2012 में भारत का राजनीतिक भविष्य

2012 में भारत का राजनीतिक भविष्य  

काल का निरंतर चलता पहिया किस राजनीतिक दिग्गज को राजनीतिक संगम के किस घाट पर उतार रहा है इसका विहंगावलोकन आप भी कर सकते हैं इस लेख मे किये गये ज्योतिष विश्लेषण के माध्यम से। Û भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की 25 अगस्त 2011 तक राहू महादशा में शुक्र की अंतर्दशा चल रही थी। शुक्र ने विपरीत राजयोग का फल प्रदान किया। इसके बाद राहू की महादशा में सूर्य की अंतर्दशा प्रारंभ हुई है जो 19 जुलाई 2012 तक चलेगी। सूर्य यद्यपि धनु लग्न का कारक ग्रह है और बली होकर अपनी उच्चराशि दशम भाव में बुध के साथ स्थित है, लेकिन सूर्य पृथकतावादी ग्रह है। गोचर में 03 नवंबर 2011 को शनि ने तुला राशि में प्रवेश किया है। इनकी राशि कर्क है। अतः गोचर में शनि चतुर्थ भाव में स्थित होकर दशम दृष्टि से चंद्र लग्न को देखेंगे और सप्तम दृष्टि से दशम भाव को व अपनी नीच राशि को देख रहे हैं। अतः संभव है कि मनमोहन सिंह को स्वास्थ्य के कारण या किसी परिस्थिति के कारण अपना पद त्यागना पड़े। अतः 2012 में नेतृत्व परिवर्तन का योग है। Û 2012 मंे उŸार प्रदेश में होने वाले विधान सभा चुनाव के पश्चात् मुलायम सिंह यादव के मुख्य मंत्री बनने की प्रबल संभावना है क्योंकि 2012 में श्री मुलायम सिंह यादव की शुक्र महादशा में बुध की अंतर्दशा प्रारंभ होगी। श्री मुलायम सिंह यादव की कुंडली में बुध विपरीत राजयोग बना रहा है। ऐसी परिस्थिति बन सकती है कि श्री मुलायम सिंह यादव ही उŸार प्रदेश के मुख्य मंत्री बनें। Û बिहार के पूर्व मुख्य मंत्री श्री लालू प्रसाद यादव जी का जन्म सिंह लग्न में हुआ है इनकी राशि कर्क है। इनकी कुंडली में शुक्र, बुध एकादश भाव में स्थित है। शुक्र, बुध से 1 डिग्री पीछे है और मुत्थशिल योग (इत्थशाल योग) बन रहा है। सन् 1990 से 2010 तक शुक्र महादशा में प्रबल राजयोग का फल इसी मुत्थशिल योग के कारण प्राप्त हुआ। इनकी कुंडली में सूर्य दशम भाव में स्थित है। यद्यपि सूर्य लग्न के स्वामी हैं और दशम भाव में स्थित हैं जो बली है। लेकिन सूर्य पृथकतावादी ग्रह होने कारण सूर्य की महादशा में इन्हें भारी क्षति हुई। विधान सभा चुनाव में बहुत कम संख्या में राज्य के लोग जीत पाए। इनकी राशि कर्क है। गोचर में शनि तुला राशि में 03 नवंबर 2011 को प्रवेश करने से शनि की सातवीं दृष्टि दशम भाव पर एवं दसवीं दृष्टि चंद्र लग्न पर पड़ेगी। 2012 में सूर्य महादशा में राहू की अंतर्दशा चलेगी। शुक्र महादशा व राहू की अंतर्दशा में लालू जी को पद त्यागना पड़ा था तथा जेल भी जाना पड़ा था। अतः संभावना है कि 2012 में चारा घोटाले में इनको सजा हो जाए या जुर्माना देना पड़े फलस्वरूप इन्हें अपील में जाना पड़े। Û लाल कृष्ण आडवाणी का जन्म वृश्चिक लग्न में हुआ है लग्नेश मंगल द्वादश भाव में बुध और सूर्य के साथ स्थित है अतः लग्न कुंडली की अपेक्षा आडवाणी जी की चंद्र कुंडली ही काफी बली है अतः फलादेश चंद्र कुंडली के अनुसार ही होना चाहिए। चंद्रमा का पक्षबल काफी अधिक है एवं चंद्रमा वर्गोŸाम नवांश में स्थित है फलदीपिका में मंत्रेश्वर महाराज ने लिखा है कि चंद्रमा पक्ष बली हो और वर्गोŸाम नवांश में स्थित हो तो ऐसा मनुष्य राजा होता है। बुध, सूर्य और मंगल से पीड़ित होने के कारण विपरीत राजयोग बना रहा है। 2012 में आडवाणी जी पर शनि महादशा में बुध की अंतर्दशा चलेगी। चंद्र लग्न से शनि अष्टम् भाव में स्थित होकर, तृतीय दृष्टि से दशम भाव को देख रहा है। चंद्र लग्न एवं सूर्य लग्न दोनों से ही बुध विपरीत राजयोग बना रहा है। अतः संभावना है कि 2012 में मध्यावधि चुनाव हों और आडवाणी जी भारत के प्रधानमंत्री बनें। लग्न कुंडली और चंद्र कुंडली दोनों से ही लग्न के स्वामी मंगल है। मंगल-बुध की युति के कारण शनि महादशा में बुध की अंतर्दशा में आडवाणी जी अस्वस्थ हो सकते हैं। इनके जीवन पर संकट आ सकता है। Û अमेरिका के राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा का लग्न तुला है। ये सूर्य महादशा में गुरु की अंतर्दशा में अमेरिका के राष्ट्रपति बने। 2012 में ओबामा पर सूर्य की महादशा में बुध की अंतर्दशा चलेगी। इनकी कुंडली में बुध भाग्येश है जो दशम भाव में सूर्य के साथ स्थित होकर आदित्य योग बना रहे हैं अतः बराक ओबामा के व्यक्तित्व का विकास होगा तथा अमेरिका की आर्थिक समृद्धि होगी।


नववर्ष विशेषांक  जनवरी 2012

फ्यूचर समाचार पत्रिका के नववर्ष विशेषांक में वर्ष 2012 का फलादेश, ज्योतिषीय समाचार व गतिविधियां, पर्व व्रत आदि की सूची, पृथ्वी माता का व्रत व पूजन, जनवरी मास के प्रमुख व्रत त्यौहार, सूर्य साधना का महापर्व मकर संक्रांति, 2012 में भारत का भविष्य, अलग-अलग देशों में नव वर्षोत्सव, नव संवत्सर का ज्योतिषीय फल, नववर्ष 2012 को शुभ बनाएं, अंकशास्त्र के अनुसार दैनिक भविष्यफल, 2012 में भारत का राजनैतिक भविष्य, वसंत पंचमी एवं सरस्वती की कथा, वसंती पंचमी को सरस्वती पूजन क्यों, सरस्वती पूजन एवं वसंत पंचमी का महत्व, शेयर बाजार और 2012, मंत्रों से समस्त बाधाओं की निवृति, कुंडली एवं उपाय, सत्य कथा, लाल किताब, वास्तु प्रश्नोतरी, हेल्थ कैप्सुल, विचार गोष्ठी, सूर्य अराधना का प्राच्य स्थल देव, ज्ञान सरिता, वास्तु परामर्श, कुछ उपयोगी टोटके, मासिक भविष्यफल, शेयर बाजार में मंदी तेजी, ग्रह स्थिति एवं व्यापार, समस्या समाधान आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई है।

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