पंचपक्षी एवं प्रश्न शास्त्र (भाग-2)

पंचपक्षी एवं प्रश्न शास्त्र (भाग-2)  

कोई वस्तु खो गई है वह मिलेगी अथवा नहीं? यदि कोई प्रश्नकर्ता पंच पक्षी विशेषज्ञ से किसी खोई हुई वस्तु के बारे में पूछता है तो व्यक्ति के जन्मपक्षी के गतिविधि के अनुसार इस प्रश्न का सटीक उत्तर दिया जा सकता है। यदि प्रश्न करते वक्त जन्म पक्षी खाने की गतिविधि में संलग्न हो तो वस्तु घर में ही कहीं न कहीं है। ठीक से खोजने पर उसके मिल जाने की संभावना है। यदि प्रश्न पूछते वक्त जन्मपक्षी घूमने की गतिविधि में हो तो वह वस्तु किसी के द्वारा चुरा ली गई है तथा वह काफी दूर ले जाई जा चुकी है। यदि प्रश्न के समय जन्मपक्षी शासन करने की गतिविधि में संलग्न हो तो वस्तु के पड़ोसी के घर में होने की संभावना है। किंतु यहां यह बात ध्यान में रखना आवश्यक है कि पड़ोसी के घर आप वह वस्तु स्वयं भूल आए हैं न कि पड़ोसी ने चोरी की है। यदि प्रश्न के समय जन्मपक्षी सोने की गतिविधि कर रहा हो तो वस्तु को घर आए किसी आगन्तुक ने चुरा लिया है तथा वह अपने साथ लेकर गया है। यदि प्रश्न के समय जन्म पक्षी मरने की गतिविधि में शामिल है तो जिस किसी भी चीज की हानि हुई है चाहे वह धन हो अथवा स्वर्ण वह कभी वापस नहीं मिलेगा। मान लीजिए की वह सदा के लिए आपके पास से चला गया तथा यह हानि स्थाई रूप से हो गई। जन्म पक्षी की गतिविधि के अनुसार प्रश्न के उत्तर मान लीजिए कि प्रश्न किसी चीज के खोने अथवा चोरी होने का ही है तो यदि जन्म पक्षी शासन करने की गतिविधि में संलग्न है तो विभिन्न पक्षियों के फल निम्न प्रकार से होंगे: 1. यदि जन्म पक्षी गिद्ध है तो जो कोई भी वस्तु खोई या चोरी हुई है वह किसी घर आए आगन्तुक ने ली है किंतु वह मिल जाएगा। 2. यदि जन्म पक्षी उल्लू है तो वस्तु किसी युवा कन्या के हाथ में पड़ गई है तथा कोशिश करने से वस्तु मिल जाएगी। 3. यदि जन्मपक्षी कौआ है तो वस्तु किसी युवा कुंवारे व्यक्ति के हाथ लगी है तथा वह बरामद हो जाएगी। 4. यदि जन्मपक्षी मुर्गा है तो वस्तु किसी तालाब अथवा नदी के किनारे है तथा उसकी बरामदगी में संदेह है। 5. यदि जन्मपक्षी मोर है तो वस्तु को कहीं जमीन के अंदर गाड़ दिया गया है तथा उसकी बरामदगी मुश्किल है। जन्म पक्षी के अनुसार प्रश्न के उत्तर यदि उपर्युक्त प्रश्न के उत्तर जन्मपक्षी के अनुसार दिये जायें तो निम्नांकित उत्तर की संभावना है: 1. यदि जन्मपक्षी गिद्ध है तो किसी पुरूष ने उस वस्तु को चुराया है। 2. यदि जन्मपक्षी उल्लू है तो किसी महिला ने उस वस्तु को चुराया है। 3. यदि जन्म पक्षी कौआ है तो वह वस्तु पानी रखने की जगह पर अथवा कहीं जल स्रोत के निकट ले जाया गया है। 4. यदि जन्मपक्षी मुर्गा है तो वस्तु को कहीं जमीन के नीचे गाड़ दिया गया है या कुएं में फेंक दिया गया है। 5. यदि जन्मपक्षी मयूर है तो वस्तु को घर के अंदर अथवा बगीचे में कहीं गाड़ दिया गया है तथा उसकी बरामदगी मुश्किल है। गर्भ काल में बच्चे के जन्म से संबंधित प्रश्न के उत्तर यदि यह प्रश्न किया जाय कि महिला को होने वाला बच्चा लड़का होगा अथवा लड़की तो इसका उत्तर जन्मपक्षी की गतिविधि के अनुसार निम्न प्रकार से होगा: यदि प्रश्न के समय जन्मपक्षी शासन करने की गतिविधि अथवा खाने की गतिविधि में संलग्न हो तो होने वाला बच्चा लड़का होगा। यदि प्रश्न करते समय जन्मपक्षी घूमने अथवा सोने की गतिविधि में संलग्न हो तो कन्या का जन्म होगा। किंतु यदि प्रश्न करते समय जन्मपक्षी मरने की गतिविधि में संलग्न हो तो होने वाला बच्चा किन्नर होगा। किसी प्रश्न का उत्तर हां या न में देना 1. यदि प्रश्न पूछे जाने के समय जन्मपक्षी खाने की गतिविधि में संलग्न हो तो उस प्रश्न का उत्तर सकारात्मक अर्थात हां में होगा। 2. यदि प्रश्न पूछे जाने के समय जन्मपक्षी घूमने की गतिविधि में संलग्न हो तो यात्रा पर गया व्यक्ति शीघ्र लौटेगा अथवा किसी नये अतिथि का आगमन होगा। 3. यदि प्रश्न पूछे जाने के समय जन्मपक्षी शासन करने की गतिविधि में संलग्न हो तो उस प्रश्न का उत्तर सकारात्मक अर्थात हां में होगा। इसके अतिरिक्त जातक को धन एवं गहने, जेवर की प्राप्ति होगी। 4. यदि प्रश्न पूछे जाने के समय जन्मपक्षी सोने की गतिविधि में संलग्न हो तो बीमार व्यक्ति ठीक नहीं होगा तथा कुछ बुरी खबर सुनने को मिलेगी। 5. यदि प्रश्न पूछे जाने के समय जन्मपक्षी मरने की गतिविधि में संलग्न हो तो उस प्रश्न का उत्तर बिल्कुल नकारात्मक अर्थात न में होगा। कैसे जानें कि प्रश्न भूत, वर्तमान अथवा भविष्य से संबंधित है? प्रश्न पूछते वक्त यदि जन्मपक्षी उल्लू अथवा मयूर हो तो प्रश्न भूत काल से संबंधित है। यदि जन्मपक्षी मुर्गा है तो प्रश्न वर्तमान से संबंधित है। यदि जन्मपक्षी गिद्ध अथवा कौआ है तो प्रश्न भविष्य से संबंधित है। यात्रा पर गये व्यक्ति से संबंधित प्रश्न यदि जन्मपक्षी गिद्ध है तो व्यक्ति यात्रा से वापस लौट रहा है। यदि जन्मपक्षी उल्लू है तो व्यक्ति वापस लौटकर गांव की सीमा में प्रवेश कर चुका है। यदि जन्मपक्षी कौआ है तो व्यक्ति तुरंत घर पहुंचने वाला है। यदि जन्मपक्षी मुर्गा है तो व्यक्ति घर पहुंच चुका है। यदि जन्मपक्षी मयूर है तो व्यक्ति 15 मिनट के अंदर घर पहुंच जायेगा। प्रश्न का उत्तर कितने दिन में पूरा हो जायेगा? यदि जन्मपक्षी मुर्गा है तो इच्छा पूर्ति में चार दिन का समय लगेगा। यदि जन्मपक्षी गिद्ध है तो इच्छा पूर्ति में पांच दिन का समय लगेगा। यदि जन्मपक्षी कौआ है तो इच्छा पूर्ति में तीन दिन का समय लगेगा। यदि जन्मपक्षी मयूर है तो इच्छा पूर्ति में एक दिन का समय लगेगा। यदि जन्मपक्षी उल्लू है तो इच्छा पूर्ति में तीन दिन का समय लगेगा। दुर्घटना में शरीर का कौन सा अंग प्रभावित हुआ है? यदि जन्मपक्षी खाने की गतिविधि में संलग्न है तो सिर का हिस्सा दुर्घटना में प्रभावित हुआ है। यदि जन्मपक्षी सोने की गतिविधि में संलग्न है तो सिर एवं चेहरे का हिस्सा दुर्घटना में प्रभावित हुआ है। यदि जन्मपक्षी शासन करने की गतिविधि में संलग्न है तो छाती का हिस्सा दुर्घटना में प्रभावित हुआ है। यदि जन्मपक्षी घूमने की गतिविधि में संलग्न है तो पैर का हिस्सा दुर्घटना में प्रभावित हुआ है। यदि जन्मपक्षी मरने की गतिविधि में संलग्न है तो कुल्हा एवं पीछे का भाग दुर्घटना में प्रभावित हुआ है। चोरी करके चोर कितना दूर गया है? यदि जन्मपक्षी कौआ है तो चोर काफी दूर चला गया है। यदि जन्मपक्षी उल्लू है तो चोर दूर चला गया है। यदि जन्मपक्षी मुर्गा है तो चोर नजदीक ही है। यदि जन्मपक्षी मयूर है तो चोर बिल्कुल पास में है। यदि जन्मपक्षी गिद्ध है तो चोर इतना दूर चला गया है कि उसे पकड़ना संभव नहीं है। चोर की उम्र कितनी है? यदि जन्मपक्षी गिद्ध है तो चोर कोई बूढ़ा व्यक्ति है। यदि जन्मपक्षी उल्लू है तो चोर कोई युवा व्यक्ति है। यदि जन्मपक्षी कौआ है तो चोर कोई प्रौढ़ व्यक्ति है। यदि जन्मपक्षी मुर्गा है तो चोर कोई नाटा एवं मध्य आयु का व्यक्ति है। यदि जन्मपक्षी मयूर है तो चोरी में दो लोग शामिल हैं एवं दोनों वृद्ध हैं।


टैरो विशेषांक  आगस्त 2015

फ्यूचर समाचार के टैरो कार्ड विशेषांक में फलकथन की लोकप्रिय पद्धति के परिचय, इतिहास, पत्तों की व्याख्या आदि विषयों पर आकर्षक व सारगर्भित लेखों के अतिरिक्त सामयिक चर्चा के अन्तर्गत गुरु के गोचरीय प्रभाव को शामिल किया गया है। इस अंक में मानबी बन्दोपाध्याय के जीवन पर सत्य कथा, भरत चरित्र, एडोल्फ हिटलर की जीवनी का ज्योतिषीय विश्लेषण, नैतिक ढंग से वश में करने के लिए क्या करें?, पंचांग देखे बिना तिथि बताना आदि लेख बहुत रोचक हंै। विचार गोष्ठी में प्राकृतिक आपदा के ज्योतिषीय कारणों की व्याख्या की गई है। विशेषकर महिलाओं के लिए ज्योतिष एवं महिलाएं नामक शीर्षक के अन्तर्गत आप और आपके जीवन साथी के बारे में आपकी राशि के आधार पर बताया गया है। अन्य स्थायी स्तम्भों में श्रवण मास में विशिष्ट शिव साधनाओं के बारे में रोचक जानकारी दी गई है। पंच-पक्षी, वास्तु परामर्श, अस्पताल का वास्तु, ग्रह गोचर एवं व्यापार, मुहूर्त एवं पचांग सम्बन्धी जानकारी तथा हैल्थ कैप्सूल दृष्टव्य हैं।

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