लियो पाम में मुहूर्त

लियो पाम में मुहूर्त  

लियो पाम में मुहूर्त विनय गर्ग पिछले अंक में आपने लियोपाम के नवीनीकरण के बारे में पढ़ा होगा। जैसा कि उसमें बताया गया था, लियो पाम कम्प्यूटर ज्योतिष सॉफ्टवेयर अब उन सभी मोबाइल फोनों में चलाया जा सकेगा, जिनमें ऑपरेटिंग सिस्टम विंडोज मोबाइल हो। लियो पाम में ज्योतिष से संबंधित कई विधाएं हैं, जिनमें एक मुहूर्त भी है। जैसा कि सर्वविदित है, मुहूर्त किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण होता है क्योंकि जीवन में होने वाली घटनाएं मनुष्य के वश में नहीं होतीं - विशेष तौर पर व्यक्ति का जन्म और मृत्यु। परंतु जीवन में कुछ ऐसे कार्य होते हैं, जिन पर पूरा जीवन निर्भर करता है। ये कार्य यदि हम शुभ समय, लग्न एवं शुभ ग्रह स्थितियों के आधार पर करें, तो ये कार्य अधिक सफल हो सकते हैं। जैसे विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, नींव पूजन, व्यापार आरंभ, मुंडन संस्कार, जनेऊ संस्कार, अन्नप्राशन संस्कार, दुकान प्रारंभ करना, नौकरी प्रारंभ करना, वाहन खरीदना आदि। इन सभी कार्यों शुभ समय पर होना अत्यंत आवश्यक है। इनके शुभ समय पर न होने पर जीवन में बहुत सी कठिनाइयों एवं असफलता तथा कार्य में व्यवधान आदि का सामना करना पड़ता है। वास्तव में किसी भी कार्य का मुहूर्त उस कार्य का जन्म कहलाता है। यदि किसी व्यक्ति का जन्म शुभ लग्न और शुभ ग्रह स्थिति में हो, तो जीवन अधिक सफल, सुखद एव समृद्ध होता है। उदाहरण के लिए यदि विवाह का मुहूर्त शुभ न हो, तो व्यक्ति को वैवाहिक जीवन में बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। स्थिति तलाक तक पहुंच सकती है। ऐसी स्थितियों से बचने के लिए हमारे ऋषि मुनियों ने मुहूर्त की खोज शास्त्रों से की है। अतः हमें इस सुविधा का भरपूर लाभ उठाना चाहिए। मुहूर्त निकालने के लिए हमें पंचांग की सहायता लेनी पड़ती है, जिसमें तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण की गणना होती है। इसके अतिरिक्त ग्रहों का उदय होना, अस्त होना, वक्री या मार्गी होना, लग्न चर, स्थिर या द्विस्वभाव का होना आदि पर निर्भर करता है। इन सभी का प्रारंभ एवं समाप्ति काल तथा अन्य के साथ योग आदि महत्वपूर्ण हैं। फ्यूचर पॉइंट द्वारा विकसित लियो पाम सॉफ्टवेयर में यह सब कार्य बहुत ही आसानी से किए जा सकते हैं। इसके लिए आपको सिर्फ यह निश्चित करना होगा कि मुहूर्त किस अवधि में चाहिए। इसके अलावा यदि कोई कार्य किसी व्यक्ति विशेष द्वारा किया जाना है, तो उसकी कुंडली का भी विचार करते हुए उस व्यक्ति विशेष के लिए उस कार्य का मुहूर्त लिया जा सकता है। यदि कार्य दो व्यक्तियों द्वारा किया जा रहा हो, तो दोनों की कुंडलियों का विचार भी किया जा सकता है। उदाहस्वरूप, लड़के और लड़की के विवाह के लिए दोनों का जन्म विवरण भरकर उन दोनों के लिए शुभ विवाह मुहूर्त निकाला जा सकता है। इसी तरह, किसी दंपति को नए घर में प्रवेश करना हो, तो पति और पत्नी का जन्म विवरण देकर दोनों के लिए गृह प्रवेश का शुभ मुहूर्त निकाला जा सकता है। इन मुहूर्तों की एक विशेषता और है और वह यह कि यदि आप किसी बात का विचार नहीं मानते हैं, तो उस तथ्य को एस्ट्रो ऑप्शन के द्वारा हटा सकते हैं। जैसे विवाह के लिए कुछ लोग तारा डूबने के विचार को अधिक महत्व नहीं देते हैं। ऐसे में आप मुहूर्त मास्टर में जाकर 'तारा डूबने' को 'ऑफ' कर सकते हैं। इसी प्रकार, यदि आप गृह प्रवेश हेतु 'कलश चक्र विचार' को महत्व नहीं देना चाहते हैं तो उसे 'ऑफ' कर सकते हैं। लियो पाम से मुहूर्त निकालने के लिए सबसे पहले आपको 'ज्योतिष' के स्थान पर 'मुहूर्त' का चयन करना होता है। फिर व्यक्ति विशेष का जन्म विवरण देना होता है। यह विवरण आप पाम के सबसे ऊपर बायीं ओर स्क्रीन में लिखे '1' को दबाकर दे सकते हैं। इसमें व्यक्ति का नाम, लिंग, जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान देना होता है। यदि जन्म विदेश में हुआ हो, तो उस देश का नाम भी बताना जरूरी है। इसके पश्चात यदि संबंधित कार्य में दूसरा व्यक्ति भी संबद्ध हो, तो उसका जन्म विवरण अंक '1' के बराबर में लिखे अंक '2' को दबाकर दिया जा सकता है। इसमें भी प्रथम व्यक्ति के समान जन्म विवरण देना होता है। यह दोनों जन्म विवरण वैकल्पिक हैं अर्थात यदि आप जन्म विवरण नहीं देना चाहते हैं, तो भी मुहूर्त निकाला जा सकता है। इसके लिए 1 और 2 के बराबर में लिखे ड बटन को दबाना होता है। इसके दबाने से इसी के बराबर में दाहिनी तरफ एक काम्बो बॉक्स बन जाता है जिसमें मुहूर्त की सूची दिखाई देती है। इसमें आपको विवाह, मंदिर निर्माण, नौकरी, कोर्ट, वाहन, घर, प्रॉपर्टी, व्यापार, औद्योगिक प्रतिष्ठान, यात्रा, नवजात शिशु, चुनाव, शिक्षा आदि से संबंधित मुहूर्त और अन्य लिखे हुए दिखाई देंगे। आपको जिस कार्य से संबंधित मुहूर्त निकालना हो उस पर क्लिक करें। जैसे यदि विवाह पर क्लिक करेंगे तो उसके नीचे एक और कॉम्बो बॉक्स खुल जाएगा। इसमें क्लिक करने पर आपको विवाह से संबंधित कार्यों की सूची दिखाई देगी जैसे सगाई, दुल्हे का चयन, दुल्हन का चयन, विवाह संस्कार, वधू का गृह प्रवेश, द्विरागमन, रसोई कार्य प्रारंभ, हनीमून यात्रा आदि। उदाहरण के लिए, मान लें कि सगाई का मुहूर्त निकालना है। इसके लिए मदहंहमउमदज पर क्लिक करें। इसके पश्चात हमें मुहूर्त की वांछित अवधि बतानी होती है। जैसे मान लें कि हमें 4 मार्च 2010 से 4 अप्रैल 2010 के बीच की अवधि में सगाई का मुहूर्त चाहिए। इसके लिए तिथि के आगे दो कॉम्बो बॉक्स बने होते हैं जिन पर क्लिक करने से कैलेंडर खुल जाता है। इस कैलेंडर की सहायता से मुहूर्त अवधि के प्रारंभ की तिथि दी जा सकती है। इसी प्रकार इसके बराबर वाले कॉम्बो बॉक्स में जाकर क्लिक करने पर भी कैलेंडर खुलता है, जिसमें मुहूर्त अवधि की समाप्ति की तिथि दी जा सकती है। इसके पश्चात हमें यह बताना होता है कि मुहूर्त का समय कब से कब तक का होना चाहिए। जैसे सगाई के लिए सामान्यतः दिन का समय होना चाहिए। इस हेतु समय के आगे ैनदतपेम पर तथा इसके बराबर में दूसरे कॉम्बो बॉक्स में ैनदेमज पर क्लिक करेंगे। इससे तिथियों के बीच एवं दिए गए समय अंतराल अर्थात दिन के समय में जो भी शुभ मुहूर्त होंगे उनकी तिथि, समय, लग्न आदि का विवरण हमें स्क्रीन पर देखने को मिल जाएगा। इसके पश्चात स्थान का विवरण देना होता है। यह स्थान वह होना चाहिए जहां कार्य होना है। जैसे यदि मुंबई में सगाई की जानी है, तो ब्पजल के आगे बने कॉम्बो बॉक्स पर क्लिक करें। इससे शहरों की सूची का मेन्यू खुल जाता है जिसमें शहर के नाम, राज्य और अक्षांश तथा रेखांश प्रदर्शित होते हैं। मुंबई के लिए सर्वप्रथम ड पर क्लिक करें। इससे ड से संबंधित शहरों की सूची आपको दिखाई देगी। इसी प्रकार क्रमशः U..M..B..A..I पर क्लिक करेंगे। इसके पश्चात व्ज्ञ बटन पर क्लिक करें। इससे मुंबई शहर का अक्षांश तथा रेखांश फीड हो जाएंगे। अब मुहूर्त देखने के लिए स्क्रीन के निचले हिस्से में बीच में जन्मपत्री के निशान पर क्लिक करें तो गणना आरंभ हो जाती है। कुछ ही सेकंडों में आपके सामने मुहूर्तों की सूची प्रदर्शित हो जाती है। इसमें 3 विकल्प होते हैं - 1. All 2. Selected 3. Best 'All' पर क्लिक करने से सभी तिथियों म उपलब्ध मुहूर्तों की सूची प्रकट होती है। इसमें उन मुहूर्तों के बारे में भी दर्शाता है जिन दिनों में मुहूर्त नहीं होता है परंतु उसके आगे 0 प्रतिशत लिखा होता है अर्थात वह मुहूर्त के लिए उपयुक्त नहीं है। ैelectedपर क्लिक करने से वे सभी तिथियां सामने आती हैं, जिनमें में मुहूर्त उपलब्ध होता है। इन मुहूर्तों में कुछ पूर्ण रूप से शुद्ध होते हैं तथा कुछ में कोई अशुद्धि भी हो सकती है। यह आवश्यक नहीं है कि सभी मुहूर्त पूर्ण रूप से शुद्ध हों अर्थात इसमें उन मुहूर्तों की सूची भी होती है, जिनमें अनिवार्यता की स्थिति में कार्य किया जा सकता है। ठमेज पर क्लिक करने से वे तिथियां सामने आती हैं, जिनमें कम से कम अशुद्धि होती है। इसमें सर्वोत्तम मुहूर्तों में से उच्चतम कोटि के 12 मुहूर्त प्रकट होते हैं। प्रत्येक तिथि के आगे मुहूर्त की शुद्धता प्रतिशत में दी गई है, जिसके आधार पर आप अपनी प्राथमिकता के अनुसार मुहूर्त का चयन कर सकते हैं। इसी सारणी में आपको राइट क्लिक का बटन दबाने से मुहूर्त के प्रारंभ एवं समाप्ति अवधि दिखाई देगी। इससे संबंधित लग्न, तिथि, पक्ष, राशि, नक्षत्र, करण, योग, वार, आदि की जानकारी भी मिलती है। अर्थात मुहूर्त वाले दिन का संपूर्ण पंचांग आपके सामने होता है। इसके अतिरिक्त प्रतिदिन के आधार पर मुहूर्तों की शुद्धता एवं गुणवत्ता को आप ग्राफ के रूप में भी देख सकते हैं। इससे आपको गुणवत्ता का आभास आसानी से हो जाता है। इसके पश्चात प्रत्येक शुभ दिन में कौन सा लग्न अर्थात समय या अवधि अधिक शुभ और मंगलकारी होगी यह भी आप ग्राफ के रूप में देख सकते हैं। अंत में संबंधित मुहूर्त के दिन की कुंडली भी देखी जा सकती है। इन सभी के लिए स्क्रीन के निचले हिस्से में क्रम से बटन बने होते हैं, जो इस प्रकार हैं : Date, Graph, Times, Graph, Kundli इसी प्रकार आप इस मुहूर्त सॉफ्टवेयर से निम्नलिखित कार्यों से संबंधित मुहूर्त निकाल सकते हैं - विवाह (Marriage) मंदिर स्थापना (Temple) नौकरी (Service) कोर्ट (Court) वाहन (Vehicle) गृह निर्माण एवं प्रवेश (House) संपत्ति (Property) व्यापार (Business) औद्योगिक स्थापना (Industrial Establishment) यात्रा (Journey) नवजात शिशु (New born child) चुनाव (Election) शिक्षा (Education) निर्माण कार्य (Construction) चिकित्सा (Medical) व्यवसाय (Occupational) शेयर, लॉटरी एवं सट्टा (Speculation) प्रेम संबंध (Love-Romance) इस सॉफ्टवेयर की सहायता से आप सर्वप्रथम विशालतम गणना से बच सकते हैं। साथ ही गणना में मानवीय त्रुटि से भी बचा जा सकता है। इन सबके अतिरिक्त आपको अलग-अलग जगह के मुहूर्तों के लिए अलग-अलग पंचांग रखने की आवश्यकता भी नहीं रह जाती है। इसके अलावा आप किसी विदेश में जन्मे व्यक्ति के लिए विदेश के कार्य हेतु भी मुहूर्त कुछ सेकंडों में ही निकाल सकते हैं। इस हेतु आपको समय संस्कार, अक्षांश, रेखांश आदि की गणना भी नहीं करनी पड़ती है। यह सभी गणना कार्य लियो पाम सॉफ्टवेयर द्वारा शतप्रतिशत शुद्ध एवं कम से कम समय में तुरंत हो जाता है और आपको अधिक चिंतन व परिश्रम की आवश्यकता नहीं होती है।


रुद्राक्ष विशेषांक  मई 2010

रुद्राक्ष की उत्पत्ति व प्राप्ती स्थल, धारण नियम व विधि, रुद्राक्ष के प्रकार, औषधीय उपयोग, ज्योतिषीय महत्व और उपाय के रूप में इसके प्रयोग आदि विषयों पर ज्ञानवर्धन हेतु आज ही पढ़े फ्यूचर समाचार का रुद्राक्ष विशेषांक। ज्योतिष प्रेमियों के लिए विचार गोष्ठी स्तंभ के अंतर्गत वैवाहिक जीवन दोष एवं निवारण विषय पर की गई ज्योतिषीय परिचर्चा अत्यंत उपयोगी है।

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