ग्रह स्थिति एवं व्यापार

ग्रह स्थिति एवं व्यापार  

गोचर फल विचार मासारंभ में 2 अगस्त को शनि ग्रह मार्गी होगा तथा देवगुरु बृहस्पति और दैत्य गुरु शुक्र का परस्पर राशि संबंध होगा। इन दोनों पर शनि की दृष्टि का होने से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शांति का माहौल बनाने के लिए परस्पर विरोधी देशों की ओर से समझौते के लिए यत्न किए जाएंगे। बहुत प्रमुख मुद्दों को लेकर माहौल गर्माहट में रहेगा। देश में दैनिक उपयोगी वस्तुओं में महंगाई बढ़ने के कारण आम जनता में सरकार के प्रति आक्रोश पैदा होगा तथा राजनैतिक टकराव की स्थितियां बनी रहेगी। नए-नए रोगों के भय के कारण जनता में तनाव का माहौल रहेगा। 5 अगस्त को शुक्र का अस्त होना तथा इसी दिन मंगल ग्रह का उदय होना राजनीतिज्ञों में परस्पर विरोध और असुरक्षा का कारण बनाएगा। यह योग सांप्रदायिक हिंसक घटनाओं का भी सूचक बनाता है। कहीं प्राकृतिक प्रकोपों के कारण जन-धन हानि का संकेत देता है। इस मास में पांच शनिवारों का आना भी सत्ता परिवर्तन और देश में किसी प्रमुख नेता के निधन का सूचक है। इस मास देश में उत्तर पश्चिमी तथा मध्यवर्ती क्षेत्रों में रूक-रूक कर वर्षा होने का योग है और कहीं प्राकृतिक आपदा बाढ़ इत्यादि से खड़ी फसलों के नुकसान का योग भी बनता है। गोचर ग्रह परिवर्तन व नक्षत्र वेध मासारंभ में 2 अगस्त को वृश्चिक राशि का शनि मार्गी होगा। 3 अगस्त को सूर्य अश्लेषा नक्षत्र में आकर अनुराधा, मघा व धनिष्ठा नक्षत्रों को सर्वतोभद्र चक्र द्वारा वेध करेगा। 4 अगस्त को अस्त बुध मघा नक्षत्र में प्रवेश कर भरणी नक्षत्र को वेध करेगा। इसी दिन मंगल पुष्य नक्षत्र में आकर ज्येष्ठा नक्षत्र को तथा दक्षिण वेध से शतभिषा नक्षत्र को वेध करेगा। 5 अगस्त को शुक्र ग्रह अस्त हो जाएगा तथा 6 अगस्त को बुध ग्रह उदय होगा। 12 अगस्त को मंगल ग्रह उदय होगा तथा इसी दिन बुध पू. फानक्षत्र में आकर अश्विनी नक्षत्र को वेध करेगा। सिंह राशि स्थित गुरु ग्रह अस्त हो जाएगा। 13 अगस्त को वक्री शुक्र ग्रह अश्लेषा नक्षत्र में आकर अनुराधा नक्षत्र को वेध करेगा। 14 अगस्त को गुरु ग्रह मघा नक्षत्र के तीसरे चरण में प्रवेश करेगा। 16 अगस्त को रविवार के दिन चंद्र दर्शन 30 मुहूर्ती में होगा। 17 अगस्त को सूर्य मघा नक्षत्र में आकर, भरणी, श्रवण व अश्लेषा नक्षत्रों को वेध करेगा तथा भाद्रपद संक्रांति 45 मुहूर्ती में होगी। 20 अगस्त को बुध उ. फा. नक्षत्र में आकर रेवती नक्षत्र को वेध करेगा तथा इसी दिन शुक्र पूर्व में उदय होगा। 23 अगस्त को बुध कन्या राशि में आकर राहु ग्रह से राशि संबंध बनाएगा। 25 अगस्त को मंगल अश्लेषा नक्षत्र में आकर शुक्र से नक्षत्र संबंध बनाएगा तथा अनुराधा नक्षत्र को वेध करेगा। 30 अगस्त को गुरु ग्रह मघा नक्षत्र के चैथे चरण में आएगा। 31 अगस्त को बुध हस्त नक्षत्र पर आकर उ. भा. नक्षत्र को वेध करेगा तथा इसी दिन सूर्य पू. फानक्षत्र में आकर अश्विनी, अभिजित, व पुष्य नक्षत्र को वेध करेगा। सोना व चांदी मासारंभ में 2 अगस्त को सोने के बाजारांे में तेजी तथा चांदी में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनाएगा। 3 अगस्त को बाजारांे में तेजी का वातावरण बनाएगा। 4 अगस्त को बाजारांे में आगे तेजी का योग दर्शाता है। 5 अगस्त को बाजारांे में उतार-चढ़ाव अधिक रहेगा। व्यापारी वर्ग बाजार की परिस्थितियों को विशेष ध्यान में रखें। 12 अगस्त को बाजारांे में मंदी का रूख बनाएगा। 13 अगस्त को बाजारांे में उतार-चढ़ाव का योग ही दर्शाता है। 14 अगस्त को बाजारांे में मंदी का वातावरण ही बनाएगा। 16 अगस्त को बाजारांे में तेजी की लहर को ही चलाएगा। 17 अगस्त को तेजी की स्थिति बनाएगा। 20 अगस्त को चांदी के बाजारांे में तेजी का रूख बरकरार रखेगा। 23 अगस्त को चांदी में तेजी का योग ही दर्शाता है। 25 अगस्त को बाजारांे में पूर्वरूख को ही बनाएगा। 30 अगस्त को बाजारांे में कुछ मंदी की स्थिति ही बनाएगा। 31 अगस्त को सोने के बाजारांे में तेजी तथा चांदी में उतार-चढ़ाव ही दर्शाता है। गुड़ एवं खांड मासारंभ में 2 अगस्त को गुड़ व खांड के बाजारांे में उतार-चढ़ाव अधिक रहेगा। 3 अगस्त को बाजारांे में तेजी की लहर चलाएगा। 4 अगस्त को बाजारांे में उतार-चढ़ाव के बाद मंदी ही लाएगा। 5 अगस्त को बाजारांे में तेजी के योग को दर्शाता है। 12 अगस्त को बाजारांे में मंदी का रूझान बनाएगा। 14 अगस्त को बाजारांे में मंदी का वातावरण ही बनाएगा। 16 अगस्त को बाजारांे में तेजी की स्थिति ही बनाएगा। 17 अगस्त को गुड़ व खांड के बाजारांे में तेजी के रूख को ही बनाएगा। 20 अगस्त को बाजारांे में पूर्वरूख को ही बरकरार रखेगा। 23 अगस्त को बाजारांे में तेजी का योग दर्शाता है। 25 अगस्त को बाजारांे में तेजी की लहर को ही चलाएगा। 30 अगस्त को बाजारांे में कुछ मंदी का ही वातावरण बनाएगा। 31 अगस्त को आगे बाजारांे में तेजी की लहर को चलाएगा। अनाजवान व दलहन मासारंभ में 2 अगस्त को मूंग, मौठ, अरहर, मसूर इत्यादि दालवानों और गेहूं, जौ, चना, ज्वार, बाजरा इत्यादि अनाजवानों के बाजारांे ं में तेजी का योग बनाएगा। 3 अगस्त को बाजारांे ं में तेजी की आगे लहर को चलाएगा। 4 अगस्त को बाजारांे में तेजी के वातावरण को ही बनाएगा। 5 अगस्त को बाजारांे में उतार-चढ़ाव का माहौल ही बनाएगा। 12 अगस्त को बाजारांे में मंदी का रूख ही बनाएगा। 13 अगस्त को बाजारांे में तेजी का योग दर्शाता है। 14 अगस्त को बाजारांे में मंदी की स्थिति ही बनाएगा। 16 अगस्त को बाजारांे में मंदी का वातावरण बनाएगा। 17 अगस्त को बाजारांे में कुछ तेजी का माहौल बना देगा। 20 अगस्त को बाजारांे में तेजी का रूझान ही बनाएगा। 23 अगस्त को बाजारांे में तेजी का वातावरण बनाएगा। 25 अगस्त को बाजारांे में तेजी का रूख बनाएगा। 30 अगस्त को बाजारांे में उतार-चढ़ाव का माहौल बनाएगा। 31 अगस्त को गेहूं जौ, चना, ज्वार, बाजरा इत्यादि अनाजवानों तथा मूंग, मौठ, मसूर, अरहर इत्यादि दालवानों के बाजारांे में तेजी का वातावरण ही बना देगा। घी व तेलवान मासारंभ में 2 अगस्त को बाजारांे में तेजी का ही रूझान बनाएगा। 3 अगस्त को बाजारांे में तेजी का योग दर्शाता है। 4 अगस्त को बाजारांे में पूर्वरूख का माहौल ही बनाएगा। 5 अगस्त को बाजारांे में विशेष उतार-चढ़ाव का योग बनाएगा। 12 अगस्त को बाजारांे में मंदी का माहौल बनाएगा। 13 अगस्त को बाजारांे में तजी की लहर को ही चलाएगा। 14 अगस्त को बाजारांे में उतार-चढ़ाव की स्थिति ही बनाएगा। 16 अगस्त को बाजारांे में तेजी का रूख ही बनाएगा। 17 अगस्त को बाजारांे में तेजी का रूझान बनाएगा। 20 अगस्त को बाजारांे में पूर्वरूख को ही बनाए रखने में सहायक होगा। 23 अगस्त को बाजारांे में उतार-चढ़ाव का योग ही दर्शाता है। 25 अगस्त को बाजारांे में तेजी का वातावरण ही बनाएगा। 30 अगस्त को बाजारांे में मंदी का माहौल बना देगा। 31 अगस्त को बाजारांे में तेजी का रूख ही बनाएगा। नोट: उपर्युक्त फलादेश पूरी तरह ग्रह स्थिति पर आधारित है, पाठकों का बेहतर मार्ग दर्शन ही इसका मुख्य उद्देश्य है। इसके साथ-साथ संभावित कारणों पर भी ध्यान देना चाहिए जो बाजार को प्रभावित करते हैं। कृपया याद रखें कि व्यापारी की सट्टे की प्रवृत्ति और निर्णय लेने की शक्ति में कमी तथा भाग्यहीनता के कारण होने वाले नुकसान के लिए लेखक, संपादक एवं प्रकाशक जिम्मेदार नहीं हैं।


टैरो विशेषांक  आगस्त 2015

फ्यूचर समाचार के टैरो कार्ड विशेषांक में फलकथन की लोकप्रिय पद्धति के परिचय, इतिहास, पत्तों की व्याख्या आदि विषयों पर आकर्षक व सारगर्भित लेखों के अतिरिक्त सामयिक चर्चा के अन्तर्गत गुरु के गोचरीय प्रभाव को शामिल किया गया है। इस अंक में मानबी बन्दोपाध्याय के जीवन पर सत्य कथा, भरत चरित्र, एडोल्फ हिटलर की जीवनी का ज्योतिषीय विश्लेषण, नैतिक ढंग से वश में करने के लिए क्या करें?, पंचांग देखे बिना तिथि बताना आदि लेख बहुत रोचक हंै। विचार गोष्ठी में प्राकृतिक आपदा के ज्योतिषीय कारणों की व्याख्या की गई है। विशेषकर महिलाओं के लिए ज्योतिष एवं महिलाएं नामक शीर्षक के अन्तर्गत आप और आपके जीवन साथी के बारे में आपकी राशि के आधार पर बताया गया है। अन्य स्थायी स्तम्भों में श्रवण मास में विशिष्ट शिव साधनाओं के बारे में रोचक जानकारी दी गई है। पंच-पक्षी, वास्तु परामर्श, अस्पताल का वास्तु, ग्रह गोचर एवं व्यापार, मुहूर्त एवं पचांग सम्बन्धी जानकारी तथा हैल्थ कैप्सूल दृष्टव्य हैं।

सब्सक्राइब

अपने विचार व्यक्त करें

blog comments powered by Disqus
.