिष में किसी भी कुंडली के फलकथन के लिए प्राचीन काल से ही अनेक विद्याओं का प्रयोग किया जाता रहा है। इन्हीं में अष्टकवर्ग भी है जिसके माध्यम से किया जाने वाला फलकथन अन्य किसी भी विद्या के माध्यम से किए जाने वाले फलकथन से ... और पढ़ें

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गुरु अष्टकवर्ग से सटीक फलकथन

जनवरी 2010

व्यूस: 4168

पिछले अंक में बुधाष्टकवर्ग पर किए गए शोध की चर्चा की गई थी। इस अंक में प्रस्तुत है - गुरुअष्टकवर्ग पर किए गए शोध का विश्लेषण।... और पढ़ें

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मंगलाष्टकवर्ग से सटीक फलकथन

जुलाई 2009

व्यूस: 4167

पिछले अंक में चंद्राष्टकवर्ग पर किये गये शोध की चर्चा की गई थी। इस अंक में प्रस्तुत है - मंगलाष्टकवर्ग पर किए गए शोध का विश्लेषण।... और पढ़ें

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