कृष्ण पक्ष: पंच पक्षी के कार्य-2

कृष्ण पक्ष: पंच पक्षी के कार्य-2  

पिछले कई अंकों में शुक्ल पक्ष में विभिन्न दिवसों को पंचपक्षी के विभिन्न गतिविधियों की विस्तार से चर्चा की गई। यह स्पष्ट किया गया कि किस काल में कौन सा पक्षी किस गतिविधि में संलग्न रहता है तथा उस काल में किए गए किसी कार्य का क्या फल होता है। अब तक आप जान गए कि किस गतिविधि में कौन सा पक्षी सर्वाधिक सशक्त होता है तथा किस गतिविधि में सबसे अधिक कमजोर। कृष्ण पक्ष में विभिन्न दिवसों में दिन एवं रात्रि में भी परिणाम उसी के अनुरूप होंगे अतः अब यहां केवल इनका संक्षिप्त विवरण ही प्रस्तुत किया जा रहा है। कृष्ण पक्ष वाले जातक अपने पक्षी के अनुसार पूर्व के अंकों में विस्तार से वर्णित फल देख सकते हैं। बुधवार दिन में पंचपक्षी के कृत्य 1. प्रथम यम की अवधि सुबह 6 बजे से 8ः24 तक पक्षी गतिविधि फल गिद्ध मरना अति निम्न कौआ खाना उत्तम मयूर घूमना औसत उल्लू शासन करना अति उत्तम मुर्गा सोना निम्न 2. द्वितीय यम की अवधि सुबह 8ः25 से 10ः48 तक पक्षी गतिविधि फल गिद्ध सोना निम्न कौआ मरना अति निम्न मयूर खाना उत्तम उल्लू घूमना औसत मुर्गा शासन करना अति उत्तम 3. तृतीय यम की अवधि सुबह 10ः49 से दोपहर 1ः12 तक पक्षी गतिविधि फल गिद्ध शासन करना अति उत्तम कौआ सोना निम्न मयूर मरना अति निम्न उल्लू खाना उत्तम मुर्गा घूमना औसत 4. चतुर्थ यम की अवधि दोपहर 1ः13 से 3ः36 तक पक्षी गतिविधि फल गिद्ध घूमना औसत कौआ शासन करना अति उत्तम मयूर सोना निम्न उल्लू मरना अति निम्न मुर्गा खाना उत्तम 5. पंचम यम की अवधि दोपहर 3ः37 से 6ः00 बजे शाम पक्षी गतिविधि फल गिद्ध खाना उत्तम कौआ घूमना औसत मयूर शासन करना अति उत्तम उल्लू सोना निम्न मुर्गा मरना अति निम्न रात्रि में पंचपक्षी के कृत्य 1. प्रथम यम की अवधि शाम 6ः00 बजे से 8ः24 तक पक्षी गतिविधि फल गिद्ध सोना निम्न कौआ शासन करना अति उत्तम मयूर घूमना औसत उल्लू खाना उत्तम मुर्गा मरना अति निम्न 2. द्वितीय यम की अवधि रात्रि 8ः25 से 10ः48 तक पक्षी गतिविधि फल गिद्ध घूमना औसत कौआ खाना उत्तम मयूर मरना अति निम्न उल्लू सोना निम्न मुर्गा शासन करना अति उत्तम 3. तृतीय यम की अवधि रात्रि 10ः49 से 1ः12 तक पक्षी गतिविधि फल गिद्ध मरना अति निम्न कौआ सोना निम्न मयूर शासन करना अति उत्तम उल्लू घूमना औसत मुर्गा खाना उत्तम 4. चतुर्थ यम की अवधि रात्रि 1ः13 से 3ः36 तक पक्षी गतिविधि फल गिद्ध शासन करना अति उत्तम कौआ घूमना औसत मयूर खाना उत्तम उल्लू मरना अति निम्न मुर्गा सोना निम्न 5. पंचम यम की अवधि रात्रि 3ः36 से सुबह 6ः00 बजे तक पक्षी गतिविधि फल गिद्ध खाना उत्तम कौआ मरना अति निम्न मयूर सोना निम्न उल्लू शासन करना अति उत्तम मुर्गा घूमना औसत बृहस्पतिवार दिन में पंचपक्षी के कृत्य 1. प्रथम यम की अवधि सुबह 6ः00 बजे से 8ः24 तक पक्षी गतिविधि फल गिद्ध शासन करना अति उत्तम कौआ सोना निम्न मयूर मरना अति निम्न उल्लू खाना उत्तम मुर्गा घूमना औसत 2. द्वितीय यम की अवधि सुबह 8ः25 से 10ः48 तक पक्षी गतिविधि फल गिद्ध घूमना औसत कौआ शासन करना अति उत्तम मयूर सोना निम्न उल्लू मरना अति निम्न मुर्गा खाना उत्तम 3. तृतीय यम की अवधि सुबह 10ः49 से 1ः12 तक पक्षी गतिविधि फल गिद्ध खाना उत्तम कौआ घूमना औसत मयूर शासन करना अति उत्तम उल्लू सोना निम्न मुर्गा मरना अति निम्न 4. चतुर्थ यम की अवधि दोपहर 1ः13 से 3ः36 तक पक्षी गतिविधि फल गिद्ध मरना अति निम्न कौआ खाना उत्तम मयूर घूमना औसत उल्लू शासन करना अति उत्तम मुर्गा सोना निम्न 5. पंचम यम की अवधि दोपहर 3ः36 से शाम 6ः00 बजे तक पक्षी गतिविधि फल गिद्ध सोना निम्न कौआ मरना अति निम्न मयूर खाना उत्तम उल्लू घूमना औसत मुर्गा शासन करना अति उत्तम रात्रि में पंचपक्षी के कृत्य 1. प्रथम यम की अवधि शाम 6ः00 बजे से 8ः24 तक पक्षी गतिविधि फल गिद्ध घूमना औसत कौआ खाना उत्तम मयूर मरना अति निम्न उल्लू सोना निम्न मुर्गा शासन करना अति उत्तम 2. द्वितीय यम की अवधि रात्रि 8ः25 से 10ः48 तक पक्षी गतिविधि फल गिद्ध मरना अति निम्न कौआ सोना निम्न मयूर शासन करना अति उत्तम उल्लू घूमना औसत मुर्गा खाना उत्तम 3. तृतीय यम की अवधि रात्रि 10ः49 से 1ः12 तक पक्षी गतिविधि फल गिद्ध शासन करना अति उत्तम कौआ घूमना औसत मयूर खाना उत्तम उल्लू मरना निम्न मुर्गा सोना अति निम्न 4. चतुर्थ यम की अवधि रात्रि 1ः13 से 3ः36 तक पक्षी गतिविधि फल गिद्ध खाना उत्तम कौआ मरना अति निम्न मयूर सोना निम्न उल्लू शासन करना अति उत्तम मुर्गा घूमना औसत 5. पंचम यम की अवधि रात्रि 3ः36 से सुबह 6 बजे तक पक्षी गतिविधि फल गिद्ध सोना निम्न कौआ शासन करना अति उत्तम मयूर घूमना औसत उल्लू खाना उत्तम मुर्गा मरना अति निम्न शुक्रवार दिन में पंचपक्षी के कृत्य 1. प्रथम यम की अवधि सुबह 6ः00 बजे से 8ः24 तक पक्षी गतिविधि फल गिद्ध खाना उत्तम कौआ घूमना औसत मयूर शासन करना अति उत्तम उल्लू सोना निम्न मुर्गा मरना अति निम्न 2. द्वितीय यम की अवधि सुबह 8ः25 से 10ः48 तक पक्षी गतिविधि फल गिद्ध मरना अति निम्न कौआ खाना उत्तम मयूर घूमना औसत उल्लू शासन करना अति उत्तम मुर्गा सोना निम्न 3. तृतीय यम की अवधि सुबह 10ः49 से 1ः12 तक पक्षी गतिविधि फल गिद्ध सोना निम्न कौआ मरना अति निम्न मयूर खाना उत्तम उल्लू घूमना औसत मुर्गा शासन करना अति उत्तम 4. चतुर्थ यम की अवधि दोपहर 1ः13 से 3ः36 तक पक्षी गतिविधि फल गिद्ध शासन करना अति उत्तम कौआ सोना निम्न मयूर मरना अति निम्न उल्लू खाना उत्तम मुर्गा घूमना औसत 5. पंचम यम की अवधि दोपहर 3ः36 से शाम 6ः00 बजे तक पक्षी गतिविधि फल गिद्ध घूमना औसत कौआ शासन करना अति उत्तम मयूर सोना निम्न उल्लू मरना अति निम्न मुर्गा खाना उत्तम रात्रि में पंचपक्षी के कृत्य 1. प्रथम यम की अवधि शाम 6ः00 बजे से 8ः24 तक पक्षी गतिविधि फल गिद्ध शासन करना अति उत्तम कौआ घूमना औसत मयूर खाना उत्तम उल्लू मरना अति निम्न मुर्गा सोना निम्न 2. द्वितीय यम की अवधि रात्रि 8ः25 से 10ः48 तक पक्षी गतिविधि फल गिद्ध खाना उत्तम कौआ मरना अति निम्न मयूर सोना निम्न उल्लू शासन करना अति उत्तम मुर्गा घूमना औसत 3. तृतीय यम की अवधि रात्रि 10ः49 से 1ः12 तक पक्षी गतिविधि फल गिद्ध सोना निम्न कौआ शासन करना अति उत्तम मयूर घूमना औसत उल्लू खाना उत्तम मुर्गा मरना अति निम्न 4. चतुर्थ यम की अवधि रात्रि 1ः13 से 3ः36 तक पक्षी गतिविधि फल गिद्ध घूमना औसत कौआ खाना उत्तम मयूर मरना अति निम्न उल्लू सोना निम्न मुर्गा शासन करना अति उत्तम 5. पंचम यम की अवधि रात्रि 3ः36 से सुबह 6 बजे तक पक्षी गतिविधि फल गिद्ध मरना अति निम्न कौआ सोना निम्न मयूर शासन करना अति उत्तम उल्लू घूमना औसत मुर्गा खाना उत्तम


टोटके विशेषांक  फ़रवरी 2015

फ्यूचर समाचार पत्रिका के टोटके विशेषांक में विभिन्न कार्यों के सफल होने हेतु सहजता तथा सुलभता से किये जाने वाले टोटके दिये गये हैं। ये टोटके आम लोगों के द्वारा आसानी से किये जा सकते हैं। इन टोटकों को करने से सन्तान सुख, स्वास्थ्य सुख, आजीविका, वैवाहिक सुख प्राप्त होता है तथा अनिष्ट का निवारण होता है। इस विशेषांक में टोटकों पर बहुत सारे लेख सम्मिलित किये गये हैं। ये लेख हैं: टोने-टोटके क्या हैं तथा ये कितने कारगर हैं?, टोटका विज्ञान अंधविश्वास नहीं है, टोटके तंत्र की विशिष्टता व सूत्र, संतान, स्वास्थ्य, आजीविका एवं वैवाहिक सुख के लिए टोटके, टोटकों का अद्भुत संसार, जन्मपत्रिका के अनिष्टकारी योग एवं अनिष्ट निवारक टोटके आदि हैं। टोटकों के अलावा इस विशेषांक के मासिक स्तम्भ, सामयिक चर्चा, आस्था, ज्योतिष एवं वास्तु पर लेख उल्लेखनीय हैं।

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