ग्रह स्थिति एवं व्यापार

ग्रह स्थिति एवं व्यापार  

गोचर फल विचार मासारंभ में सूर्य व मंगल का द्विद्र्वादश योग में होना तथा राहु का सूर्य से समसप्तक योग में होना महंगाई तथा भ्रष्टाचार के बढ़ने से आम जनता के मनों से शासन के प्रति विरोध को बढ़ाएगा और राजनेताओं की गतिविधियों के कारण आंदोलन का रूप ले लेगा। 6 अप्रैल को शुक्र का वृष राशि में शनि से समसप्तक योग बनाना यह योग खड़ी फसलों के लिए असामयिक वर्षा के कारण नुकसानदायक रहेगा। 14 अप्रैल को सूर्य का मेष राशि में आकर मंगल और बुध से राशि संबंध बनाना राजनैतिक उथल-पुथल को बढ़ाकर राजनेताओं में परस्पर विरोधाभास को बढ़ाएगा। नए रोगों के कारण जनता के मनों में भय का माहौल रहेगा। दैनिक उपयोगी खाद्य वस्तुओं में कमी के कारण जनता को कष्टकारी परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा। सामाजिक मसलों को लेकर आक्रोश का माहौल पैदा होगा। पड़ोसी देशों के द्वारा हलचल और सीमाओं पर युद्धमय वातावरण बनेगा। गोचर ग्रह परिवर्तन व नक्षत्र वेध मासारंभ में 3 अप्रैल को शुक्र ग्रह कृतिका नक्षत्र में आकर श्रवण नक्षत्र को सर्वतोभद्र चक्र द्वारा वेध करेगा। 4 अप्रैल को खग्रास चंद्र ग्रहण रहेगा। 5 अप्रैल को बुध रेवती नक्षत्र पर आकर सूर्य से नक्षत्र संबंध तथा उफा. नक्षत्र को वेध करेगा। 6 अप्रैल को शुक्र वृष राशि में आकर शनि से समसप्तक योग बनाएगा। 8 अप्रैल को कर्क राशि स्थित गुरु ग्रह मार्गी गति में आएगा। 10 अप्रैल को मंगल मेष राशि में अस्त होगा तथा इसी दिन भरणी नक्षत्र में प्रवेश करके दक्षिण वेध से अनुराधा नक्षत्र को वेधेगा। 12 अप्रैल को बुध अश्विनी नक्षत्र में प्रवेश कर पू. फाल्गुनी नक्षत्र को वेधेगा। 14 अप्रैल को सूर्य अश्विनी नक्षत्र में आकर पू. फा., रोहिणी व ज्येष्ठा नक्षत्रों को वेधेगा तथा वैशाख संक्रांति 30 मुहूर्ती में होगी। 15 अप्रैल को शुक्र रोहिणी नक्षत्र में आकर अभिजित नक्षत्र को वेधेगा। 16 अप्रैल को वक्री शनि अनुराधा नक्षत्र के दूसरे चरण में आएगा। 18 अप्रैल को बुध भरणी नक्षत्र में आकर मघा नक्षत्र का वेध करेगा। 20 अप्रैल को चंद्र दर्शन सोमवार के दिन 30 मुहूर्ती में होगा। 23 अप्रैल को बुध ग्रह पश्चिम से उदय होगा। 25 अप्रैल को बुध कृतिका नक्षत्र में आकर श्रवण नक्षत्र का वेध करेगा। 26 अप्रैल को शुक्र मृगशिरा नक्षत्र में आकर उ.षा. नक्षत्र को वेधेगा। 29 अप्रैल को सूर्य, मंगल कृतिका नक्षत्र में आकर श्रवण नक्षत्र तथा दक्षिण वेध से भरणी नक्षत्र को वेधेगा। सोना व चांदी मासारंभ में 3 अप्रैल को सोने व चांदी के बाजारांे में मंदी का योग बनाएगा, 4 अप्रैल को बाजारांे में बदलाव देकर तेजी का वातावरण बनाएगा। 5 अप्रैल को बाजारों में सोने में पूर्वरूख और चांदी में मंदी का रूख दर्शाता है। 6 अप्रैल को सोना व चांदी के बाजारांे में मंदी का माहौल बनाएगा। 8 अप्रैल को बाजारों में पुनः तेजी की लहर को चलाएगा। 10 अप्रैल को बाजारांे में तेजी का वातावरण ही बनाएगा। 12 अप्रैल को बाजारों में पूर्ववत तेजी का योग ही दर्शाता है। 14 अप्रैल को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद तेजी का रूख बनाएगा। 15 अप्रैल को बाजारों में पूर्वरूख को बरकरार रखेगा। 16 अप्रैल को सोने में तेजी लेकिन चांदी में उतार-चढ़ाव अधिक करेगा। 18 अप्रैल को बाजारांे में पूर्वरूख को बनाएगा। 20 अप्रैल को सोने में तेजी तथा चांदी में मंदी का योग दर्शाता है। 21 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर सोने चांदी के आभूषणों में मंदी का रूख दर्शाता है। 23 अप्रैल को बाजारों में मंदी का माहौल ही बनाएगा। 25 अप्रैल को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद पूर्वरूख ही बनाए रखेगा। 29 अप्रैल को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद तेजी का रूझान ही बनाएगा। गुड़ एवं खांड मासारंभ में 3 अप्रैल को गुड़ व खांड के बाजारों में मंदी का योग दर्शाता है। 4 अप्रैल को बाजारों में तेजी के रूख को बनाएगा। 5 अप्रैल को बाजारों मंे मंदी का माहौल बनाएगा। 6 अप्रैल को बाजारों में पूर्वरूख को बरकरार रखेगा। 7 अप्रैल को गुड़ व खांड के बाजारों में कुछ तेजी का रूख दर्शाता है। 10 अप्रैल को बाजारों में तेजी की लहर को चलाएगा। 12 अप्रैल को बाजारों में तेजी का वातावरण ही बनाएगा। 14 अप्रैल को पूर्ववत् बाजारांे में तेजी का ही रूख बनाए रखेगा। 15 अप्रैल को बाजारों में मंदी का माहौल ही बनाएगा। 16 अप्रैल को बाजारांे में उतार-चढ़ाव की स्थिति को बनाएगा। 18 अप्रैल को बाजारों में पूर्वरूख को दर्शाता है। 20 अप्रैल को बाजारों में कुछ मंदी का माहौल ही बनाएगा। 23 अप्रैल को बाजारों में मंदी का योग ही दर्शाता है। 25 अप्रैल को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद मंदी के रूख को बनाएगा। 26 अप्रैल को बाजारांे में तेजी का वातावरण दर्शाता है। 29 अप्रैल को बाजारों में आगे तेजी का रूख ही बरकरार रखेगा। अनाजवान व दलहन 3 अप्रैल को गेहूं, जौ, चना, ज्वार, बाजरा इत्यादि अनाजों तथा मूंग, मौठ, मसूर, अरहर इत्यादि दलहन के बाजारांे में मंदी का योग दर्शाता है। 4 अप्रैल को बाजारों में उतार-चढ़ाव का माहौल बनाएगा। 5 अप्रैल को बाजारांे में तेजी का वातावरण बनाएगा। 6 अप्रैल को बाजारों में तेजी का रूख ही बरकरार रखेगा। 8 अप्रैल को अनाजवानों और दलहन में तेजी का कारक ही बनाएगा। 10 अप्रैल को बाजारों में उतार-चढ़ाव की स्थिति ही बनाएगा। 12 अप्रैल को बाजारांे में मंदी का माहौल बनाएगा। 14 अप्रैल को बाजारों में तेजी की लहर को चलाएगा। 15 अप्रैल को बाजारों में मंदी का रूख ही दर्शाता है। 16 अप्रैल को बाजारांे में तेजी का कारक ही बनाएगा। 18 अप्रैल को बाजारो में उतार-चढ़ाव के बाद तेजी की लहर को ही चलाएगा। 20 अप्रैल को बाजारों में पूर्व रूख को ही बनाएगा। 23 अप्रैल को बाजारों में मंदी का योग ही दर्शाता है। 25 अप्रैल को बाजारांे में तेजी के बाद मंदी का वातावरण ही बनाएगा। 26 अप्रैल को बाजारों में पूर्व रूख को ही बरकरार रखेगा। 29 अप्रैल को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद तेजी की लहर को ही चलाएगा। घी व तेलवान 3 अप्रैल को घी व तेलवान के बाजारांे में मंदी का रूझान बनाएगा। 4 अप्रैल को बाजारांे में तेजी का योग दर्शाता है। 5 अप्रैल को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद तेजी का रूख ही बनाएगा। 6 अप्रैल को बाजारों में तेजी की लहर को ही चलाने में सहायक होगा। 8 अप्रैल को घी के बाजारांे में तेजी का ही कारक होगा। 10 अप्रैल को बाजारांे में मंदी का माहौल बनाएगा। 12 अप्रैल को बाजारों में तेजी का योग ही बनाएगा। 14 अप्रैल को बाजारांे में अधिक उतार-चढ़ाव का रूझान बनाएगा। 15 अप्रैल को बाजारांे में आगे तेजी की लहर को चलाएगा। 16 अप्रैल को बाजारों में तेजी के रूख को बरकरार रखेगा। 18 अप्रैल को बाजारों में तेजी का कारक ही दर्शाता है। 20 अप्रैल को घी व तेलवान के बाजारों में पूर्व रूख को ही बनाएगा। 23 अप्रैल को बाजारांे में मंदी का रूख ही बनाएगा। 25 अप्रैल को बाजारांे में मंदी का वातावरण बना देगा। 26 अप्रैल को बाजारों में मंदी के रूझान के बाद तेजी ही बनाएगा। 29 अप्रैल को बाजारांे में आगे पुनः तेजी के रूख को ही बरकरार रखेगा।


वक्री ग्रह विशेषांक  अप्रैल 2015

फ्यूचर समाचार के वक्री ग्रह विषेषांक में वक्री, अस्त व नीच ग्रहों के शुभाषुभ प्रभाव के बारे में चर्चा की गई है। बहुत समय से पाठकों को ऐसे विशेषांक का इंतजार था जो उन्हें ज्योतिष के इन जटिल रहस्यों को उद्घाटित करे। ज्ञानवर्धक और रोचक लेखों के समावेष से यह अंक पाठकों में अत्यन्त लोकप्रिय हुआ। इस अंक के सम्पादकीय लेख में वक्री ग्रहों के प्रभाव की सोदाहरण व्याख्या की गई है। इस अंक में वक्र ग्रहों का शुभाषुभ प्रभाव, अस्त ग्रहों का प्रभाव एवं उनका फल, वक्री ग्रहों का प्रभाव, नीच ग्रह भी देते हैं शुभफल, क्या और कैसे होते हैं उच्च-नीच, वक्री एवं अस्तग्रह, कैसे बनाया नीच ग्रहों ने अकबर को महान आदि महत्वपूर्ण लेखों को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त बी. चन्द्रकला की जीवनी, पंचपक्षी के रहस्य, लाल किताब, फलित विचार, टैरो कार्ड, वास्तु, भागवत कथा, संस्कार, हैल्थ कैप्सूल, विचार गोष्ठी, वास्तु परामर्ष, ज्योतिष और महिलाएं, व्रत पर्व, क्या आप जानते हैं? आदि लेखों व स्तम्भों के अन्तर्गत बेहतर जानकारी को साझा किया गया है।

सब्सक्राइब

अपने विचार व्यक्त करें

blog comments powered by Disqus
.