हस्तरेखा से जानें कैरियर

अप्रैल 2010

व्यूस: 70995

सभी अंगुली में प्रायः तीन पोर होते हैं, और यदि यह ज्यादा कटे-फटे न हो तो अच्छी गुणवत्ता के व्यक्तित्व को दर्शाती है तथा सामान्यतः धनाढय योग बताती है। अंगूठे में प्रायः चार पोर हो सकते हैं और यह उच्च इच्छा शक्ति की द्योतक है। तर्जन... और पढ़ें

हस्तरेखा शास्रभविष्यवाणी तकनीकव्यवसाय

राशि -ग्रह-नक्षत्र के अनुसार रुद्राक्ष धारण

मई 2010

व्यूस: 18488

वर्तमान समय में शुद्ध एवं दोषमुक्त रत्न बहुत कीमती हो चले हैं, जिससे वे जनसाधारण की पहुंच से बाहर है। अतः विकल्प के रूप में रूद्राक्ष धारण एक सरल एवं सस्ता उपाय है। ग्रह राशि नक्षत्र के अनुसार रूद्राक्ष धारण का संक्षिप्त विवरण यहा... और पढ़ें

ज्योतिषअंक ज्योतिषउपायनक्षत्रव्यवसायरूद्राक्षराशि

प्रतिस्पर्धात्त्मक परीक्षा में सफलता कैसे ?

अप्रैल 2010

व्यूस: 12948

मानव के समस्त कार्य और व्यवसाय को संचालित करने में नेत्रों की भूमिका जिस प्रकार अग्रगण्य मानी गई है ठीक उसी प्रकार ज्ञान, विज्ञान विद्या के क्षेत्र में ज्योतिष विज्ञान दृष्टि का कार्य करता है।... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगशिक्षाकुंडली व्याख्याघरग्रहभविष्यवाणी तकनीकव्यवसाय

उचित व्यवसाय चयन

जनवरी 2010

व्यूस: 8506

प्रत्येक व्यक्ति की अभिलाषा होती है कि वह जो भी कार्य करे वह उसकी रूचि के अनुरूप हो तथा उसमें उसे सफलता मिले। यह बहुत ही कठिन है यह जानना कि कौन सा कार्य हमारे अनूकुल होगा।... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगकुंडली व्याख्याघरग्रहभविष्यवाणी तकनीकव्यवसाय

शिक्षा एवं व्यवसाय

अकतूबर 2009

व्यूस: 8224

''विद्या ददाति विनयम विनयाद्याति पात्रताम् पात्रत्वा धनमाप्नोति धनात् धर्मम् ततो सुखम्''... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगशिक्षाकुंडली व्याख्याघरग्रहभविष्यवाणी तकनीकव्यवसाय

कैरियर और अंक ज्योतिष

अप्रैल 2010

व्यूस: 8224

अंकों की गणना और उसके मानव जीवन पर प्रभाव को अंक शास्त्र के नाम से जाना जाता है। जीवन के सभी क्षेत्रों में इसकी उपयोगिता हमेशा रहती है। अंकों के आधार पर ही हमने 27 नक्षत्रों, 12 राशियों और 9 ग्रहों को पहचाना है। किसी भी कुंडली में... और पढ़ें

अंक ज्योतिषभविष्यवाणी तकनीकव्यवसाय

शिक्षा, व्यवसाय और धन योग

अप्रैल 2010

व्यूस: 7618

जातक की कुंडली में चतुर्थ भाव का स्थान अति महत्वपूर्ण है। यह भाव माता का भाव है। इसका शिक्षा से गहरा संबंध है, क्योंकि बच्चे की मां उसकी पहली शिक्षक होती है। कुंडली के पंचम, अष्टम और नवम भाव भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। भाव, भावेश औ... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगशिक्षाकुंडली व्याख्याघरग्रहभविष्यवाणी तकनीकव्यवसायसंपत्ति

हिंदी के नामाक्षरों द्वारा व्यवसाय का चयन

अप्रैल 2010

व्यूस: 7398

कुछ जातकों के पास न तोजन्म तिथि होती है और नही जन्म का समय। तो ऐसे जातक अपने व्यवसाय का चयन कैसे करें? अधिकांश व्यक्ति इन सूचनाओं के अभाव में बिना सोचे समझे व्यवसाय शुरू कर देते हैं और सफलता न मिलने पर निराश हो जाते हैं और नौकरी क... और पढ़ें

अंक ज्योतिषभविष्यवाणी तकनीकव्यवसाय

जन्म पत्रिका में इंजीनियरिंग योग

दिसम्बर 2010

व्यूस: 7191

इंजीनियरिंग में सफलता के लिए शनि मंगल, सूर्य आदि कारक ग्रहों का लग्न, चतुर्थ, पंचम, सप्तम, नवम व दषम भाव और इन भावों के स्वामी के साथ संबंध होना अति आवष्यक है।... और पढ़ें

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