ग्रह स्थिति एवं व्यापार

ग्रह स्थिति एवं व्यापार  

व्यूस : 2516 | जुलाई 2015

गोचर फल विचार मासारंभ में देव गुरु बृहस्पति और शुक्र का कर्क राशि से राशि संबंध होगा। इस माह देश में आंतरिक कलह, अशांति का माहौल बनाएगा और सांप्रदायिक उपद्रवी ताकतों को बढ़ावा देगा। राजनैतिक गतिविधियों को सरगर्म रखेगा। जुलाई मास में पांच बृहस्पतिवार और पांच ही शुक्रवार होने से महंगाई और जनसंख्या में विशेष वृद्धि का योग बनेगा।

5 जुलाई को शुक्र का सिंह राशि में प्रवेश करना और शनि की दृष्टि में आना दैनिक उपयोगी वस्तुओं के उत्पादन में कमी लाकर महंगाई में वृद्धि का कारक बनेगा।

14 जुलाई को गुरु ग्रह का भी सिंह राशि में प्रवेश कर पुनः शुक्र से राशि संबंध बनाकर वक्री शनि से दृष्टिगत होना जनता के मनों में प्रशासन के प्रति रोग की भावना को बढ़ाकर आन्दोलन का रूप ले लेगा। इस योग का होना इस्लामिक देशों में भी उपद्रव और हिंसक घटनाओं का सूचक है। इस मास में प्राकृतिक आपदाओं के कारण जनमानस में भय ग्रह स्थिति एवं व्यापार पं. दिव्यदीप गौड़ मासारंभ में सूर्य मिथुन में, चंद्रमा धनु में, मंगल मिथुन में, बुध वृष में, गुरु कर्क में, शुक्र कर्क में, शनि वृश्चिक में प्लूटो धनु में, यूरेनस मीन में और नेप्च्यून कुंभ राशि में स्थित होंगे। का माहौल होगा तथा उत्तरी भारत में अच्छी वर्षा का योग बन रहा है।

गोचर ग्रह परिवर्तन व नक्षत्र वेध 5 जुलाई को बुध मिथुन राशि में आकर सूर्य के साथ राशि संबंध बनाएगा तथा इसी दिन शुक्र मघा नक्षत्र पर आकर सर्वतोभद्रचक्र द्वारा भरणी नक्षत्र को वेधेगा।

6 जुलाई को सूर्य पुनर्वसु नक्षत्र पर आकर मूल, उ. फा., पू. भा. नक्षत्रों को वेधेगा।

13 जुलाई को बुध ग्रह अस्त होगा।

14 जुलाई को गुरु ग्रह भी मघा नक्षत्र सिंह राशि में प्रवेश कर भरणी नक्षत्र का वेध करेगा।

15 जुलाई को मंगल पुनर्वसु नक्षत्र पर प्रवेश कर मूल नक्षत्र तथा दक्षिण वेध से पू. भा. नक्षत्र का वेध करेगा।

16 जुलाई को बुध पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश कर मूल नक्षत्र तथा दक्षिण वेध से पू. भा. नक्षत्र का वेध करेगा।

16 जुलाई को बुध पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश कर मूल नक्षत्र को वेधेगा।


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सूर्य ग्रह 17 जुलाई को कर्क राशि में प्रवेश करेगा तथा श्रावण संक्रांति 30 मुहूर्ती में होगी।

18 जुलाई को चंद्र दर्शन शनिवार के दिन 30 मुहूर्ती में होगा।

20 जुलाई को सूर्य पुष्य नक्षत्र में प्रवेश कर ज्येष्ठा, पू. फातथा शतभिषा नक्षत्रों को वेधेगा।

22 जुलाई को बुध पुष्य नक्षत्र में आकर ज्येष्ठा नक्षत्र को वेधेगा। 25 जुलाई को राहु उ. फा. नक्षत्र में प्रवेश कर रेवती नक्षत्र को वेधेगा।

28 जुलाई को बुध ग्रह अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश कर अनुराधा नक्षत्र को वेधेगा।

30 जुलाई को मंगल कर्क राशि में आकर सूर्य व बुध से राशि संबंध बनाएगा। सोना व चांदी मासारंभ में बाजारों में उतार-चढ़ाव का माहौल रहेगा।

5 जुलाई को सोना व चांदी के बाजारों में तेजी का योग दर्शाता है।

6 जुलाई को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद मंदी का रूख ही बनाएगा।

12 जुलाई को बाजारों में तेजी की लहर को पुनः चलाएगा।

13 जुलाई को सोने में तेजी का वातावरण ही लाएगा।

14 जुलाई को बाजारों में पुनः मंदी का माहौल बना देगा।

16 जुलाई को बाजारों में मंदी का रूख ही बनाएगा।

18 जुलाई को बाजारों में तेजी का योग ही दर्शाता है।

20 जुलाई को पूर्व रूख को बरकरार रखने में सहायक होगा।

22 जुलाई को बाजारों में मंदी का माहौल बनाएगा।

25 जुलाई को सोना व चांदी के बाजारों में तेजी का वातावरण ही बनाएगा।

28 जुलाई को बाजारों में पूर्वरूख ही लाएगा।

30 जुलाई को बाजारों में तेजी का रूझान बना देगा। गुड़ एवं खांड मासारंभ में गुड़ व खांड के बाजारों में उतार-चढ़ाव के साथ तेजी का रूख रहेगा।

5 जुलाई को बाजारों में तेजी का वातावरण बनाएगा।

6 जुलाई को बाजारों में तेजी का रूझान ही बनाएगा।

9 जुलाई को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद मंदी का योग दर्शाता है।

12 जुलाई को बाजारों में पुनः तेजी की लहर को चलाएगा।

14 जुलाई को बाजारों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव दर्शाता है।

16 जुलाई को बाजारों में मंदी का ही दायक होगा।

18 जुलाई को बाजार में पूर्वरूख को ही बनाएगा।


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20 जुलाई को बाजारों में तेजी का ही रूझान बनाएगा।

22 जुलाई को बाजारों में पूर्व रूख को बनाए रखने में सहायक होगा।

25 जुलाई को बाजारों में तेजी का वातावरण ही दर्शाता है।

28 जुलाई को बाजारों में तेजी में वृद्धि ही लाएगा।

30 जुलाई को बाजारों में आगे तेजी ही दर्शाता है।

दलहन मासारंभ में बाजरा, जौ, चना, गेहूं, ज्वार, बाजरा इत्यादि अनाजों तथा मूंग, मौठ, मसूर, अरहर, इत्यादि दलहन के बाजारों में उतार-चढ़ाव के साथ तेजी का रूझान बनाएगा।

5 जुलाई को बाजारों में तेजी का योग ही बनाएगा।

6 जुलाई को बाजारों में पुनः तेजी का वातावरण ही दर्शाता है।

9 जुलाई को बाजारों में मंदी का ही रूझान ही बनाएगा।

12 जुलाई को बाजारों में तेजी की लहर को चलाएगा।

14 जुलाई को बाजारों में पूर्वरूख को बनाएगा। 16 जुलाई को बाजारों में मंदी ही दर्शाता है।

18 जुलाई को बाजारों में तेजी का रूझान ही बनाए रखेगा।

20 जुलाई को बाजारों में पूर्वरूख ही लाएगा।

22 जुलाई को गेहूं, जौ, चना, ज्वार, बाजरा इत्यादि अनाजवान तथा मूंग, मसूर, मौठ, अरहर आदि अनाजवानांे में तेजी का वातावरण ही दर्शाता है।

25 जुलाई को बाजारों में तेजी का रूख ही आगे दर्शाता है।

28 जुलाई को बाजारों में पुनः तेजी का योग ही बनाएगा।

30 जुलाई को बाजारों में आगे तेजी की लहर को ही चलाए रखने में सहायक होगा। घी व तेलवान मासारंभ में उतार-चढ़ाव के साथ बाजारों में तेजी का माहौल ही बनाएगा।

5 जुलाई को बाजारों में तेजी की लहर को ही चलाएगा।

6 जुलाई को घी व तेलवानों के बाजार में तेजी का रूझान ही बनाएगा।

9 जुलाई को बाजारों में उतार-चढ़ाव का योग ही दर्शाता है।

12 जुलाई को बाजारों में पुनः तेजी ही लाएगा।

14 जुलाई को बाजारों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव का योग बनाएगा।

16 जुलाई को बाजारों में मंदी का माहौल बनाएगा।

18 जुलाई को बाजारों में उतार-चढ़ाव ही बनाएगा।

20 जुलाई को बाजारों में तेजी का रूख ही बनाएगा।

22 जुलाई को बाजारों में पुनः मंदी का माहौल बनाएगा।

25 जुलाई को बाजारों में तेजी की लहर को चलाएगा।

28 जुलाई को बाजारों में पूर्वरूख ही दर्शाता है। 30 जुलाई को आगे बाजारों में तेजी का योग ही बनाएगा।


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मंगल दोष विशेषांक  जुलाई 2015

फ्यूचर समाचार के इस विशेषांक में मंगल दोष की विस्तृत चर्चा की गई है। कुण्डली में यदि लग्न, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम भाव एवं द्वादश भाव में यदि मंगल हो तो ऐसे जातक को मंगलीक कहा जाता है। विवाह एक ऐसी पवित्र संस्था जिसके द्वारा पुरुष एवं स्त्री को एक साथ रहने की सामाजिक मान्यता प्राप्त होती है ताकि सृष्टि की निरन्तरता बनी रहे तथा दोनों मिलकर पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्व का निर्वहन कर सकें। विवाह सुखी एवं सफल हो इसके लिए हमारे देश में वर एवं कन्या के कुण्डली मिलान की प्रथा रही है। कुण्डली मिलान में वर अथवा कन्या में से किसी एक को मंगल दोष नहीं होना चाहिए। यदि दोनों को दोष हैं तो अधिकांश परिस्थितियों में विवाह को मान्यता प्रदान की गई है। इस विशेषांक में मंगल दोष से जुड़ी हर सम्भव पहलू पर चर्चा की गई है। इसके अतिरिक्त स्थायी स्तम्भ में भी विभिन्न विषयों को समाविष्ट कर अच्छी सामग्री देने की कोशिश की गई है।

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