ज्योतिष में ऐसी अनेक प्रणालियाँ हैं जो यह स्पष्ट करती हैं कि खगोलीय घटनाओं का और मानव जगत में घटने वाली घटनाओं में सीधा संबंध होता है। ग्रहों में गुरुत्वाकर्षण बल होता है जिसका मानव जीवन पर उसके वातावरण और परिस्थितियों के अनुसार प्रभाव पड़ता है। बहुत से ज्योतिषियों ने यह अनेक बार सिद्ध किया है कि जन्म लग्न, राशि और ग्रहों की स्थितियों से आसानी से जातक के व्यक्तित्व, योग्यता, स्वास्थ्य, प्रेम संबंध और भाग्य का आसानी से अनुमान लगाया जा सकता है। मिशेल गाॅक्लिन ने 20,000 लोगों की कुंडिलयों का अध्ययन करके यह निष्कर्ष निकाला कि मंगल, गुरु और शनि, ये तीनों ग्रह चिकित्सकों व वैज्ञानिकों की कुंडलियों में बली पाए गए। चंद्रमा, मंगल चैम्पियन, चंद्र, मंगल, गुरु सैनिकों, चंद्र, गुरु राजनीतिज्ञ तथा चंद्र, शुक्र लेखक और कलाकारों की कुंडली में बली पाए गए।


विवाह विशेषांक  मार्च 2014

फ्यूचर समाचार पत्रिका के विवाह विशेषांक में सुखी वैवाहिक जीवन के ज्योतिषीय सूत्र, वैदिक विवाह संस्कार पद्धति, कुंडली मिलान का महत्व, विवाह के प्रकार, वर्तमान परिपेक्ष्य में कुंडली मिलान, तलाक क्यों, शादी के समय निर्धारण में सहायक योग, शनि व मंगल की वैवाहिक सुख में भूमिका, शादी में देरी: कारण-निवारण, दाम्पत्य जीवन सुखी बनाने के उपाय तथा कन्या विवाह का अचूक उपाय आदि विषयों पर विस्तृत जानकारी देने वाले आलेखों को सम्मिलित किया गया है।

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