पंच पक्षी की विशेषतायें एवं स्वभावगत लक्षण-2

पंच पक्षी की विशेषतायें एवं स्वभावगत लक्षण-2  

संपूर्ण मानव समुदाय के लिए पांच भिन्न पक्षियां निरूपित की गई हैं। पक्षी का निर्धारण जन्म नक्षत्र एवं शुक्ल पक्ष/कृष्ण पक्ष में जन्म के आधार पर किया जाता है। इन पांचों पक्षियों की अपनी विशेषतायें एवं स्वभावगत लक्षण होते हैं। हमारा स्वभाव हमारे निरूपित पक्षी के अनुसार ही होता है तथा लोगों से हमारे अच्छे-बुरे संबंध हमारे पक्षी एवं दूसरों के पक्षी के आपसी संबंधों के अनुरूप ही होते हैं। मुर्गा आपका व्यक्तित्व आपका जन्म पक्षी यह निर्दिष्ट करता है कि आप गंभीर स्वभाव के व्यक्ति हैं तथा आपके व्यवहार में गांभीर्य सदैव झलकता है। आपके व्यवहार की प्रमुख खासियत यह है कि आप ठीक से किसी चीज का विश्लेषण करने के उपरांत ही निष्कर्ष पर पहुंचते हैं तथा निर्णय लेते हैं। अतः आपके विचारों एवं निर्णयों में आपका ज्ञान, बुद्धि एवं परिपक्वता परिलक्षित होता है। आपके बातचीत करने के तरीके में थोड़ा दिखावटीपन भी प्रदर्शित होता है। यदि किसी व्यक्ति का कोई व्यवहार आपको बुरा लग जाय तो आप उद्विग्न हो जाते हैं तथा उसके प्रति घृणा का भाव आपके मन में घर करने लगता है। आपका स्वभाव चिड़चिड़ा तथा शीघ्र क्रोधित हो जाने वाला है और यह आपके स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से हितकर नहीं है। अतः आपको अपने व्यवहार को संयमित करना चाहिए तथा गुस्से पर काबू पाना चाहिए। डाॅ. मनोज कुमार इसके अलावा आपके लिए यह भी आवश्यक है कि आप दूसरों के प्रति भी सोचें तथा अच्छी भावना रखें। आपको खट्टे खाद्य पदार्थ रूचिकर लगते हैं तथा अत्यधिक सोना एवं आराम करना आपको पसंद है। आपका स्वास्थ्य आपका जन्म पक्षी आपके सिर एवं गर्दन के हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। अतः आपके लिए सलाह है कि आप अपने शरीर के इन अंगों की बेहतर देखभाल करें अन्यथा ये आपको कष्ट दे सकते हैं। क्रोध एवं घृणा दो ऐसे महत्वपूर्ण तत्व हैं जिनपर काबू पाना आपके लिए आवश्यक है अन्यथा ये भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा करने में अहम हो सकते हैं। आपकी भाग्यशाली दिशा आपके लिए सबसे भाग्यशाली दिशा उत्तर है। आप अपने अधिकांश कार्य इसी दिशा में अभिमुख होकर करें क्योंकि यह आपके लिए अनुकूल होगा। यदि आप अपने हर महत्वपूर्ण निर्णय भी इस दिशा को दृष्टिगत रखकर लें तो शुभ साबित होगा। आप अपने आॅफिस में इसी दिशा में अभिमुख होकर बैठें, इससे आपकी कार्यक्षमता एवं योग्यता में वृद्धि होगी। आपका भाग्यशाली रंग आपका भाग्यशाली रंग हरा है। अतः आप अपने दैनिक जीवन में अधिकांशतः इसी रंग का प्रयोग करें। इस रंग का प्रमुखता से प्रयोग करने पर आपके भाग्य में वृद्धि होगी तथा आप मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ रहेंगे। हर महत्वपूर्ण अवसर पर एवं कार्य के दौरान हरे रंग का ही वस्त्र पहनें, इससे आपको सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। आपके शुभ देवता आपके ईष्ट देव भगवान गणेश हैं। यदि आप पूर्ण समर्पण भाव के साथ श्री गणेश की आराधना करें तो आपका क्रोध भी नियंत्रित हो जाएगा और सफलता भी प्राप्त होगी, नकारात्मकता आपकी बुद्धि पर हावी नहीं हो पाएगी तथा आपको मानसिक शांति भी प्राप्त होगी। भगवान गणेश आपके जीवन की समस्याओं एवं कठिनाइयों को कम करेंगे तथा आपके रूके हुए सभी कार्य सफलतापूर्वक संपन्न होंगे। मयूर आपका व्यक्तित्व आपकी आदत अपने निर्णय पर दृढ़ रहने की है। आप अपने व्यवहार में संतुलन बनाए रखते हैं तथा क्रोध को अपने ऊपर हावी नहीं होने देते। किंतु आप में आत्म विश्वास की कमी परिलक्षित होती है तथा आप किसी से भी बात करते वक्त घबरा जाते हैं। अपनी बीती हुई बातों को याद करके कई बार आप भावुक हो उठते हैं जो कि आपके लिए अच्छा नहीं है। आपके लिए यह सलाह है कि आप बातों को दिल से न लगाएं तथा जीवन पथ पर निरंतर आगे बढ़ते रहें। छोटी-छोटी बातों पर घर तथा बाहर संबंधों में दरार न आने दें। आपके व्यक्तित्व का सबसे बड़ा गुण यह है कि आप शांत स्वभाव के हैं तथा शीघ्र क्रोधित नहीं होते। आप अधिक भावुक भी नहीं हैं। आपको जंगल के प्राकृतिक वातावरण अधिक भाते हैं। आपका अच्छा स्वभाव विपरीत लिंग के साथियों को बरबस आपकी ओर आकर्षित करते हैं। आपका स्वास्थ्य आपका जन्मपक्षी आपके हृदय एवं शरीर को प्रभावित करता है। आपके जन्म पक्षी के आधार पर आपके लिए श्रेयस्कर होगा कि आप अपने मानसिक तनाव को दरकिनार करें तथा अपने ऊपर हावी न होने दें। आप मस्तिष्क के स्वस्थ रहने के उपाय करते रहें अन्यथा आपकी याददाश्त कमजोर होती चली जाएगी। आपको समय-समय पर शरीर के अलग-अलग हिस्सों जैसे- हाथ, कंधे एवं गुप्तांगों में भी समस्याएं हो सकती हैं। अतः यदि इन अंगों में थोड़ी भी परेशानी महसूस हो तो यथाशीघ्र इस पर ध्यान देकर चिकित्सकीय सलाह लें। आपकी भाग्यशाली दिशा आपकी भाग्यशाली दिशा हर दिशा का मध्य बिंदु अर्थात् विदिशा है। घर में या कार्यस्थल पर भी विदिशा (उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व) आपके लिए अति शुभ है। अपने जीवन तथा करियर से संबंधित हर महत्वपूर्ण कार्य को संपन्न करने के लिए इन दिशाओं का ध्यान रखें। अपने सभी दस्तावेज आप इन्हीं दिशाओं में रखें तो आपके लिए शुभ साबित होगा। इससे आपके सभी कार्य सफल होंगे तथा परिणाम आपके पक्ष में आएंगे। आपका भाग्यशाली रंग आपका भाग्यशाली रंग काला है। इस रंग का अधिकतम प्रयोग आप दैनिक जीवन में करें। हर महत्वपूर्ण अवसर पर तथा आवश्यक कार्य के निष्पादन के दौरान काले वस्त्र ही पहनें तो उत्तम होगा। आपके शुभ देवता सामान्यतः आपके लिए सभी देवी-देवता शुभ हैं। अतः आप यदि शुद्ध हृदय एवं समर्पण भाव से इनकी आराधना करें तो आपकी हर मनोकामना पूर्ण होगी। इससे आपका मनोबल भी दृढ़ होगा तथा आप कठिन परिस्थितियों से निजात पाने में भी सक्षम हो पाएंगे। ईश्वर भक्ति से आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा तथा परेशानियां कम होंगी।

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रत्न एवं रूद्राक्ष विशेषांक  मई 2014

फ्यूचर समाचार के रत्न एवं रूद्राक्ष विशेषांक में अनेक रोचक और ज्ञानवर्धक आलेख हैं जैसे- रूद्राक्ष की ऐतिहासिक पृष्ठ भुमि, रूद्राक्ष की उत्पत्ति, रूद्राक्ष एक वरदान, रूद्राक्ष धारण करने के नियम, ज्योतिष में रत्नों का महत्व, रत्न धारण का समुचित आधार, रत्न धारण से रोगों का निदान, उपरत्न, लग्नानुसार रत्न निर्धारण, रत्नों का महत्व और स्वास्थ्य आदि। इसके अतिरिक्त पंच पक्षी के रहस्य, वट सावित्री व्रत, अक्षय तृतिया एवं आपकी राशि, ग्रह और वकालत, एक सभ्य समाज के निर्माण की प्रक्रिया, अगला प्रधानमंत्री कौन, कुण्डली के विभिन्न भावों में केतु का फल, सत्य कथा, पुंसवन संस्कार, हैल्थ कैप्सूल, शंख थेरेपी, ज्योतिष और महिलाएं तथा वास्तु प्रश्नोत्तरी व वास्तु परामर्श जैसे अन्य रोचक आलेख भी सम्मिलित किये गये हैं।

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