प्रश्न: मंत्र के प्रारंभ में ‘हरि ओऽम’ क्यों? उत्तर: वेद पाठ के प्रारंभ में मंत्रोच्चारण से पूर्व ‘हरि ओऽम’ का उच्चारण करना वैदिक परंपरा है। वेद के अशुद्ध उच्चारण में ‘महापातक’ नामक दोष लगता है। इस संभावित दोष की निवृत्ति हेतु आदि और अंत में ‘हरि ओऽम’ शब्द का उच्चारण करना अनिवार्य है। श्री मद्भागवत में भी लिखा है कि - ‘‘सर्वं करोति निश्छिद्रं नाम संकीर्तनं हरेः।’ मंत्रोच्चार, विधि-विधान, देशकाल और वस्तु की कमी के कारण धर्मानुष्ठान में जो भी कमी हो, हरि नाम का संकीर्तन करने से वे सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं। प्रश्न: प्रथम गणेश पूजन क्यों? उत्तर: सनातन हिंदू धर्म में कोई ऐसा कार्य नहीं, जो कि गणपति पूजन के बिना प्रारंभ किया जाता हो, फलतः प्रारंभ का पर्याय ‘श्री गणेश’ हो गया। इसका कारण यह है कि गणेश, गणपति एवं सभी देवगणों के गणाध्यक्ष कहलाते हैं। ये अपनी विलक्षण बुद्धिमत्ता के कारण सभी देवताओं में अग्रपूज्य हैं। याज्ञवल्क्य स्मृति के अनुसार गणपति की पूजा करके, विधिपूर्वक नवग्रह पूजन करना चाहिए, जिससे समस्त कार्यों का शुभ फल प्राप्त होता है तथा लक्ष्मी की भी प्राप्ति होती है।


दीपावली विशेषांक  October 2017

फ्यूचर समाचार का अक्टूबर का विशेषांक पूर्ण रूप से दीपावली व धन की देवी लक्ष्मी को समर्पित विशेषांक है। इस विशेषांक के माध्यम से आप दीपावली व लक्ष्मी जी पर लिखे हुए ज्ञानवर्धक आलेखों का लाभ ले सकते हैं। इन लेखों के माध्यम से आप, लक्ष्मी को कैसे प्रसन्न करें व धन प्राप्ति के उपाय आदि के बारे में जान सकते हैं। कुछ महत्वपूर्ण लेख जो इस विशेषांक में सम्मिलित किए गये हैं, वह इस प्रकार हैं- व्रत-पर्व, करवा चैथ व्रत, दीपावली एक महान राष्ट्रीय पर्व, दीपावली पर ‘श्री सूक्त’ का विशिष्ट अनुष्ठान, धन प्राप्त करने के अचूक उपाय, दीपावली पर करें सिद्ध विशेष धन समृद्धि प्रदायक मंत्र एवं उपाय, आपका नाम, धन और दिवाली के उपाय, दीपावली पर कैसे करें लक्ष्मी को प्रसन्न, शास्त्रीय धन योग आदि।

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