रत्न चयन व् धारण विधि -विधान

मई 2012

व्यूस: 77539

सही रत्न का चुनाव करना एक कठिन कार्य है, क्योंकि रत्न जहां लाभ करते हैं. वहीँ हानि भी पहुंचा सकते हैं. लग्न, चतुर्थ, पंचम, नवम, दशम, द्वितीय ये शुभ भाव हैं. यदि इनसे सम्बंधित ग्रह जन्मकुंडली में स्वग्रही... और पढ़ें

ज्योतिषरत्नसुख

कैसे करे पुखराज रत्न की पहचान

अप्रैल 2006

व्यूस: 36051

इस अंक में हम आपको पुखराज के बारे में कुछ खास बातों से अवगत कराएंगे। पुखराज जिसे अंग्रेजी में yellow sapphire corundum कहते है देखने में हल्के पीले या गहरे पीले रंग का होता है। यह चमकीला और पारदर्शी होता है। यह सफेद रंग का भी होता... और पढ़ें

ज्योतिषटैरोरत्न

उपरत्न : गुण एवं पहचान

अकतूबर 2007

व्यूस: 27089

रत्न न केवल आभूषणों की ही शोभा बढाते है। बल्कि इनमे दैविक शक्ति भी विद्यमान होती है। रत्नों की संख्या काफी बड़ी है। परंतु ८४ रत्नों को ही मान्यता प्राप्त है। ९ मुख्य रत्न क्रमश: माणिक्य, मोती, मूंगा, पन्ना, पुखराज, हीरा, नीलम, गोमे... और पढ़ें

ज्योतिषटैरोरत्न

मूंगा

जून 2009

व्यूस: 23029

मूंगा धारण करने से मंगल ग्रह जनित समस्त दोषों का निवारण होता है. मूंगा धारण करने से रक्त साफ होता है. और रक्त की वृद्धि होती है. ह्रदय रोगों में भी मूंगा धारण करने से लाभ प्राप्त होता है. मूंगा धारण करने से व्यक्ति कों नज़र दोष तथा... और पढ़ें

ज्योतिषउपायरत्न

लोकसभा चुनाव 2014

अप्रैल 2014

व्यूस: 15375

शनि को राजनीति का कारक एवं गुरु को सत्ता, नीति और महत्वाकांक्षाओं के प्रदर्षन से जोड़ा जाता है। इन महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति हेतु शनि और गुरु दोनों का अपना महत्व है। शनि मानवता एवं न्याय व्यवस्था का प्रतीक है। अभी शनि उच्च राषिस्थ ... और पढ़ें

ज्योतिषघटनाएँरत्न

रत्न रहस्य

जून 2009

व्यूस: 14412

मानव जीवन पर ग्रहों का अत्यधिक प्रभाव पड़ता है. ग्रहों में व्यक्ति के सृजन एवं संहार की जितनी प्रबल शक्ति होती है, उतनी ही शक्ति रत्नों में ग्रहों की शक्ति घटाने तथा बढाने की होती है. रत्नों की इसी शक्ति के उपयोग के लिए इन्हें प्रय... और पढ़ें

ज्योतिषउपायरत्नसुखसंपत्ति

जीवन में स्वास्थ्य और मधुरता हेतु अंबर किडनी स्टोन और ओपल

फ़रवरी 2010

व्यूस: 13058

रत्न और उपरत्न हमें सुख, शांति, समृद्धि देने के साथ-साथ ग्रहों के अनिष्ट प्रभावों के निवारण में भी सहायता करते हैं। प्रस्तुत है ऐसे ही कुछ चमत्कारी रत्नों का वर्णन ....... और पढ़ें

स्वास्थ्यउपायरत्न

प्रेम का प्रतीक फिरोजा

जुलाई 2013

व्यूस: 12773

किसी के प्रति अपना प्रेम प्रकट करना हो, तो उसे फिरोजा की बनी मुद्रिका भेंट करनी चाहिए। यह प्रेमी-प्रेमिका, पति-पत्नी, अथवा मित्र किसी को भी भेंट की जा सकती है। इसमें अनुराग का रंग चढ़ा होता है। अगर पहले से प्रेम अंकुरित है, तो वह ... और पढ़ें

उपायरत्नविवाह

लाजवर्त मणि एक नाम अनेक काम

फ़रवरी 2006

व्यूस: 12340

प्रचीन ग्रंथों में जिस नीलम का वर्णन मिलता है, वह वास्तव में नीलम न हो कर आज की लाजवर्त मणि ही है। भले ही आज की नीलम ने लाजवर्त से वह उच्च आसन छीन कर उसे उपरत्न की श्रेणी में ला रखा हो, पर अब भी इसकी उपयोगिता कम नहीं हुई है... और पढ़ें

ज्योतिषरत्न

सुखी वैवाहिक जीवन के ज्योतिषीय सूत्र

मार्च 2014

व्यूस: 8296

कुंडली का प्रथम भाव स्वयं जातक, तथा सप्तम भाव जीवन साथी व वैवाहिक जीवन, दर्शाता है। अतः गुण मिलान के बाद लग्न व सप्तम भाव व भावेशों का बलवान होना और उनकी पारस्परिक शुभ स्थिति, तथा उन पर शुभ ग्रहों के प्रभाव का विचार करना सुखी वैवा... और पढ़ें

ज्योतिषरत्न

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