गर्भ रक्षा एवं श्रेष्ठ संतान प्राप्ति के योग सूत्र एवं उपाय

जनवरी 2012

व्यूस: 161829

पुरुष के वीर्य और स्त्री के रज से मन सहित जीव (जीवात्मा) का संयोग जिस समय होता है उसे गर्भाधान काल कहते हैं। गर्भाधान का संयोग (काल) कब आता है ? इसे ज्योतिष शास्त्र बखूबी बता रहा है। चरक संहिता के अनुसार - आकाश, वायु, अग्नि, जल और... और पढ़ें

ज्योतिषउपायबाल-बच्चेघरमुहूर्तग्रह

सफलता की गारंटी ‘‘शुभ मुहूर्त’’ पाना मुश्किल नहीं है

जून 2011

व्यूस: 68138

मुहूर्त की गणना उन लोगों के लिए भी लाभदायक है जो अपना जन्म विवरण नहीं जानते। ऐसे लोग शुभ मुहूर्त की मदद से अपने प्रत्येक कार्य में सफल होते देखे गए हैं। दैनिक जीवन में शुभ कार्यों के लिए सरल शुभ मुहूर्त का विचार निम्न प्रकार से कि... और पढ़ें

ज्योतिषमुहूर्तपंचांगभविष्यवाणी तकनीक

दाह संस्कार- अंतिम संस्कार

जून 2013

व्यूस: 48992

हिंदू धर्म में मृत्यु को जीवन का अंत नहीं माना गया है। मृत्यु होने पर यह माना जाता है कि यह वह समय है, जब आत्मा इस शरीर को छोड़कर पुनः किसी नये रूप में शरीर धारण करती है, या मोक्ष प्राप्ति की यात्रा आरंभ करती है । किसी व्यक्ति की म... और पढ़ें

अध्यात्म, धर्म आदिमुहूर्त

भवन निर्माण कार्य एवं मुहूर्त

जून 2011

व्यूस: 42897

भवन निर्माण के लिए यदि हम अच्छा मुहूर्त यानि वास्तु पुरूष की जागृत अवस्था में कार्य प्रारंभ करें तो वास्तु या अन्य किसी दोष का निवारण स्वतः ही हो जाता है। जब किसी महीने में वास्तु पुरूष चौबीस घंटे सो रहें हो तो कोई भी निर्माण कार्... और पढ़ें

ज्योतिषमुहूर्तभविष्यवाणी तकनीक

नक्षत्रों के दर्पण में शुभ मुहूर्त

जून 2011

व्यूस: 19011

नौ ग्रह एवं सताइस नक्षत्र भारतीय ज्योतिष का वह आधार है जो हमारे जीवन के महत्वपूर्ण कार्यो को प्रभावित करता है। अतः गृह प्रवेश, मुंडन, विवाह, कृषि वाहन खरीदने के लिए नक्षत्रों का उपयोगी एवं व्यवहारिक ज्ञान बहुत आवश्यक है।... और पढ़ें

ज्योतिषमुहूर्तनक्षत्रभविष्यवाणी तकनीक

गृह निर्माण और वास्तु

दिसम्बर 2010

व्यूस: 18525

गृह निर्माण और वास्तु

सुनील जोशी जुन्नकर

घर के वास्तु का प्रभाव उसमें रहने वाले सभी सदस्यों पर पड़ता है। इस तरह, मनुष्य के जीवन में वास्तु का महत्व अहम होत है। इसके अनुरूप घर का निर्माण करने से उसमें सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।... और पढ़ें

वास्तुभूमि चयनमुहूर्तवास्तु पुरुष एवं दिशाएं

शुभ मुहूर्त हेतु चंद्र/ताराबल अवश्य देखें

जुलाई 2011

व्यूस: 17861

मुहूर्त के सभी विचारणीय विषयों में चंद्र बल आवश्यक विषयों में से एक है। यदि अनुकूल स्थितियां उपलब्ध न हों तो सही प्रकार से चुना हुआ लग्न मुहूर्त अशुभ योगों द्वारा उत्पन्न दोषों को दूर करने में सक्षम होता है। अतः किसी भी कार्य के प... और पढ़ें

ज्योतिषमुहूर्त

मुहूर्त प्रश्नावली

नवेम्बर 2009

व्यूस: 12672

तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण इन्हीं के आधार पर शुभ समय निश्चित किया जाता है. लग्न शुद्धि के साथ-साथ इन पाँचों का शुभ होना परम आवश्यक है. इन सबके आधार पर ही शुभ व शुद्ध मुहूर्त निकाला जाता है....... और पढ़ें

ज्योतिषमुहूर्त

मुहूर्त का महत्व

जून 2011

व्यूस: 11538

मुहूर्त का महत्व

शुभेष शर्मन

मानव जीवन में जन्म से लेकर जीवन पर्यन्त मुहूर्तो का विशेष महत्व है, धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष की कामना में मुहूर्त प्रकरण चलता रहता है और मुहूर्त के द्वारा शुभारंभ सर्वथा शुभता तथा सफलता प्रदान करता है।... और पढ़ें

ज्योतिषमुहूर्तभविष्यवाणी तकनीक

नक्षत्रों का ज्योतिषीय विवरण

फ़रवरी 2013

व्यूस: 11130

वैदिक काल में वार के स्थान पर नक्षत्र दिवस के प्रयोग की परम्परा नक्षत्र ज्ञान की प्राचीनता का साक्षात उदाहरण हैं। शास्त्रों से विदित होता हैं। उस काल में वर्तमान व् भविष्य के दिशा निर्देशन या फलादेश में राशियों की जगह नक्षत्रों या... और पढ़ें

ज्योतिषमुहूर्तनक्षत्रराशि

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