ज्योतिषीय योग


जन्म कुंडली से जानें कब होगी आपकी शादी?

जून 2014

व्यूस: 136108

शादी के बारे में कहा जाता है कि जोड़ियां स्वर्ग में निर्धारित होती हैं धरती पर तो केवल आयोजित होती हैं। शादी सात जन्मों का बंधन होता है। इतने पहले निर्धारित हुई शादी धरती पर संपन्न होने में इतनी देर क्यों हो जाती है। इस प्रश्न ... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगदशाविवाहभविष्यवाणी तकनीक

वैवाहिक जीवन व दोष एवं निवारण

मई 2010

व्यूस: 39462

विवाह में विलंब और वैवाहिक जीवन में क्लेश, तनाव, मानसिक पीड़ा और तलाक जैसी स्थिति किन योगों के कारण होती है। इन स्थितियों से बचाव के लिए किए जाने वाले उपायों का वर्णन।... और पढ़ें

ज्योतिषउपायज्योतिषीय विश्लेषणज्योतिषीय योगकुंडली व्याख्यामंत्रविवाहभविष्यवाणी तकनीकयंत्र

कुंडली विश्लेषण के कुछ महत्वपूर्ण नियम

अकतूबर 2010

व्यूस: 35450

कुंडली का विश्लेषण करते हुए कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों जैसे- सभी ग्रहों की स्थिति, डिग्री, दृष्टि, गति, नवांश और चलित की स्थिति आदि को अवश्य ही ध्यान में रखना चाहिए और उन्हीं के अनुसार भविष्यकथन करना चाहिए। इन सभी पहलुओं को देख कर अगर ... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगकुंडली व्याख्याघरग्रहभविष्यवाणी तकनीक

ज्योतिष द्वारा कैसे जानें विवाह योग ?

अकतूबर 2013

व्यूस: 34382

विवाह के विषय में जानना इतना आसान नहीं क्योंकि विवाह हमारे सोलह संस्कारों में एक मुख्य संस्कार है। हमारे ज्योतिष शास्त्र में विवाह के विषय में अनेक ग्रन्थ मिलते है। ज्योतिष शास्त्र ऐसा शास्त्र है जिससे हर विषय की सटीक जानकारियां उ... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगकुंडली व्याख्याघरविवाहग्रहभविष्यवाणी तकनीक

लग्नानुसार विदेश यात्रा के प्रमुख योग

अप्रैल 2013

व्यूस: 20225

जन्मकुंडली के द्वादश भावों में से प्रमुखता, अष्टम भाव, नवम, सप्तम, बारहवां भाव विदेश यात्रा से सम्बंधित है। तृतीय भाव से भी लघु यात्राओं की जानकारी ली जाती है।... और पढ़ें

ज्योतिषप्रसिद्ध लोगज्योतिषीय योगभविष्यवाणी तकनीकराशि

स्तन कैंसर महिलाओं को होने वाला एक भयंकर रोग

फ़रवरी 2011

व्यूस: 19531

महिलाओं में पाए जाने वाले सबसे खतरनाक रोग स्तन कैंसर के बारे में पूर्व जानकारी इस रोग के प्रारंभिक अवस्था में ही कैसे प्राप्त की जा सकती है और रोगी को कालग्रसित होने से आसानी से बचाया जा सकता है। आइए, जानें इस बारे में विभिन्न लग्... और पढ़ें

ज्योतिषस्वास्थ्यज्योतिषीय विश्लेषणज्योतिषीय योगचिकित्सा ज्योतिषहस्तरेखा सिद्धान्तराशि

सूर्य का नीच भंग राजयोग

जुलाई 2010

व्यूस: 19448

नवग्रहों में सूर्य राजसी ग्रह माना जाता है। मेष राशि में सूर्य उच्चस्थ होते हैं और तुला राशि में नीचस्थ। प्रस्तुत है सूर्य के नीच भंग राजयोग का कुंडलीय विश्लेषण।... और पढ़ें

ज्योतिषप्रसिद्ध लोगज्योतिषीय योगयशकुंडली व्याख्याभविष्यवाणी तकनीकसफलता

कुंडली में धन योग

अकतूबर 2010

व्यूस: 18366

धन आज के जीवन की जरूरी आवश्यकता है। आज धनवान, समृद्धिवान एवं विलासितापूर्ण जीवन बिताने का सपना हर कोई देखता है। जातक की कुंडली में कौन से ग्रह एवं भाव जातक को सुविधा संपन्न बनाते हैं प्रस्तुत है एक विवेचना... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगसंपत्ति

शनि-चंद्र का विष योग

जून 2013

व्यूस: 18218

फलदीपिका’ ग्रंथ के अनुसार ‘‘आयु, मृत्यु, भय, दुख, अपमान, रोग, दरिद्रता, दासता, बदनामी, विपत्ति, निन्दित कार्य, नीच लोगों से सहायता, आलस, कर्ज, लोहा, कृषि उपकरण तथा बंधन का विचार शनि ग्रह से होता है। ‘‘अपने अशुभ कारकत्व के कारण शनि... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगघरभविष्यवाणी तकनीक

दाम्पत्य जीवन सुखी बनाने के उपाय

मार्च 2014

व्यूस: 17810

विवाह के बाद पति-पत्नी का दांपत्य जीवन प्रारंभ होता है जो दीर्घकाल तक चलता रहता है परंतु कभी-कभी ऐसा होता है कि कुंडली मिलान ठीक न होने या स्वभाव में भिन्नता, संतान का न होना, संतान का बिगड़ जाना, शारीरिक अक्षमता आदि के कारण दांपत्... और पढ़ें

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