समस्या समाधान में वास्तु प्रयोग

समस्या समाधान में वास्तु प्रयोग  

जीवन में आने वाली विभिन्न समस्याओं का जिस प्रकार ज्योतिषीय उपचार किया जाता है उसी प्रकार यहां कुछ ऐसे वास्तु प्रयोग बता रहे हैं जो निश्चित ही आपके जीवन संचालक होंगे। 1- यदि पति-पत्नी के बीच अनबन रहती हो, आपसी संबंध मधुर नहीं हों तो दोनों एक ज्वाइंट फोटो शयनकक्ष के र्नैत्य कोण में लगाएं अवश्य लाभ होगा। 2- ऐसा कोई व्यक्ति जैसे- बास, मालिक या अन्य कोई भी जिसके समर्थन की आपको सदैव आवश्यकता हो तो उसका एक फोटो अपने शयनकक्ष या बैठक के वायव्य कोण में लगाएं तो उससे सदैव सहायता प्राप्त होगी। 3- यदि पुत्री के विवाह में विलंब हो रहा हो तो उसका शयनकक्ष वायव्य कोण में बना दें और वायव्य कोण में साफ-सफाई रखें। 4- यदि आपके व्यापार या व्यवसाय स्थान पर कोई उन्नति नहीं हो रही हो या न चाहते हुए भी व्यवसाय स्थल छोड़ने की नौबत आ जाये तो अपने व्यवसाय स्थल का पूरा नाम व विवरण लाल रंग से एक बोर्ड पर लिखवाकर दक्षिण की दीवार पर लटकायें तो अवश्य लाभ होगा। 5- यदि किसी औद्योगिक या व्यापारिक स्थल पर बेचने योग्य वस्तुएं भी न बिक पायंे तो उन्हें वायव्य कोण में रखें तो शीघ्र बिक जायेंगी। 6- यदि घर के सभी व्यक्तियों में मतभेद या अनबन रहती हो तो घर के सभी सदस्यों का प्रसन्नचि मुद्रा में एक साथ खिंचवाया हुआ फोटो घर या ड्राइंगरूम के र्नैत्य कोण में लगाएं अवश्य लाभ होगा। 7- यदि संतान प्राप्ति में बाधा हो तो घर के ईशान कोण को अवश्य देखना चाहिए तथा उसे सदैव साफ स्वच्छ रखना चाहिए। 8- घर के पूर्व, उर या ईशान कोण मं पढ़ने की व्यवस्था बनाएं और पूर्व या उर की ओर मुख करके ही बैठें। 9- घर की विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु घर में सभी शीशे (दर्पण) व घड़ियां भी पूर्व या उर की दीवार पर ही लगाना चाहिए। 10- यदि कोई बच्चा बहुत लापरवाह हो, माता-पिता की बात न माने, अपनी ही बात पूरी करे तो ऐसे बच्चे का शयन कक्ष भूलकर भी र्नैत्य कोण, वायव्य कोण या दक्षिण में न बनायें, स्वयं माता-पिता र्नैत्य कोण में रहें और बच्चों का कमरा पश्चिम, उर या पूर्व में बनाएं।


पराविद्या विशेषांक  अप्रैल 2013

फ्यूचर समाचार पत्रिका के पराविद्या विशेषांक में नवग्रह के सरल उपाय, भाग्य, पुरुषार्थ और कर्म, राहु का अन्य ग्रहों पर प्रभाव, अपरिचित महत्वपूर्ण ग्रह, क्या आप बन पाएंगे सफल इंजीनियर, द्वादशांश से अनिष्ट का सटीक निर्धारण, क्रिकेटर बनने के ग्रह योग, लग्नानुसार विदेश यात्रा के प्रमुख योग, विभिन्न लग्नों में सप्तम भावस्थ गुरु का प्रभाव एवं उपाय, हेल्थ कैप्सुल, लाल किताब के विशिष्ट टोटके, दुर्योग, संत देवराहा बाबा, जगत की गति का द्योतक है 108, विक्रम संवत 2070, अंक ज्योतिष के रहस्य, फलित विचार व चंद्र, सत्यकथा, ईश्वर प्राप्ति का सहज मार्ग कौन, हिंदू मान्यताओं का वैज्ञानिक आधार, पर्यावरण वास्तु, वास्तु प्रश्नोतरी, हस्तरेखा, यंत्र समीक्षा/मंत्र ज्ञान, बिहार का खजुराहो: नेपाली मंदिर, विवादित वास्तु, आदि विषयों पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई है।

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