पिरामिड से स्वास्थ्य उपचार

पिरामिड से स्वास्थ्य उपचार  

कहते हैं कि चमत्कार तो हमेशा घटते ही रहते हैं सिर्फ आवश्यकता है तो दृष्टि की संवेदनशीलता की। कोई भांप लेता है तो कोई नहीं। कुछ वर्ष पहले एक संपन्न एवं सम्मानित सज्जन के माता जी का निधन कैंसर जैसी भयंकर बीमारी से हुआ। असमंजस की बात थी कि हमेशा साफ-सुथरा रहने वाली, अच्छा भोजन करने वाली, सभी सुख-साधनांे के साथ परिपूर्ण होकर भी इतना भयानक रोग। किसी गरीब को अगर ऐसा रोग हो तो समझ में आता है कि खान-पान अच्छा नहीं होगा। आस-पास का वातावरण अच्छा नहीं होगा। पूरे सुख-साधन न होने की वजह से ऐसा रोग हो गया होगा। लेकिन नहीं रोग कभी किसी को भी आ सकते हैं क्यों? क्योंकि हर अमीर-गरीब का वास्तु होता है, ग्रह होते हैं और यही वजह है कि बीमारी अमीर-गरीब देखकर नहीं आती। बीमारी किसी को भी आ सकती है जब कुंडली में ग्रह खराब होंगे या घर में वास्तु में कोई गंभीर दोष होगा तो समस्या आने ही वाली है ऐसा मानें। जिस महिला का जिक्र किया गया है जब उनके घर का वास्तु निरीक्षण किया गया तो पाया गया कि पूरा भवन क्षेत्र के उत्तर वाले भाग में बना हुआ है। उतना ही भाग दक्षिण में खाली है। यह प्लाॅट उन्होंने बाद में खरीदा और अपने पहले वाले भवन के साथ इसको मिला कर वहां बगीचा बना दिया जिसकी वजह से परिस्थितियां बदलीं। दक्षिण-पश्चिम में नीचा करके शौचालय बना हुआ था। बस इतना ही बहुत था। ये दोनांे दोष ही पीड़ाकारक बन गए। पिरामिड लगाकर इसका उपचार किया गया। बहुत ही सरल ढंग से जो दक्षिण का प्लाॅट सज्जन ने बाद में खरीद कर पहले वाले प्लाॅट के साथ मिलाया था उसमें 81 पिरामिड लगाकर फिर से अलग किया गया। दक्षिण पश्चिम के शौचालय को तुड़वाकर नाॅर्थ-वेस्ट में बनवाया। मुख्य भवन के ब्रह्म स्थान को निश्चित किया गया और उसमें 9 बड़े पिरामिड लगा कर पूरे भवन को पिरामिड शक्ति द्वारा ऊर्जित किया गया। इस विषय को शेयर करने का तात्पर्य सिर्फ इतना है कि छोटे-छोटे दोषों का इलाज कराने के लिए कभी बड़े दुष्प्रभावों का इंतजार नहीं करना चाहिए। पंचमहाभूत द्वारा पूरी सृष्टि का निर्माण हुआ है जिसमें हम, आप और हमारे सभी सुख-साधन भी सम्मिलित हैं। हमारे अवचेतन मन, मस्तिष्क, नेत्र और चेतन मन आस-पास की ऊर्जाओं को महसूस करने में सक्षम हैं। हम वास्तु से अपने अच्छे बुरे ग्रहों को महसूस कर सकते हैं। पिरामिड शक्ति सर्वशक्तिमान है। इसे गरीब-अमीर सभी इस्तेमाल कर सकते हैं। अच्छे स्वास्थ्य के लिए जैसे हर समय तनाव में रहना, नींद न आना, और अन्य छोटी और बड़ी बीमारियों में पिरामिड ऊर्जा बहुत लाभकारी सिद्ध हुई है। हर समय बीमार ही रहने वालों को वास्तु स्लीप पिरामिड अपने बेड पर लगाना चाहिए। यह पिरामिड इतना उपयोगी है कि जिन जोडांे को संतान सुख में देरी हो रही है वो भी इस पिरामिड का प्रयोग करें। निश्चित ही लाभ होगा। रोजाना सुबह पिरामिड ऊर्जित जल पियंे। यह स्वास्थ्यवर्धक है और इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। जिस व्यक्ति को नींद न आती हो मानसिक तनाव रहता हो उसे पिरामिड सिरहाने में रखना बहुत अच्छे प्रभाव दे सकता है। अतः अपनी आवश्यकतानुसार अपने जीवन में खुशहाली और संपूर्णता के लिए पिरामिड ऊर्जा बहुत ही सरल और सस्ता कारगर उपाय है।


पितृ ऋण एवं संतान विशेषांक  सितम्बर 2014

फ्यूचर समाचार के पितृ ऋण एवं संतान विषेषांक में अत्यधिक ज्ञानवर्धक व जनहितकारी लेख जैसे- पितृ दोष अथवा पितृ ऋण परिचय, श्राद्ध कर्मः कब, क्यों और कैसे?, पितृदोष सम्बन्धी अषुभ योग एवं उनके निवारण के उपाय, संतान हीनताः कारण और निवारण, टेस्ट ट्यूब बेबीः एक ज्योतिषीय अध्ययन तथा ज्योतिष एवं महिलाएं आदि सम्मलित किये गये हैं। इसके अतिरिक्त पाठकों व कर्मकाण्ड के विद्वानों के लिए संक्षिप्त तर्पण तथा श्राद्ध विधि की सटीक व्याख्या की गई है। फलकथन के अन्तर्गत कुण्डली व संतान संख्या, इन्फर्टिलिटी, करियर परिचर्चा, सत्य कथा, पंचपक्षी के रहस्य, आदि लेख पत्रिका की शोभा बढ़ा रहे हैं। संतान प्राप्ति के अचूक उपाय, हिमालय की संतानोत्पादक जड़ीबूटियां, शाबर मंत्र, भागवत कथा, नक्षत्र एवं सम्बन्धित दान, पिरामिड के स्वास्थ्य उपचार, हैल्थ कैप्सूल, वास्तु परामर्ष, वास्तु प्रष्नोत्तरी, कर्मकाण्ड, पिरामिड वास्तु व अन्य मासिक स्तम्भ भी विषेष रोचक हैं।

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