वास्तु एवं फेंगसुई के कुछ मुख्य उपाय

वास्तु एवं फेंगसुई के कुछ मुख्य उपाय  

- यदि तीन दरवाजे घर, या किसी वास्तु में एक कतार में हों, तो बीच के दरवाजे पर स्फटिक गोला टांग दें, दोष दूर हो जाएगा। - सुनहरी मछलियों वाला लघु मछली घर अपने घर में रखना सौभाग्य में वृ़द्ध करने का एक कारगार उपाय है। इसका उपयोग पूर्व या उत्तर में कर सकते हैं। - मधुर संबंधां के लिए प्रसन्नचित्त मुद्रा में संयुक्त परिवार का फोटो लगाएं। - घर में नमक मिले पानी से पोंछा लगाएं। यह जल घर में स्थित नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में सहायक सिद्ध होता है। - शौचालय में समुद्री नमक का कटोरा रखिए। यह गलत स्थान पर बने शौचालय का दोष भी दूर करेगा। - शिक्षा और ज्ञान के लिए उत्तर-पूर्व में ग्लोब रखिए और बच्चों के कमरे में महापुरूषों के चित्र लगाएं। - दक्षिण-पश्चिम में पानी रहित पर्वतों का चित्र बनाएं। - दक्षिण-पश्चिम में पे्रमी परिंदे लगाएं। - धन समृद्धि के लिए चीनी सिक्के जेब में रखें। धन के पेटी के ऊपर तीन भाग्यशाली सिक्के लगाएं। - घोडे़ की नाल भारत में अत्यधिक भाग्यशाली और सौभाग्यवर्द्धक मानी जाती है। अपने घर की सुरक्षा और सौभाग्य की वृद्धि के लिए इसे अपने घर के मुख्य द्वार के ऊपर दरवाजे के चैखट के बीच में लगाया जाता है। इसे भूलवश भी पूर्व और दक्षिण-पूर्व दिशा की ओर वाले दरवाजे पर इस्तेमाल न करें। इसे पश्चिम,उत्तर-पश्चिम और उत्तर की ओर वाले द्वार पर लगायें जो कि काफी लाभकारी होता है। घोडे़ की नाल हमेशा अंग्रेजी न् के अक्षर की भांति लगायें। - भवन के कमरे में रहने वाले बीम के दोष को कम करने के लिए बीम के दोनों ओर दो बांसुरी लाल रिबन में बांधकर 45 डिग्री के कोण में लगायें। - मुख्य द्वार के बाहर दोनों तरफ आरोग्य का प्रतीक पवित्र तुलसी का पौधा रखना चाहिए क्योंकि प्रवेश द्वार ही घर का वह भाग है जहां से अच्छी बुरी ऊर्जा प्रवेश करती है। प्रवेश द्वार के दोनों ओर पौधे रखने से आगन्तुक आकर्षित होते हैं। साथ ही वहां रहने वालों के धन वैभव में वृद्धि होती है। - संपत्ति तथा सफलता के लिए रत्नों का पौधा अपनी बैठक कक्ष के उत्तर-पूर्व मंे रखें। प्रसिद्धि एवं स्थायित्व के लिए घर के दक्षिण क्षेत्र में लाल रंग का उपयोग करें एवं उसे लाल रंग की वस्तुओं से सजायं। - भगवान श्री कृष्ण का चित्र वास्तुदोष को दूर कर खुशहाली लाता है। श्री कृष्ण के साथ राधा जी के बगीचे में बांसुरी बजाते हुए चित्र जिनमं पीछे मोर भी दिखाई दे रहा हो, पति पत्नी के अच्छे संबंधां को दर्शाता है। साथ ही कृष्ण भगवान के मुकुट पर लगा मोर पंख खुशहाली का प्रतीक है। - मुख्य द्वार पर कोई अवरोध जैसे खंभा, पेड़, आदि हो तो दोष निवारण हेतु पाकुआ दर्पण लगायें। - विवादों या मुकदमों से संबंधित कागजात कभी भी आग्नेय दिशा में न रखंे। ये कागजात ईशान या उत्तर वायव्य में रखे। - दीवार घड़ी उत्तर या पूर्व में लगायें। - घरां में यदि चोरी होने की समस्या हो तो मंगल यंत्र की स्थापना करनी चाहिए। यदि घर में दंगे फसाद और उपद्रव हो रहे हां तो भयकीलक यंत्र की स्थापना करें।


पराविद्या विशेषांक  जून 2013

फ्यूचर समाचार पत्रिका के पराविद्या विशेषांक में शनि जयंती, विवाह, विवाह में विलंब के कारण व निवारण, कुंडली में पंचमहापुरूष योग एवं रत्न चयन, तबादला एक ज्योतिषीय विश्लेषण, शुक्र की दशा का फल, शनि चंद्र का विष योग, उंगली और उंगलियों के दूरी का फल, दक्षिणावर्ती शंख, बृहस्पति का प्रिय केसर, दाह संस्कार-अंतिम संस्कार, परवेज मुशर्रफ के सितारे गर्दीश में, चांद ने डुबोया टाइटेनिक को, अंक ज्योतिष के रहस्य, विभिन्न भावों में मंगल का फल, स्वर्गीय जगदंबा प्रसाद की जीवन कथा, महोत्कट विनायक की पौराणिक कथा के अतिरिक्त, काल सर्प दोष से मुक्ति के लिए लाल किताब के अचुक उपाय, वास्तु प्रश्नोत्तरी, यंत्र समीक्षा/मंत्र ज्ञान, हेल्थ कैप्सुल, प्राकृतिक ऊर्जा संतुलन, विवादित वास्तु, विशिष्ट महत्व है काशी के काल भैरव का तथा हस्तरेखा द्वारा जन्मकुंडली निर्माण की विधियों पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई है।

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