कुंडली मिलान का महत्व

कुंडली मिलान का महत्व  

कुंडली मिलान से संबंधित अनेक प्रश्न सामने आते हैं। आइए, कुछ प्रश्नों का समाधान देखते हैं: प्रश्न: क्या कुंडली मिलान कर के भविष्य को सुखमय बनाया जा सकता है? उत्तर: कुंडली मिलान कर के भविष्य को अवश्य ही सुखमय बनाया जा सकता है। कर्म से भाग्य बदला जा सकता है। भाग्य पूर्व जन्मांे का फल है, अर्थात् कुंडली का ठीक मिलान कर के भविष्य को संवार सकते हैं। प्रश्न: यदि कुंडली में अनिष्ट ही लिखा है, तो कुंडली मिलान से भविष्य को कैसे सुधारा जा सकता है? उत्तर: वेदों में आज्ञा दी गयी है कि हर मनुष्य को अपना भविष्य सुधारने का प्रयत्न करना चाहिए। मुहूर्त द्वारा किसी कार्य को शुभ समय पर करना, अथवा किसी ग्रह की शांति के लिए उपाय आदि करना भी इसी ओर एक कदम है। इसी प्रकार कुंडली मिलान द्वारा भी अपने वैवाहिक जीवन को सुखमय बना सकते हैं। यदि एक की कुंडली में अनिष्ट भी है, तो दूसरे की प्रभावशाली कुंडली उसको समर्थन दे सकती है एवं उस अनिष्ट के प्रभाव को दूर कर सकने में सक्षम होती है। प्रश्न: कुंडली मिलान किस सीमा तक सुखी विवाहित जीवन का मापदंड है? अधिक गुण मिलने पर एवं मांगलिक दोष न होने पर क्या विवाहित जीवन अवश्य खुशहाल रहेगा? उत्तर: कुंडली मिलान से वैवाहिक जीवन सुखमय रहने की संभावना बहुत बढ़ जाती है, लेकिन इसकी गारंटी नहीं दी जा सकती। प्रश्न: यदि कुंडली मिलान ठीक नहीं है, तो भी क्या विवाह किया जा सकता है?


विवाह विशेषांक  मार्च 2014

फ्यूचर समाचार पत्रिका के विवाह विशेषांक में सुखी वैवाहिक जीवन के ज्योतिषीय सूत्र, वैदिक विवाह संस्कार पद्धति, कुंडली मिलान का महत्व, विवाह के प्रकार, वर्तमान परिपेक्ष्य में कुंडली मिलान, तलाक क्यों, शादी के समय निर्धारण में सहायक योग, शनि व मंगल की वैवाहिक सुख में भूमिका, शादी में देरी: कारण-निवारण, दाम्पत्य जीवन सुखी बनाने के उपाय तथा कन्या विवाह का अचूक उपाय आदि विषयों पर विस्तृत जानकारी देने वाले आलेखों को सम्मिलित किया गया है।

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