ग्रह स्थिति एवं व्यापार

ग्रह स्थिति एवं व्यापार  

गोचर फल विचार मासारंभ में उच्चस्थ गुरु पर शनि की दृष्टि का बना रहना तथा सूर्य का राहु से द्विद्र्वादश योग में होना शासकीय फेरबदल और शासन व सत्ता के प्रति जनता में आक्रोश को बढ़ावा देगा। प्रशासन के लिए नई-नई समस्याएं लाएगा। प्राकृतिक आपदाओं भूकंप इत्यादि, जन-धन की हानि का संकेत देता है। शासक वर्ग द्वारा बढ़ती हुई महंगाई को काबू करने के लिए विशेष यत्न किए जाएंगे। राजनीतिज्ञों के लिए पूर्णतया संघर्ष का समय रहेगा। सीमाओं पर सैन्य गतिविधियों को बढ़ाकर युद्ध मय बादलों की काली घटाएं लाएगा। सूर्य का राहु के साथ राशि संबंध बनना तथा बुध का तुला राशि में शनि के साथ संबंध बनना मुस्लिम देशों में परस्पर वैर विरोध को बढ़ावा देगा। सोना व चांदी मासारंभ में 3 सितंबर को गुरु ग्रह अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश करेगा तथा गुरु पर शनि की दृष्टि का भी रहना बाजारों में तेजी का वातावरण बनाएगा। 4 सितंबर को मंगल का वृश्चिक राशि में आ जाना तथा इसी दिन बुध का हस्त नक्षत्र मंे आकर सर्वतोभद्र चक्र द्वारा उ. भाद्रपद नक्षत्र को वेधना बाजारों में तेजी की लहर लाएगा। 9 सितंबर को मंगल का अनुराधा नक्षत्र में आकर अश्लेषा नक्षत्र को वेधना सोने में मंदी का योग बना देगा चांदी में पूर्ववत् रूख बनाए रखेगा। 11 सितंबर को शुक्र का पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में आकर अश्विनी नक्षत्र को वेधना बाजारों में उतार-चढ़ाव का माहौल बना देगा। 13 सितंबर को सूर्य का उ. फाल्गुनी में आकर पुनर्वसु, उ. षाढ़ा व रेवती नक्षत्रों को वेधना बाजारों में मंदी का रूख दर्शाता है। इसी दिन राहु का चित्रा नक्षत्र के प्रथम चरण व केतु का रेवती नक्षत्र के तृतीय चरण में प्रवेश मंदी का वातावरण बनाएगा। 14 सितंबर को बुध का चित्रा नक्षत्र मंे प्रवेश कर पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र को वेधना तथा राहु से नक्षत्र संबंध बनाना सोने में उतार-चढ़ाव तथा चांदी में तेजी का रूख बनाएगा। 17 सितंबर को सूर्य का कन्या राशि में प्रवेश करना अश्विन संक्रांति का 15 मुहूर्ती में होना बाजारों में तेजी की लहर चला देगा। 20 सितंबर को बुध का तुला राशि में आकर शनि के साथ राशि संबंध बनाना उतार-चढ़ाव के बाद तेजी का रूझान बनाए रखेगा। 22 सितंबर को शुक्र का उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में आकर रेवती नक्षत्र को वेधना बाजार में अधिक उतार-चढ़ाव का रूख बनाएगा। 26 सितंबर को सोमवार के दिन चंद्र दर्शन का 30 मुहूर्ती में होना सोने में तो तेजी का वातावरण बनाएगा लेकिन चांदी में मंदी का रूख दर्शाता है। 27 सितंबर को सूर्य का हस्त नक्षत्र में आकर आद्र्रा, पूर्वाषाढ़ा तथा उ. भाद्रपद नक्षत्रों को वेधना बाजारों में पूर्व रूख को बरकरार रखेगा। 29 सितंबर को बुध का स्वाति नक्षत्र में आकर शतभिषा नक्षत्र को वेधना तथा मंगल का ज्येष्ठा नक्षत्र मंे आकर पुष्य नक्षत्र को वेधना बाजारों में मंदी का वातावरण दर्शाता है। गुड़ व खांड मासारंभ में 3 सितंबर को गुरु ग्रह अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश करेगा तथा गुरु पर शनि की दृष्टि का भी रहना बाजारों में तेजी का वातावरण लाएगा। 4 सितंबर को मंगल का वृश्चिक राशि में आ जाना तथा इसी दिन बुध का हस्त नक्षत्र में आकर सर्वतोभद्र चक्र द्वारा उ. भाद्रपद नक्षत्र को वेधना बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद तेजी का माहौल बनाएगा। 9 सितंबर को मंगल का अनुराधा नक्षत्र में आकर अश्लेषा नक्षत्र को वेधना बाजारों में तेजी के बाद मंदी का रूझान बना देगा। 11 सितंबर को शुक्र का पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में आकर अश्विनी नक्षत्र को वेधना बाजारों में मंदी का माहौल बनाएगा। 13 सितंबर को सूर्य का उ. फाल्गुनी में आकर पुनर्वसु, उत्तराषाढ़ा व रेवती नक्षत्रों को वेधना बाजारों में पूर्वरूख को बनाएगा। 14 सितंबर को बुध का चित्रा नक्षत्र में प्रवेश कर पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र को वेधना तथा राहु से नक्षत्र संबंध बनाना उतार-चढ़ाव का वातावरण लाएगा। 17 सितंबर को सूर्य का कन्या राशि में प्रवेश करना तथा अश्विन संक्रांति का 15 मुहूर्ती में होना बाजारों में तेजी की लहर दौड़ाएगा। 20 सितंबर को बुध का तुला राशि में आकर शनि के साथ राशि संबंध बनाना बाजार में मंदी के बाद तेजी का माहौल बनाएगा। 22 सितंबर को शुक्र का उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में आकर रेवती नक्षत्र को वेधना बाजार में विशेषतया अधिक उतार-चढ़ाव की स्थिति का कारक बनेगा। 26 सितंबर को सोमवार के दिन चंद्र दर्शन का 30 मुहूर्ती में होना गुड़ में मंदी का माहौल बनाएगा। 27 सितंबर को सूर्य का हस्त नक्षत्र में आकर आद्र्रा, पूर्वाषाढ़ा तथा उत्तरा भाद्रपद नक्षत्रों को वेधना बाजारों में तेजी का रूझान बनाएगा। 29 सितंबर को बुध का स्वाति नक्षत्र में आकर शतभिषा नक्षत्र को वेधना तथा मंगल का ज्येष्ठा नक्षत्र में आकर पुष्य नक्षत्र को वेधना बाजार में गुड़ की स्थिति में मंदी तथा खांड़ में पूर्वरूख को बनाए रखेगा। अनाजवान व दलहन मासारंभ में 3 सितंबर को गुरु ग्रह अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश करेगा तथा गुरु पर शनि की दृष्टि का भी रहना बाजारों में तेजी की लहर चला देगा। 4 सितंबर को मंगल का वृश्चिक राशि में आ जाना तथा इसी दिन बुध का हस्त नक्षत्र में आकर सर्वतोभद्र चक्र द्वारा उ. भाद्रपद नक्षत्र को वेधना बाजारों में तेजी का माहौल बनाएगा। 9 सितंबर को मंगल का अनुराधा नक्षत्र में आकर अश्लेषा नक्षत्र को वेधना बाजारों में उतार-चढ़ाव का वातावरण बनाएगा। 11 सितंबर को शुक्र का पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में आकर अश्विनी नक्षत्र को वेधना बाजारों में मंदी की स्थिति बनाएगा। 13 सितंबर को सूर्य का उ. फाल्गुनी में आकर पुनर्वसु, उत्तराषाढ़ा व रेवती नक्षत्रों को वेधना बाजारों में तेजी का रूझान बनाएगा। 14 सितंबर को बुध का चित्रा नक्षत्र में प्रवेश कर पू. भाद्रपद नक्षत्र को वेधना तथा राहु से नक्षत्र संबंध बनाना तेजी का माहौल लाएगा। 17 सितंबर को सूर्य का कन्या राशि में प्रवेश करना तथा अश्विन संक्रांति का 15 मुहूर्ती में होना गेहूं, जौ, चना, ज्वार इत्यादि अनाजवान तथा मूंग, मौठ, मसूर, अरहर इत्यादि दलहन में उतार-चढ़ाव का योग दर्शाता है। 20 सितंबर को बुध का तुला राशि में आकर शनि के साथ राशि संबंध बनाना बाजारों में मंदी का रूझान बनाएगा। 22 सितंबर को शुक्र का उ. फाल्गुनी नक्षत्र में आकर रेवती नक्षत्र को वेधना बाजार में पुनः तेजी का वातावरण बनाएगा। 26 सितंबर को सोमवार के दिन चंद्र दर्शन का 30 मुहूर्ती में होना बाजारों के रूख को बदलकर पुनः तेजी की लहर चला देगा। 27 सितंबर को सूर्य का हस्त नक्षत्र में आकर आद्र्रा, पूर्वाषाढ़ा तथा उत्तरा भाद्रपद नक्षत्रों को वेधना अनाजवान व दलहन की स्थिति में पुनः तेजी का माहौल बनाएगा। 29 सितंबर को बुध का स्वाति नक्षत्र में आकर शतभिषा नक्षत्र को वेधना तथा मंगल का ज्येष्ठा नक्षत्र में आकर पुष्य नक्षत्र को वेधना बाजारों में कुछ मंदी का संकेत देता है। घी व तेलवान मासारंभ में 3 सितंबर को गुरु ग्रह अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश करेगा तथा गुरु पर शनि की दृष्टि का भी रहना बाजारों में तेजी का योग दर्शाता है। 4 सितंबर को मंगल का वृश्चिक राशि में आ जाना तथा इसी दिन बुध का हस्त नक्षत्र में आकर सर्वतोभद्र चक्र द्वारा उ.भा. नक्षत्र को वेधना बाजारों के रूख को बदलकर पुनः तेजी की लहर चला देगा। 9 सितंबर को मंगल का अनुराधा नक्षत्र में आकर अश्लेषा नक्षत्र को वेधना बाजारों में विशेषतया उतार-चढ़ाव का वातावरण बनाएगा। 11 सितंबर को शुक्र का पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में आकर अश्विनी नक्षत्र को वेधना बाजारों में कुछ मंदी का रूझान बनाएगा। 13 सितंबर को सूर्य का उ.फाल्गुनी में आकर पुनर्वसु, उ. षाढ़ा व रेवती नक्षत्रों को वेधना बाजारों में तेजी का वातावरण दर्शाता है। 14 सितंबर को बुध का चित्रा नक्षत्र में प्रवेश कर पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र को वेधना तथा राहु से नक्षत्र संबंध बनाना उतार-चढ़ाव के बाद मंदी का योग बनाता है। 17 सितंबर को सूर्य का कन्या राशि में प्रवेश करना तथा अश्विन संक्रांति का 15 मुहूर्ती में होना बाजारों में तेजी की लहर लाएगा। 20 सितंबर को बुध का तुला राशि में आकर शनि के साथ राशि संबंध बनाना बाजारों में पूर्व रूख दर्शाता है। 22 सितंबर को शुक्र का उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में आकर रेवती नक्षत्र को वेधना बाजार में मंदी का माहौल बनाएगा। 26 सितंबर को सोमवार के दिन चंद्र दर्शन का 30 मुहूर्ती में होना बाजारों में तेजी के बाद मंदी का वातावरण बनाएगा। 27 सितंबर को सूर्य का हस्त नक्षत्र में आकर आद्र्रा, पू.षाढ़ा तथा उ.भाद्रपद नक्षत्रों को वेधना बाजारों में उतार-चढ़ाव की स्थिति को दर्शाता है। 29 सितंबर को बुध का स्वाति नक्षत्र में आकर शतभिषा नक्षत्र को वेधना तथा मंगल का ज्येष्ठा नक्षत्र में आकर पुष्य नक्षत्र को वेधना बाजारों में मंदी का रूझान बनाएगा।


पितृ ऋण एवं संतान विशेषांक  सितम्बर 2014

फ्यूचर समाचार के पितृ ऋण एवं संतान विषेषांक में अत्यधिक ज्ञानवर्धक व जनहितकारी लेख जैसे- पितृ दोष अथवा पितृ ऋण परिचय, श्राद्ध कर्मः कब, क्यों और कैसे?, पितृदोष सम्बन्धी अषुभ योग एवं उनके निवारण के उपाय, संतान हीनताः कारण और निवारण, टेस्ट ट्यूब बेबीः एक ज्योतिषीय अध्ययन तथा ज्योतिष एवं महिलाएं आदि सम्मलित किये गये हैं। इसके अतिरिक्त पाठकों व कर्मकाण्ड के विद्वानों के लिए संक्षिप्त तर्पण तथा श्राद्ध विधि की सटीक व्याख्या की गई है। फलकथन के अन्तर्गत कुण्डली व संतान संख्या, इन्फर्टिलिटी, करियर परिचर्चा, सत्य कथा, पंचपक्षी के रहस्य, आदि लेख पत्रिका की शोभा बढ़ा रहे हैं। संतान प्राप्ति के अचूक उपाय, हिमालय की संतानोत्पादक जड़ीबूटियां, शाबर मंत्र, भागवत कथा, नक्षत्र एवं सम्बन्धित दान, पिरामिड के स्वास्थ्य उपचार, हैल्थ कैप्सूल, वास्तु परामर्ष, वास्तु प्रष्नोत्तरी, कर्मकाण्ड, पिरामिड वास्तु व अन्य मासिक स्तम्भ भी विषेष रोचक हैं।

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