सीताराम त्रिपाठी


कन्या का विवाह कहां होगा

नवेम्बर 2006

व्यूस: 57370

माता-पिता अपनी कन्या का विवाह करने के लिए वर की कुंडली का गुण मिलान करते है। कन्या के भविष्य के प्रति चिंतित माता-पिता का यह कदम उचित हिया। किन्तु इसके पूर्व उन्हें यह देखना चाहिए। की लडकी का विवाह किस उम्र में, किस दिशा में तथा क... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय विश्लेषणविवाहभविष्यवाणी तकनीक

आर्थिक उन्नति कारक दक्षिणावर्ती शंख

आगस्त 2009

व्यूस: 28710

दक्षिणावर्ती शंख का अपने चमत्कारी गुणों क कारण अपना विशेष महत्व है. यह शंख विदेश दुर्लभ तथा सर्वाधिक मूल्यवान होता है. असली दक्षिणावर्ती शंख कों प्राण प्रतिष्ठित कर के उद्दोग – व्यवसाय स्थल, कार्यालय, दुकान अथवा घर में स्थापित कर ... और पढ़ें

ज्योतिषउपायमंत्र

दक्षिणावर्ती शंख

जून 2013

व्यूस: 21352

दक्षिणावर्ती शंख जिसके घर में रहता है वहां सब मंगल होते हैं। लक्ष्मी स्वयं स्थिर होकर निवास करती है। जिस घर में उत्तम दक्षिणावर्ती शंख की पूजा होती है वह सौभाग्यशाली तथा धनपति बन जाता है क्योंकि चंद्रमा के अमृत मंडल से संचित समुद्... और पढ़ें

उपायअध्यात्म, धर्म आदिविविध

शंख रसायन विज्ञान

दिसम्बर 2014

व्यूस: 19688

यूनानी ग्रन्थों के अनुसार वहां के निवासी शंख में पारा भरकर अग्नि में तपाकर सोना-चांदी बनाने में दक्ष थे। धातु रूपान्तर उनके लिए सहज कार्य था। उन्होने शंख में पारे की बनी भस्म को सिद्धसूत नाम दिया और ऐसे भस्मों को चमत्कारिक ... और पढ़ें

अन्य पराविद्याएंविविध

मानव का आभामंडल एवं उर्जा विज्ञान का रहस्य

अप्रैल 2011

व्यूस: 10677

आभामंडल मानव जीवन का आधार है। आभामंडल से तात्पर्य प्रकाश का घेरा जिसमें सूर्य के समान सप्तरंगों में ऊर्जा निकलती रहती है। जिस प्रकार चुंबक लोहे को अपनी ओर आकर्षित कर लेती है उसी प्रकार मनुष्य भी अपनी अलौकिक चमत्कारी शक्ति आभा मंडल... और पढ़ें

उपाय

त्रिकालद्रष्टा भृगु ऋषि और भृगु संहिता का सच

जनवरी 2008

व्यूस: 8290

भारतीय ऋषि भृगु की ख्याति एक ऐसे कालातीत भविष्यवक्ता के रूप में है जो भूत, भविष्य और वर्तमान पर समान दृष्टि रखते थे। वह समय की मोटी दीवार के आर-पार ऐसे देख सकते थे जैसे किसी पारदर्षी कांच में से देख रहे हांे। भृगु संहिता को भारत... और पढ़ें

उपायअध्यात्म, धर्म आदि

हिमालय की संतानोत्पादक जड़ी बूटियां

सितम्बर 2014

व्यूस: 8236

प्राचीन भारतीय ऋषि-महर्षियों को जड़ी-बूटियों का पूर्ण ज्ञान था। यह दुर्लभ विद्या समुद्र मंथन के समय धन्वन्तरी के साथ पैदा हुई। ये वनस्पतियां रोग मुक्ति तो करती हैं ही, इनका विधि-विधान से प्रयोग करें तो तांत्रिक लाभ भी चमत्कारी ... और पढ़ें

ज्योतिषउपायबाल-बच्चेभविष्यवाणी तकनीक

पितृ मोक्षधाम का महातीर्थ ब्रह्मकपाल

जुलाई 2013

व्यूस: 4435

वैदिक परंपरा के अनुसार पुत्र, पुत्रत्व तभी सार्थक होता है जब पुत्र अपने माता-पिता की सेवा करे व उनके मरणोपरांत उनकी मृत्यु तिथि व पितृपक्ष में विधिवत श्राद्ध करें। भारतीय वैदिक आदि सनातन हिंदू धर्म में मानव के जन्म मात्र से ही तीन... और पढ़ें

स्थानउपायअध्यात्म, धर्म आदिमन्दिर एवं तीर्थ स्थल

मोती शंख से हृदय रोग का ईलाज

मई 2014

व्यूस: 4114

शंख थैरेपी में हृदय रोगियों के लिए ब्लडप्रेशर, हार्टअटैक आदि का ईलाज मोती शंख द्वारा किया जा सकेगा जिसमें साईड इफेक्ट का कोई खतरा नहीं है। यह पद्धति पूर्ण रूप से वैकल्पिक चिकित्सा होते हुए भी वैज्ञानिक सिद्धांतों पर ... और पढ़ें

स्वास्थ्यउपायविविध

कन्या का विवाह कहां होगा?

नवेम्बर 2006

व्यूस: 536

माता-पिता अपनी कन्या का विवाह करने के लिए वर की कुंडली का गुण मिलान करते हैं। कन्या के भविष्य के प्रति चिंतित माता-पिता का यह कदम उचित है। किंतु, इसके पूर्व उन्हें यह देखना चाहिए कि लड़की का विवाह किस उम्र में, किस दिशा में ... और पढ़ें

ज्योतिषविवाहभविष्यवाणी तकनीक

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