ग्रह स्थिति एवं व्यापार

ग्रह स्थिति एवं व्यापार  

गोचर फल विचार मासारंभ में कन्या राशि में सूर्य, बुध और राहु का राशि संबंध बनाना देश में सामाजिक और सांप्रदायिक मुद्दांे के उठने तथा किसी राज्य विशेष में सत्ता परिवर्तन का योग बनाता है और सरकार को नए-नए वाद-विवादों में उलझाए रखेगा। यह योग किसी प्रमुख राजनीतिज्ञ के लिए विशेष कष्टकारी रहेगा। देव गुरु बृहस्पति और दैत्य गुरु शुक्र का परस्पर राशि संबंध बनाकर मंगल से भी युक्त होना तथा शनि से दृष्टिगत होना यह योग उत्तरी पड़ोसी देशांे में भी सांप्रदायिक तनाव ही बढ़ाएगा और सीमाओं पर भी युद्धमय बादलों की काली घटाओं को लाएगा। देश में भी आतंकवादी गतिविधियों में तेजी का दौर लाकर जनमानस में भय का माहौल रखेगा। मंगल और शनि का परस्पर दृष्टि संबंध होना प्राकृतिक प्रकोपों से जन-धन हानि का योग बनाता है। यह योग बेमौसमी वर्षा से खड़ी फसलों के लिए भी हानिकारक रहेगा। इस मास में जन साधारण में चोरी, लूट-पाट और असामाजिक तत्वों के बढ़ने से अशांतमय माहौल बनाएगा। गोचर ग्रह परिवर्तन व नक्षत्र वेध 1 अक्तूबर को शुक्र सिंह राशि में आकर मंगल व गुरु से राशि संबंध बनाएगा। 3 अक्तूबर को बुध उ. फानक्षत्र में आकर सर्वतोभद्रचक्र द्वारा रेवती नक्षत्र को वेधेगा। 6 अक्तूबर को मंगल पू. फा. नक्षत्र में आकर गुरु से नक्षत्र संबंध बनाएगा तथा दक्षिण वेध से पुष्य नक्षत्र को वेधेगा। 7 अक्तूबर को वक्री बुध पूर्व में उदय होगा तथा 9 अक्तूबर को मार्गी गति में आएगा। 11 अक्तूबर को सूर्य चित्रा नक्षत्र में आकर पू. भानक्षत्र को वेधेगा। 14 अक्तूबर को चंद्र दर्शन बुधवार के दिन 15 मुहूर्ती में होगा। 15 अक्तूबर को बुध हस्त नक्षत्र में आकर उ. भा. नक्षत्र को वेधेगा। 17 अक्तूबर को सूर्य तुला राशि में आएगा तथा कार्तिक संक्रांति 15 मुहूर्ती में होगी। इसी दिन गुरु ग्रह पू. फा. नक्षत्र के तृतीय चरण में प्रवेश करेगा तथा शुक्र ग्रह पूफा. नक्षत्र में प्रवेश कर अश्विनी नक्षत्र को वेधेगा। 24 अक्तूबर को सूर्य स्वाति नक्षत्र में आकर शतभिषा नक्षत्र को वेधेगा। 25 अक्तूबर को बुध चित्रा नक्षत्र में आकर पू. भाको वेधेगा। 27 अक्तूबर को बुध ग्रह अस्त होगा। 28 अक्तूबर को मंगल उ. फा. नक्षत्र में आकर राहु से नक्षत्र संबंध बनाएगा तथा दक्षिण वेध से पुनर्वसु नक्षत्र को वेधेगा। 29 अक्तूबर को बुध तुला राशि में आकर सूर्य के साथ नक्षत्र संबंध बनाएगा। 30 अक्तूबर को शुक्र उ. फा. में आकर रेवती नक्षत्र को वेधेगा। 31 अक्तूबर को शनि अनुराधा नक्षत्र के तृतीय चरण में प्रवेश करेगा। सोना व चांदी 1 अक्तूबर को सोना व चांदी के बाजारांे में तेजी की लहर को चलाएगा। 3 अक्तूबर को चांदी के बाजार में उतार-चढ़ाव का योग विशेषतया दर्शाता है। 6 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का वातावरण ही बनाएगा। 7 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का रूख ही बनाएगा। 9 अक्तूबर को सोने के बाजारों में तेजी तथा चांदी के बाजारों में उतार-चढ़ाव का माहौल ही बनाएगा। 11 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का रूख बनाएगा। 14 अक्तूबर को बाजारों में पूर्वरूख का योग ही दर्शाता है। 15 अक्तूबर को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद तेजी का रूझान ही बनाएगा। 17 अक्तूबर को बाजारों में मंदी का माहौल ही बनाएगा। 24 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का वातावरण बनाएगा। 25 अक्तूबर को पूर्वरूख ही बाजारों में लाएगा। 27 अक्तूबर को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद तेजी की लहर को ही आगे चलाएगा। 29 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का रूझान ही बनाएगा। 30 अक्तूबर को बाजारों में आगे तेजी का योग ही दर्शाता है। गुड़ एवं खांड 3 अक्तूबर को गुड़ व खांड के बाजार में अधिक उतार-चढ़ाव के बाद आगे तेजी का वातावरण ही बनाएगा। 6 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का योग ही दर्शाता है। 7 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का माहौल ही बनाएगा। 9 अक्तूबर को बाजारों में कुछ मंदी का रूख ही बनाएगा। 11 अक्तूबर को बाजारों में पूर्वरूख का योग दर्शाता है। 14 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का रूझान ही बनाएगा। 15 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का योग ही दर्शाता है। 17 अक्तूबर को गुड़ व खांड़ के बाजारों में अधिक उतार-चढ़ाव का वातावरण ही बनाएगा। 24 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का ही दायक बनाएगा। 25 अक्तूबर को भी बाजारों में आगे तेजी की लहर को ही चलाएगा। 28 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का रूख ही दर्शाता है। 29 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का माहौल बना देगा। 30 अक्तूबर को गुड़ व खांड़ के बाजारों में आगे तेजी का रूझान ही बनाएगा। 15 अक्तूबर को बाजारों में तेजी की लहर को ही आगे चलाएगा। 17 अक्तूबर को घी व तेलवान के बाजारों में उतार-चढ़ाव की स्थिति को ही बनाए रखने में सहायक होगा। 24 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का रूझान ही बनाएगा। 25 अक्तूबर को बाजारों में पूर्वरूख ही बनाएगा। 27 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का वातावरण ही दर्शाता है। 28 अक्तूबर से बाजारों में आगे तेजी की लहर को ही चलाएगा। अनाजवान व दलहन मासारंभ में 1 अक्तूबर को गेहूं, जौ, चना, ज्वार, बाजरा इत्यादि अनाजों तथा मूंग, मौठ, मसूर, अरहर इत्यादि दलहन के बाजारों में तेजी का वातावरण ही बनाएगा। 3 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का माहौल ही बनाएगा। 6 अक्तूबर को बाजारों में मंदी का योग ही दर्शाता है। 7 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का रूख ही बनाएगा। 11 अक्तूबर को बाजारों में उतार-चढ़ाव की स्थिति ही बनाएगा। 14 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का रूझान ही बनाएगा। 15 अक्तूबर को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद तेजी की स्थिति को ही बनाएगा। 17 अक्तूबर को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद मंदी का रूझान ही बनाएगा। 24 अक्तूबर को बाजारों में तेजी की लहर को ही चलाएगा। 25 अक्तूबर को अनाजवानों और दलहन के बाजारों में पूर्वरूख ही बनाएगा। 28 अक्तूबर को बाजारों में मंदी का माहौल ही दर्शाता है। 29 और 30 अक्तूबर को गेहूं, जौ, चना, ज्वार, बाजरा, इत्यादि अनाजांे तथा मूंग, मौठ, मसूर, अरहर इत्यादि दलहन के बाजारों में आगे तेजी का योग ही दर्शाता है। घी व तेलवान मासारंभ में 1 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का योग ही दर्शाता है। 3 अक्तूबर को घी व तेलवान के बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद तेजी का रूझान ही आगे बनाएगा। 6 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का वातावरण ही बनाएगा। 8 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का माहौल ही बनाएगा। 9 अक्तूबर को बाजारों में कुछ मंदी का रूख ही बनाएगा। 14 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का दायक ही होगा। 15 अक्तूबर को बाजारों में तेजी की लहर को ही आगे चलाएगा। 17 अक्तूबर को घी व तेलवान के बाजारों में उतार-चढ़ाव की स्थिति को ही बनाए रखने में सहायक होगा। 24 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का रूझान ही बनाएगा। 25 अक्तूबर को बाजारों में पूर्वरूख ही बनाएगा। 27 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का वातावरण ही दर्शाता है। 28 अक्तूबर से बाजारों में आगे तेजी की लहर को ही चलाएगा। नोट: उपर्युक्त फलादेश पूरी तरह ग्रह स्थिति पर आधारित है, पाठकों का बेहतर मार्ग दर्शन ही इसका मुख्य उद्देश्य है। इसके साथ-साथ संभावित कारणों पर भी ध्यान देना चाहिए जो बाजार को प्रभावित करते हैं। कृपया याद रखें कि व्यापारी की सट्टे की प्रवृत्ति और निर्णय लेने की शक्ति में कमी तथा भाग्यहीनता के कारण होने वाले नुकसान के लिए लेखक, संपादक एवं प्रकाशक जिम्मेदार नहीं हैं।


नवरात्र एवं दीपावली विशेषांक  अकतूबर 2015

फ्यूचर समाचार का यह विशेषांक देवी दुर्गा एवं धन की देवी लक्ष्मी को समर्पित है। वर्तमान भौतिकवादी युग में धन की महत्ता सर्वोपरि है। प्रत्येक व्यक्ति की इच्छा अधिक से अधिक धन अर्जिक करने की होती है ताकि वह खुशहाल, समृद्ध एवं विलासिता पूर्ण जीवन व्यतीत कर सके। हालांकि ईश्वर ने हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग अनुपात में खुशी एवं धन निश्चित कर रखे हैं, किन्तु मनोनुकूल सम्पन्नता के प्रयास भी आवश्यक है। इस विशेषांक में अनेक उत्कृष्ट आलेखों का समावेश किया गया है जो आम लोगों को देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त कर सम्पन्नता अर्जित करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। इन आलेखों में से कुछ महत्वपूर्ण आलेख इस प्रकार हैं- मां दुर्गा के विभिन्न रूप, दीपक और दीपोत्सव का पौराणिक महत्व एवं इतिहास, दीपावली का पूजन कब और कैसे करें, दीपावली के दिन किये जाने वाले धनदायक उपाय, तन्त्र साधना एक विवेचन आदि इन आलेखों के अतिरिक्त कुछ दूसरे स्थायी स्तम्भों के आलेख में समाविष्ट किये गये हैं।

सब्सक्राइब

अपने विचार व्यक्त करें

blog comments powered by Disqus
.