लियो पाम में टैरो कार्ड

लियो पाम में टैरो कार्ड  

लियो पाम में टैरो कार्ड टरो कार्ड ताश के पत्तों का एक समूह है, जिनकी कुल संख्या 78 होती है। इन 78 पत्तों में से प्रत्येक पत्ते का एक नाम दिया गया है, जिनसे इनकी विशिष्टता का पता चलता है। पत्तों के नाम के अनुसार ही पत्तों में दृश्य चित्रित किये गये हैं एवं उनके अर्थ प्रदान किये गये हैं। टैरो कार्ड की विशिष्टताएं एवं आकार-प्रकार: टैरो कार्ड के पत्तों को, उनकी विशिष्ट प्रकृति के आधार पर, मुख्यतः 5 प्रकारों में विभाजित किया जा सकता है। उदाहरण के लिए: जीवन, प्रकृति एवं अन्य गुणों पर आधारित पत्ते: जैसे, मूर्ख ;ज्ीम थ्ववसद्ध जादूगर ;ज्ीम डंहपबपंदद्ध पुजारिन ; च्तपमेजमेेद्ध साम्राज्ञी ;ज्ीम म्उचतमेेद्ध सम्राट ;ज्ीम म्उचमतवतद्ध पुजारी ;ज्ीम भ्पही च्तपमेजद्ध प्रे्रमी ;ज्ीम स्वअमतेद्ध योद्धा ;ज्ीम ब्ींतपवजद्ध न्याय;श्रनेजपबमद्ध हरमिट ;ज्ीम भ्मतउपजद्ध समय चक्र ;ज्ीम ॅीममस व िथ्वतजनदमद्ध शक्ति ;ज्ीम ैजतमदहजीद्ध त्रिशंकु व्यक्ति ;ज्ीम भ्ंदहमक डंदद्ध मृत्यु ;क्मंजीद्ध धैर्य ;ज्मउचमतंदबमद्ध शैतान ;ज्ीम क्मअपसद्ध मीनार ;ज्ीम ज्वूमतद्ध तारे ;ैजंतद्ध चंद्रमा ;डववदद्ध सूर्य ;ैनदद्ध फैसला ;श्रनकहमउमदजद्ध दुनिया ;ॅवतसकद्ध बांस (लाठी) पर आधारित पत्ते: ये पत्ते 1 बांस से ले कर 10 बांस, जो विभिन्न माध्यमों एवं व्यक्तियों पर चित्रित किये गये हैं, एक विशेष अर्थ प्रदान करते हैं। इन्हीं बांसों/लाठियों को पकड़ हुए राजकुमार, राजकुमारी, रानी, राजा, इनका अधिपति/स्वामी को दिखाये गये 4 अन्य पत्ते भी कार्ड के समूहों में सम्मिलित किये गये हैं। प्यालियों पर आधारित पत्ते: ये भी, उपर्युक्त बांस के पत्तों के अनुरूप ही, विभिन्न स्वरूपों एवं माध्यमों में चित्रित किये गये उपर्युक्त 14 पत्तों कीे भांति ही हैं एवं प्रश्नों के अनुरूप परिणाम की सार्थकता को प्रकट करते हैं। तलवारों पर आधारित पत्ते: बांसों एवं प्यालियों के अनुरूप ये भी 14 पत्तों का एक समूह है। तश्तरियों पर आधारित पत्ते: इन पत्तों में तश्तरियों को विभिन्न कोणों एवं माध्यमों में व्यवस्थित किया गया है, जो विभिन्न अर्थ प्रदान करते हैं। टैरो कार्ड उपयोग विधि: जब कोई प्रश्नकत्र्ता किसी टैरो कार्डधारी विशेषज्ञ के पास अपनी समस्याओं के हल के लिए पहुंचता है, तो उसके अंतर्मन में, उन प्रश्नों को ले कर, एक कौतूहल एवं जिज्ञासा होती है, जिसे वह तुरंत शांत करना चाहता है। जब उसकी जिज्ञासा तीव्र होती है, उस समय विशेष में आकाश म ंे ग्रहा ंे की स्थिति जातक की मानसिक दशा स्थिति को प्रभावित करती है एवं उनसे उत्पन्न ऊर्जा तरंगें ;ब्वेउपब ॅंअमेद्धजातक द्वारा टैरो कार्ड के पत्तों के चुनाव को प्रभावित करती हैं एवं इस प्रकार प्रश्न समस्या समाधान को सार्थकता प्रदान करता है। अंतः इसका उपयोग, श्रद्धायुक्त जातक द्वारा, विश्वास को दृढ़ रख कर ही करना चाहिए। तब जब प्रश्नकत्र्ता, निश्छल हो कर एवं शुद्ध अंतकरण से, टैरो कार्ड के बिखरे समूह में से प्रथम पत्ते को निकालता है, तो उस समय विशेष में जातक जिस मानसिक उतार-चढ़ाव/अथवा उद्वेग-आवेग से गुजर रहा होता है, उसे प्रकट करता है; अर्थात् प्रश्नकत्र्ता द्वारा चुना गया पहला पत्ता जातक की वत्र्तमान मानसिक दशा स्थिति की विवेचना करता है। प्रश्नकत्र्ता यों ही प्रश्नों को मन में दोहराता हुआ जब दूसरे पत्ते को समूह से निकालता है, तो वह उसके प्रश्न समस्या समाधान की दिशा में आये उन संघर्षों एवं विपरीत परिस्थितियों में उसके खड़े रहने की प्रतिबद्धता को दृष्टिगोचर करता है; अर्थात् चुना गया दूसरा पत्ता उन संघर्षों का ज्ञान कराता है, जो प्रश्नकत्र्ता के मनोवांछित फल प्राप्ति की दिशा में उसके मार्ग में आ सकते हैं। तीसरा, या अंतिम पत्ता प्रश्नकत्र्ता के प्रश्न समस्या समाधान की तरफ संकेत करता है; अर्थात् तीसरा पत्ता पूछे गये प्रश्न जिज्ञासा समाधान, या फल के फलीभूत होने/न होने एवं परिणाम की तरफ एक संकेत प्रदान करता है। टैरो कार्ड के उपयोग से जातक अपने अंतर्मन की जिज्ञासाओं के निवारण के अतिरिक्त, अपने निकट एवं सुदूर भविष्य में होने वाली घटनाओं को संकेतों के रूप में समझ सकता है। ताश के पत्तों के समूह में से पत्ते को निकालने के भी विभिन्न तरीके प्रचलित हैं, जैसे 1-1 कर 10 पत्तों को निकालना, अथवा 5, या 3 पत्तों को समूह में से निकालना। इस प्रकार निकाले गये पत्तों में निहित संकेतों, जिन्हें भविष्य के संकेतों के रूप में भी देखा जा सकता है, को समझने के लिए टैरो विशेषज्ञों की सहायता ली जाती है एवं इनके अर्थ की विवेचना वे जातक के प्रश्नों, मानसिक स्थिति एवं समय विशेष के आधार पर करते हैं। टैरो कार्ड के 78 पत्तों में से 3 पत्त,े 1-1 कर, क्रमिक रूप में चुनने होते हैं और इनमें प्रत्येक पत्ते में एक अर्थ निहित होता है। यहां यह ध्यान देने योग्य बात है कि पत्ते निकालने के बाद वे यों ही समूह में दुबारा डाले जाएं, अथवा नहीं। इस बारे में टैरो विशेषज्ञों की भी अलग-अलग राय हैं। ‘टैरो कार्ड’ की युक्ति द्वारा भविष्य जानने की पद्धति को ‘लियो पाम’ के नवीन संस्करण में सम्मिलित किया गया हैं, जो ताश के पत्तांे पर आधारित है। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रश्न पद्धतियों को शामिल किया गया है, जिसमें कुछ ‘यंत्र’ पर, कुछ ‘पासों’ पर और कुछ ‘चार्ट’ पर आधारित हैं। Û साॅफ्टवेयर में टैरो कार्ड प्रयुक्ति: इस प्रयुक्ति में ताश के 78 पत्तों में से 3 पत्ते, 1 के बाद 1 चुनने होते हैं। इनमें से प्रत्येक पत्ते में एक अर्थ निहित होता है, जैसे वर्तमान मानसिक दशा स्थिति, मनोवांछित फल प्राप्ति के लिए संघर्ष एवं परिणाम। यहां दर्शित स्क्रीन द्वारा प्रयोक्ता स्क्रीन में सबसे नीचे स्थित बटन पर क्लिक करने पर 1 पत्ता प्रश्नकर्ता की मानसिक स्थिति का वर्णन करता है। दूसरी बार क्लिक करने पर प्रदर्शित दूसरा पत्ता उन संघर्षों का ज्ञान कराता है, जो प्रश्नकत्र्ता के मार्ग में आ सकते हैं। तीसरे क्लिक पर दर्शित पत्ता परिणाम को प्रदर्शित करता है। अगली बार बटन क्लिक करने पर प्रश्न का नया क्रम, ऊपर वर्णित विषयानुसार, नवीन उत्तर के साथ दोहराया जाता है। इन पत्तों पर आधारित फल जानने के लिए स्क्रीन पर 1 के बाद 1 बटन पर क्लिक कर निम्न स्क्रीन प्राप्त होता है, जिसमें ताश के पत्ते दर्शित होते हैं एवं नीचे उसका फल दर्शित होता है। अतः यह देखा जा सकता है कि समाधान की वैकल्पिक पद्धति भी उतनी ही कारगर एवं फल की तरफ संकेत प्रदान करने में उतनी ही सहायक सिद्ध हो सकती है, जितनी पारंपरिक पद्धतियां। परंतु ये प्रयोग सीमित उद्देश्यों एवं नज़दीकी भविष्य की तरफ संकेतों के रूप में ही देखे जाने चाहिएं एवं श्रद्धायुक्त जातक द्वारा ही उपयोग किये जाने चाहिएं; अन्यथा फल विपरीतार्थक भी मिल सकते हैं। लियो पाम साॅफ्टवेयर में ऊपर वणर््िात साधन उपलब्ध हैं एवं अन्यों का समावेश भी किया जा रहा है, जिनके उपयोग से जातक भली भांति लाभान्वित हो सकते हैं।


वशीकरण व सम्मोहन  आगस्त 2010

सम्मोहन परिचय, सम्मोहन व वशीकरण लाभ कैसे लें ? जड़ी बूटी के सम्मोहन कारक प्रयोग, षटकर्म साधन, दत्तात्रेय तंत्र में वशीकरण, तांत्रिक अभिकर्म से प्रतिरक्षण आदि विषयों की जानकारी के लिए आज ही पढ़ें वशीकरण व सम्मोहन विशेषांक। फलित विचार कॉलम में पढ़ें आचार्य किशोर द्वारा लिखित राजभंग योग नामक ज्ञानवर्धक लेख। इस विशेषांक की सत्यकथा विशेष रोचक है।

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