विशिष्ट अंकों की गणना - पाठ 4

विशिष्ट अंकों की गणना - पाठ 4  

पाइथागोरियन अंक ज्योतिष में बहुत सारे विशिष्ट एवं सामान्य अंक होते हैं जो जन्मोपरांत हमारे भाग्य, जीवन में घटने वाली विभिन्न घटनाओं तथा हमारी चारित्रिक विशेषताओं को निर्धारित एवं संचालित करते हैं। विशिष्ट अंक इनमें महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं जबकि साामन्य अंकों की भूमिका उत्प्रेरक की तरह होती है तथा ये घटनाओं की प्रकृति को थोड़ा उग्र अथवा मंद करते हैं। इन अंकों की हमारे जीवन में अनोखी भूमिका होती है तथा ये अंक ही हमारे जीवन में घटने वाली अच्छी-बुरी घटना के लिए ठीक उसी प्रकार जिम्मेवार होते हैं जिस प्रकार ज्योतिष शास्त्र की मान्यता के अनुसार ग्रहों की भूमिका हमारे जीवन में होती है। पूर्व में चर्चा की जा चुकी है कि विशिष्ट अंकों में भी योग्यता अंक तथा भाग्यांक सर्वाधिक महत्वपूर्ण हैं। योग्यता अंक की गणना जन्मतिथि पर आधारित होती है जबकि भाग्यांक की गणना का आधार नाम होता है। योग्यता अंक जीवन भर समान रहता है तथा इसे परिवर्तित नहीं किया जा सकता जबकि भाग्यांक को हम चाहे-अनचाहे बदल सकते हैं अथवा अनुकूल बना सकते हैं। तात्पर्य यह है कि कई बार लोग स्वयं नाम में परिवर्तन कर लेते हैं अथवा महिलाएं विवाहोपरांत अपने पति का कुल नाम (सर नेम) धारण कर लेती हैं। आजकल लोग अंक- ज्योतिषियों की सहायता बहुतायत में लेने लगे हैं तथा उनकी सलाह पर आने वाले समय को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नाम मंे थोड़ा परिवर्तन करने लगे हैं। आजकल समाज के हर वर्ग एवं हर क्षेत्र के लोग अंक ज्योतिषीय सलाह को काफी महत्व प्रदान करने लगे हैं। ऐसा देखने में आ रहा है कि फिल्मी हस्तियांे के अपने नामों को थोड़ा परिवर्तित करने का प्रचलन काफी बढ़ा है। ऐसे लोग जिन्होंने अच्छे अंक ज्योतिषी की सलाह मानकर नाम में थोड़ा परिवर्तन किया है, उनका मानना है कि इससे निश्चित रूप से उनके जीवन एवं भाग्य में सकारात्मक बदलाव आया है तथा उनके जीवन में पहले से गुणात्मक सुधार हुआ है। विशिष्ट अंक जो हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं वे हैं- योग्यता अंक, भाग्यांक, हृदय अंक, व्यक्तित्व अंक, चरम अंक, परिघटना अंक, कलश अंक तथा चुनौती अंक। योग्यता अंक: योग्यता अंक की गणना जन्म की तारीख, माह एवं वर्ष को एकल अंक में परिवर्तित करने के उपरांत तीनों को पुनः जोड़कर तथा उस योग को एकल अंक में परिवर्तित करके किया जाता है। यह अंक व्यक्ति के प्राकृतिक क्षमता, उसकी योग्यता तथा गुणों के सकारात्मक एवं नकारात्मक पहलुओं को प्रदर्शित करता है। यह अंक बताता है कि आप क्या हैं तथा आपको क्या करना है। योग्यता अंक ‘हाथ में औजार है’ तो भाग्यांक उस औजार से ‘किया जाने वाला कार्य’ है। दोनों अंक एक साथ जीवन भर कार्य करते हैं तथा सफलता उनके समक्रमण पर निर्भर करती है। उदाहरण: उदाहरणस्वरूप हम महात्मा गांधी का विवरण लेते हैं। उनका पूरा नाम Mohandas karamchand gandhi है तथा उनका जन्म Oct.2.1869 को हुआ था। भाग्यांक: भाग्यांक की गणना नाम के नीचे अक्षरों का आंकिक मान लिखकर तथा नाम के प्रत्येक हिस्से के आंकिक मान को अलग-अलग जोड़कर तथा एकल अंक में परिवर्तित करने के उपरांत सभी हिस्से के एकल अंकों को जोड़कर तथा पुनः एकल अंक में परिवर्तित करके किया जाता है। Mohandas Karamchand Gandhi 46815411 2191438154 715489 30/3 38/2 34/7 = 12/3 भाग्यांक हृदय अंक: हृदय अंक की गणना नाम के प्रत्येक हिस्से में उपस्थित सभी अवूमसे के आंकिक मान को जोड़कर किया जाता है। हृदय अंक व्यक्ति के जीवन का एक अहम अंक है तथा यह आन्तरिक इच्छाओं को व्यक्त करता है। यदि यह अंक दूसरे विशिष्ट अंकों के साथ अच्छा तालमेल वाला नहीं होता है तो व्यक्ति का किसी काम में मन नहीं लगता तथा हर काम को वह बोझ समझकर करता है। आप हमेशा लोगों को कहते सुनते हैं कि ‘मेरे जीवन में कुछ भी अच्छा नहीं है’ यद्यपि कि उसके पास प्रचुर सम्प तथा ऐश्वर्य के सभी साधन मौजूद होते हैं। चरम अंक: चरम अंक की गणना योग्यता अंक तथा भाग्यांक को जोड़कर तथा उसे एकल अंक में परिवर्तित करके किया जाता है। यह अंक जीवन के चरम लक्ष्य को प्रदर्शित करता है तथा इस अंक का प्रभाव जीवन के प्रारंभिक चरण में अथवा जीवन की अंतिम अवस्था में परिलक्षित होता है। उदाहरण: गांधी जी का योग्यता अंक 9 तथा भाग्यांक 3 है। अतः चरम अंक = 9+3 = 12/3। अब दूसरा उदाहरण लेकर तथा सभी अंकों का समक्रमण करके उसका विश्लेषण किस प्रकार किया जाता है, इसे स्पष्ट करते हैं। एक साथ इन अंकों की गणना करते हैं। यहां दूसरा उदाहरण हम लेते हैं सचिन तेंदुलकर का और इन विशिष्ट अंकों की गणना करते हैं। विश्लेषण: सचिन तेंदुलकर की अंक कुंडली का योग्यता अंक 3 यह दर्शाता है कि सचिन तेंदुलकर अति सृजनशील, चतुर, सहृदय, कलात्मक एवं अति योग्य हैं। इनकी सृजनात्मकता का अंदाजा इसी बात से लगता है कि इन्होंने हमेशा अपनी रचनात्मक क्षमता एवं सृजनशीलता का परिचय देते हुए नए-नए शाॅट ईज़ाद किए तथा क्रिकेट ग्राउंड में अपनी कलात्मक बल्लेबाजी से लोगों को मंत्रमुग्ध करते हुए ऐसे बड़े-बड़े कीर्तिमान स्थापित किए जो आने वाले समय में टूटना अति मुश्किल प्रतीत होता है। इनका भाग्यांक 8 इस बात का द्योतक है कि ये अति महत्वाकांक्षी हैं तथा अपनी महत्वाकांक्षा को पूर्ण करने के लिए कितनी भी कड़ी मेहनत करनी पड़े, कभी विचलित नहीं होंगे। पूरा विश्व जानता है कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में मात्र 15 वर्ष की उम्र में पदार्पण के उपरांत इन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से इतना यश, कीर्ति एवं ख्याति अर्जित किया कि लोग इन्हें क्रिकेट का भगवान कहने लग गये। इनका हृदय अंक 7 इनके अति अंतर्मुखी, विश्लेषक एवं एकांतप्रेमी होने का परिचायक है जबकि इनका व्यक्तित्व अंक 1 यह बताता है कि इनमें मौलिकता, सूत्रपात करने की क्षमता तथा नेतृत्व करने के गुण कूट-कूट कर भरे हैं। चरम अंक 11/2 इस बात का संकेत करता है कि अपनी वृद्धावस्था में इनका झुकाव धर्म एवं अध्यात्म में होगा।


पराविद्या विशेषांक  अप्रैल 2013

फ्यूचर समाचार पत्रिका के पराविद्या विशेषांक में नवग्रह के सरल उपाय, भाग्य, पुरुषार्थ और कर्म, राहु का अन्य ग्रहों पर प्रभाव, अपरिचित महत्वपूर्ण ग्रह, क्या आप बन पाएंगे सफल इंजीनियर, द्वादशांश से अनिष्ट का सटीक निर्धारण, क्रिकेटर बनने के ग्रह योग, लग्नानुसार विदेश यात्रा के प्रमुख योग, विभिन्न लग्नों में सप्तम भावस्थ गुरु का प्रभाव एवं उपाय, हेल्थ कैप्सुल, लाल किताब के विशिष्ट टोटके, दुर्योग, संत देवराहा बाबा, जगत की गति का द्योतक है 108, विक्रम संवत 2070, अंक ज्योतिष के रहस्य, फलित विचार व चंद्र, सत्यकथा, ईश्वर प्राप्ति का सहज मार्ग कौन, हिंदू मान्यताओं का वैज्ञानिक आधार, पर्यावरण वास्तु, वास्तु प्रश्नोतरी, हस्तरेखा, यंत्र समीक्षा/मंत्र ज्ञान, बिहार का खजुराहो: नेपाली मंदिर, विवादित वास्तु, आदि विषयों पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई है।

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